नई दिल्ली | 27 अक्टूबर 2026
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केंद्र सरकार ने मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सिंगल यूज़ मेडिकल डिवाइस और डिस्पोजेबल सर्जिकल उपकरणों के दोबारा इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निगरानी बढ़ाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
मुख्य समाचार
देशभर के अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने एक बार इस्तेमाल के लिए बनाए गए मेडिकल डिवाइस और डिस्पोजेबल सर्जिकल उपकरणों को दोबारा इस्तेमाल करने पर रोक का सख्ती से पालन कराने के निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश सरकारी और निजी, दोनों तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं पर लागू है। इसका मुख्य उद्देश्य मरीजों को संक्रमण, चिकित्सा उपकरणों की खराबी और उपचार के दौरान होने वाली दूसरी जटिलताओं से बचाना है।
सिंगल यूज़ मेडिकल डिवाइस को लेकर क्यों लिया गया फैसला?
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अनुसार, कुछ निजी और कॉरपोरेट अस्पतालों में ऐसे मेडिकल उपकरणों को साफ करके या स्टरलाइज करके दोबारा इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई थी, जिन्हें केवल एक बार उपयोग के लिए बनाया गया है। यह स्थिति मरीजों की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
16 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देश में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य अधिकारियों तथा संबंधित औषधि नियामकों से इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने को कहा गया। अधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों में नियमों के पालन की जांच करने और उल्लंघन सामने आने पर लागू कानूनों के तहत उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
किन मेडिकल उपकरणों पर लागू होगी सख्ती?
इस मामले में हृदय रोग, किडनी उपचार, कैंसर के इलाज, न्यूरोसर्जरी और अन्य जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर विशेष चिंता जताई गई है। इनमें कार्डियक कैथेटर, गाइडवायर, बैलून कैथेटर, डायलिसिस से संबंधित कुछ उपकरण और ट्यूबिंग तथा विभिन्न डिस्पोजेबल सर्जिकल उपकरण शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, किसी उपकरण के दोबारा इस्तेमाल की अनुमति उसकी श्रेणी, निर्माता के निर्देशों और लागू नियमों पर निर्भर करती है। इसलिए सभी मेडिकल उपकरणों को एक ही श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए। जिन उपकरणों पर सिंगल यूज़ का स्पष्ट निर्देश है, उनका इस्तेमाल निर्धारित सीमा के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
दोबारा इस्तेमाल से मरीजों को क्या खतरा है?
एक बार इस्तेमाल के लिए बनाए गए मेडिकल उपकरणों को दोबारा उपयोग करने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। उपकरण की बनावट, उसकी कार्यक्षमता या उसकी सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। यदि सफाई और संक्रमण नियंत्रण की प्रक्रिया पर्याप्त न हो, तो एक मरीज से दूसरे मरीज तक संक्रमण पहुंचने की आशंका पैदा हो सकती है।
कुछ उपकरणों की संरचना इतनी जटिल होती है कि सामान्य सफाई या स्टरलाइजेशन से उनके पूरी तरह सुरक्षित होने की गारंटी नहीं मिलती। ऐसे उपकरणों के दोबारा इस्तेमाल से उपचार के दौरान खराबी, चोट या अन्य चिकित्सकीय जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
अस्पतालों की जिम्मेदारी बढ़ी
नए निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभागों, अस्पताल प्रशासन और औषधि नियामक अधिकारियों को नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना होगा। अस्पतालों को मेडिकल डिवाइस के इस्तेमाल, उनके सुरक्षित निपटान और संक्रमण नियंत्रण संबंधी प्रक्रियाओं पर ध्यान देना होगा।
निर्माता द्वारा दिए गए निर्देशों और लागू चिकित्सा मानकों का पालन करना भी आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्वास्थ्य संस्थान में नियमों का उल्लंघन मिलता है।
संबंधित कानूनों और विनियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
मरीजों से पूरी कीमत लेने का मुद्दा भी उठा
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने यह चिंता भी जताई है।
कुछ मामलों में दोबारा इस्तेमाल किए गए उपकरणों के बावजूद मरीजों से उनकी पूरी कीमत वसूले जाने या सरकारी योजनाओं के तहत पूरा खर्च प्राप्त किए जाने की स्थिति सामने आई है।
इस पहलू ने उपचार की लागत, पारदर्शिता और मरीजों के अधिकारों से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं।
मरीजों को उपचार के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों और बिल में दर्ज शुल्क के बारे में अस्पताल से जानकारी मांगने का अधिकार है।
हालांकि, किसी विशेष अस्पताल के खिलाफ अनियमितता का निष्कर्ष संबंधित जांच कराई जाएगी।
प्रमाणों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
केंद्र के इस कदम का उद्देश्य अस्पतालों में सुरक्षित चिकित्सा प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना,
संक्रमण नियंत्रण को मजबूत करना और मरीजों के हितों की रक्षा करना है।
अब राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की निगरानी व्यवस्था तथा अस्पतालों द्वारा निर्देशों के पालन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
Headings
सिंगल यूज़ मेडिकल डिवाइस के दोबारा इस्तेमाल पर रोक क्यों?
किन अस्पतालों और मेडिकल उपकरणों पर लागू होंगे निर्देश?
दोबारा इस्तेमाल से मरीजों को क्या नुकसान हो सकता है?
नियमों का उल्लंघन होने पर क्या होगी कार्रवाई?
Facts/Details
- निर्देश जारी करने वाला प्राधिकरण: स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS)।
- निर्देश की तारीख: 16 अक्टूबर 2026।
- मुख्य उद्देश्य: मरीजों की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण।
- लागू क्षेत्र: संबंधित प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थान।
- विशेष निगरानी वाले क्षेत्र: कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और न्यूरोसर्जरी सहित अन्य विशेष चिकित्सा सेवाएं।
- संबंधित कानून: औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940; मेडिकल डिवाइस नियम, 2017; तथा लागू अन्य स्वास्थ्य एवं संक्रमण नियंत्रण प्रावधान।
- कार्रवाई: निरीक्षण, निगरानी और उल्लंघन के मामलों में लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई।
Statement
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय का संदेश स्पष्ट है कि एक बार इस्तेमाल के लिए निर्धारित मेडिकल डिवाइस और डिस्पोजेबल सर्जिकल उपकरणों का उपयोग निर्माता के निर्देशों के अनुसार ही होना चाहिए।
अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण की रोकथाम और चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है।
संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का प्रभावी अनुपालन कराने के लिए निगरानी और निरीक्षण की व्यवस्था मजबूत करनी होगी।
FAQ
प्रश्न 1: सिंगल यूज़ मेडिकल डिवाइस क्या होता है?
उत्तर: ऐसा मेडिकल उपकरण जिसे निर्माता एक बार इस्तेमाल करने के लिए निर्धारित करता है। इस्तेमाल के बाद उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निपटाया जाता है।
प्रश्न 2: क्या सिंगल यूज़ मेडिकल डिवाइस को स्टरलाइज करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है?
उत्तर: संबंधित निर्देशों के अनुसार, एक बार इस्तेमाल के लिए निर्धारित उपकरणों का दोबारा इस्तेमाल प्रतिबंधित है। केवल साफ कर देना या स्टरलाइज करना दोबारा इस्तेमाल की अनुमति नहीं देता।
प्रश्न 3: क्या यह निर्देश निजी अस्पतालों पर भी लागू है?
उत्तर: हां, निर्देशों में सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रश्न 4: दोबारा इस्तेमाल से मरीजों को क्या खतरा हो सकता है?
उत्तर: इससे संक्रमण, उपकरण की खराबी, कार्यक्षमता में कमी और उपचार संबंधी जटिलताओं का खतरा पैदा हो सकता है।
प्रश्न 5: मरीज क्या सावधानी बरत सकते हैं?
उत्तर: मरीज अस्पताल से इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों, उनकी सिंगल यूज़ स्थिति और बिल में दर्ज शुल्क के बारे में जानकारी मांग सकते हैं।
Conclusion
सिंगल यूज़ मेडिकल डिवाइस के दोबारा इस्तेमाल पर सख्ती मरीजों की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम है।
निर्देशों का प्रभावी पालन, नियमित निगरानी और पारदर्शी चिकित्सा व्यवस्था संक्रमण के जोखिम को कम करने में मददगार होंगे।