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यह समाचार उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और कश्मीर में प्राकृतिक आपदा की स्थिति पर केंद्रित है। इसमें भूस्खलन, बादल फटना, भारी बारिश और उससे हुई तबाही का विस्तृत विवरण दिया गया है। आइए विस्तार से समझते हैं –
उत्तराखंड व हिमाचल में तबाही
- घटनाएँ: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएँ हुईं।
- जनहानि: इन घटनाओं में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं।
- मुख्य क्षेत्र प्रभावित:
- हिमाचल प्रदेश के मणिकर्ण, हडसर, चंबा के भरमौर क्षेत्र, मंडी और कुल्लू badly प्रभावित हुए हैं।
- उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में भारी नुकसान हुआ।
- यात्रियों की स्थिति:
- हिमाचल में करीब 7,000 श्रद्धालु भरमौर और हडसर में फँसे हुए हैं।
- मणिकर्ण घाटी में लगभग 900 श्रद्धालु बारिश और भूस्खलन के कारण फँस गए हैं।
- सेना और एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
टिहरी (उत्तराखंड) की स्थिति
- टिहरी जिले के सीमांत क्षेत्र घनसाली में शुक्रवार तड़के बादल फटने की घटना हुई।
- इससे भागीरथी नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया।
- 100 मीटर तक सड़क बह जाने से रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले का संपर्क टूट गया।
- गाँवों में कई मकानों और दुकानों को नुकसान हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का कहर
- दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को भारी बारिश हुई।
- कई जगह सड़कों पर जलभराव और जाम की स्थिति बनी।
- इस साल अगस्त महीने में दिल्ली में 400.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 15 सालों में सबसे ज्यादा है।
- 2010 में अगस्त में 455.8 मिमी बारिश हुई थी, उसके बाद इतनी बारिश पहली बार दर्ज हुई।
हिमाचल में मौतें और सड़कें बंद
- हिमाचल प्रदेश में 5 लोगों की जान गई और कई घायल हुए।
- मंडी में भूस्खलन के कारण 3 मकान ढह गए, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई।
- शिमला-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग दो दिन से बंद है, करीब 2000 वाहन फँसे हुए हैं।
- चंबा, मंडी और कांगड़ा जिले में हालात गंभीर हैं।
कश्मीर की स्थिति
- कश्मीर में भी भारी बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
- जगह-जगह भूस्खलन से यातायात बाधित है।
- पूर्वी मध्यप्रदेश के सागर और जबलपुर में भी भारी बारिश हुई है।
मुख्य बिंदु
- मौतें: अब तक 11 मौतें, 12 लापता।
- फँसे श्रद्धालु: हिमाचल व उत्तराखंड में लगभग 8,000 से अधिक।
- दिल्ली-एनसीआर: 15 साल का बारिश का रिकॉर्ड टूटा।
- सड़क व यातायात: राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, हजारों गाड़ियाँ फँसी।
- सेना व राहत कार्य: एसडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन बचाव अभियान में जुटा।
👉 कुल मिलाकर, उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन व बादल फटने, दिल्ली-एनसीआर में रिकॉर्ड बारिश, और कश्मीर में सड़कें धंसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य चला रहा है, लेकिन हालात अभी भी गंभीर बने हुए है