“अमेरिका और चीन की प्रणालियाँ भी हमारे नए ड्रोन पकड़ नहीं पाएंगी” – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
नोएडा। बदलते युद्ध–परिदृश्य में ड्रोन-तकनीक की निर्णायक भूमिका पर बल देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत में विकसित होने वाली नई पीढ़ी की ड्रोन प्रणालियाँ इतनी उन्नत होंगी कि अमेरिका और चीन जैसी महाशक्तियों की रक्षा प्रणालियाँ भी उन्हें पकड़ नहीं पाएँगी। वे रविवार को नोएडा में रक्षा उपकरण एवं इंजन परीक्षण केंद्र (Testing Centre) के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे।
ड्रोन अब युद्ध-रणनीति का केंद्र
रक्षा मंत्री ने कहा कि समय के साथ युद्ध की प्रकृति, रणनीति और उपयोग होने वाले साधन तेज़ी से बदल रहे हैं। आज ड्रोन सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि—
- सटीक लक्ष्यभेदन,
- सीमा और संवेदनशील इलाकों में तेज़ रसद-आपूर्ति,
- कठिन भूभाग में सैनिकों तक सामग्री पहुँचाने,
- और वास्तविक-समय खुफिया सूचना जुटाने
जैसे कार्यों में भी उनकी उपयोगिता सिद्ध हो चुकी है। इसलिए भारत ने अनुसंधान, डिज़ाइन और उत्पादन—तीनों मोर्चों पर ड्रोन को प्राथमिकता दी है।
सेक्टर-81 में अत्याधुनिक निर्माण व परीक्षण
शुभारंभ के बाद रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने नोएडा सेक्टर-81 स्थित उस इकाई का निरीक्षण किया जहाँ ड्रोन और विभिन्न रक्षा उपकरणों का निर्माण व परीक्षण होगा। यहाँ विकसित प्रणालियों में—
- पेलोड-ड्रॉप ड्रोन (मानवीय सहायता व आपूर्ति के लिए),
- स्वॉर्म ड्रोन (झुंड में समन्वित कार्रवाई करने वाली प्रणाली),
- स्टैंड-ऑफ निर्देशित मिसाइल-ड्रोन (दूर से सटीक प्रहार करने की क्षमता)
जैसी क्षमताएँ शामिल हैं। राजनाथ सिंह ने इन मॉडलों को ‘अगली पीढ़ी’ की तकनीक बताते हुए डीआरडीओ, उद्योग और स्टार्ट-अप्स के समन्वय की सराहना की। उनके अनुसार, स्वदेशी इंजन-टेस्टिंग की सुविधा शुरू होने से प्रमाणन, गुणवत्ता जाँच और फील्ड-ट्रायल अब देश में ही संभव होंगे; विदेशी निर्भरता और समय-लागत दोनों घटेंगे।
आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ कदम
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब ‘खरीदार’ से ‘निर्माता’ की भूमिका में आ रहा है। मिशन-मोड में चल रहे स्वदेशीकरण, निजी क्षेत्र की भागीदारी और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम ने रक्षा विनिर्माण में अभूतपूर्व गति दी है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भारतीय ड्रोन-प्रणालियाँ विश्व-स्तर पर मानक तय करेंगी।
“प्रदेश रक्षा उत्पादन का नया केंद्र बन रहा है” – सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत ने अपनी सामरिक क्षमता का अहसास दुनिया को कराया है। अब परीक्षण और मानकीकरण जैसी सुविधाएँ उत्तर प्रदेश में उपलब्ध होने से उद्योग को बड़ा मंच मिलेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए बहु-आयामी काम हुआ है; भूमि आवंटन, अवसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण रक्षा-उद्योग, विशेषकर ड्रोन व एवियोनिक्स, तेजी से विकसित हो रहा है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार और उच्च-कौशल वाली नौकरियाँ सृजित होंगी।
कार्यक्रम का सार
- नोएडा में रक्षा उपकरण एवं