गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | 21 अक्टूबर 2026
गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के रजही चौराहे के पास दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगे डीजे का लोहे का पाइप 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। करंट लगने से तीन युवकों की मौत हो गई और कई लोग झुलस गए।
मुख्य समाचार
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बुधवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए भीषण विद्युत हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गुलरिहा थाना क्षेत्र के रजही चौराहे के पास विसर्जन के लिए जा रही श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गई। इस हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोगों के झुलसने की जानकारी सामने आई है। घायलों को उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डीजे का पाइप हाईटेंशन तार से टकराया
मिली जानकारी के अनुसार, जंगल अयोध्या प्रसाद गांव के चौहान टोला से श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए निकले थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर डीजे भी लगाया गया था। जुलूस में शामिल लोग नाचते-गाते हुए आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान शाम करीब पांच बजे जब ट्रैक्टर-ट्रॉली रजही चौराहे के पास पहुंची, तभी डीजे सेटअप में लगा लोहे का पाइप ऊपर से गुजर रही 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया।
तार के संपर्क में आते ही ट्रॉली पर करंट फैल गया। उस पर सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई लोग इसकी चपेट में आकर झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। विसर्जन की खुशियां अचानक चीख-पुकार में बदल गईं। स्थानीय लोग घायलों की मदद के लिए आगे आए और पुलिस तथा प्रशासन को घटना की सूचना दी गई।
दो सगे भाइयों समेत तीन की मौत
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान लकी चौहान (17 वर्ष), विक्की चौहान (18 वर्ष) और चंदन चौहान (21 वर्ष) के रूप में बताई गई है। लकी और विक्की सगे भाई थे। वहीं, चंदन उनका मौसेरा भाई था। तीनों जंगल अयोध्या प्रसाद गांव के चौहान टोला क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
एक ही परिवार के तीन युवकों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिन घरों में त्योहार और विसर्जन को लेकर उत्साह था, वहां अचानक मातम छा गया। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों के बीच शोक का माहौल बन गया।
घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया
घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बिजली आपूर्ति बंद कराने की कार्रवाई की गई। इसके बाद झुलसे हुए लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों को गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार शुरू कराया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 10 लोग झुलसे हैं।
हालांकि, घायलों की अंतिम संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में अस्पताल तथा प्रशासन की ओर से जारी विस्तृत जानकारी के आधार पर ही पुष्टि की जानी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने धार्मिक जुलूसों और प्रतिमा विसर्जन के दौरान विद्युत सुरक्षा की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऊंचे डीजे सेटअप, लोहे के पाइप और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगे उपकरणों के साथ बिजली की लाइनों के नीचे से गुजरना जानलेवा साबित हो सकता है।
ऐसे आयोजनों में बिजली के तारों की ऊंचाई, जुलूस के मार्ग, डीजे की संरचना और विद्युत विभाग के साथ समन्वय पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
प्रशासन और आयोजन समितियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम हों।
फिलहाल इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतकों के परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति है।
घटना से जुड़े अन्य विवरण और घायलों की स्थिति की पुष्टि संबंधित प्रशासनिक जानकारी के आधार पर की जानी चाहिए।
Headings
डीजे का पाइप हाईटेंशन तार से टकराया
दो सगे भाइयों समेत तीन की मौत
घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
Facts/Details
गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के रजही चौराहे के पास 21 अक्टूबर 2026 की शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हादसा हुआ।
- स्थान: रजही चौराहा, गुलरिहा थाना क्षेत्र, गोरखपुर।
- समय: शाम करीब पांच बजे।
- हादसे का कारण: डीजे सेटअप का लोहे का पाइप 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकराना।
- मृतक: लकी चौहान (17), विक्की चौहान (18) और चंदन चौहान (21)।
- पारिवारिक संबंध: लकी और विक्की सगे भाई थे, जबकि चंदन उनका मौसेरा भाई था।
- घायल: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 10 लोग झुलसे।
- अस्पताल: बीआरडी मेडिकल कॉलेज का नेहरू अस्पताल, गोरखपुर।
- मुख्य चिंता: विसर्जन जुलूस के दौरान हाईटेंशन लाइन से सुरक्षा और डीजे की ऊंचाई।
Statement
इस हादसे से जुड़ी किसी आधिकारिक प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी की पुष्टि की गई टिप्पणी उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है।
इसलिए किसी अधिकारी के नाम से बयान देना उचित नहीं होगा।
घटना से यह स्पष्ट होता है कि प्रतिमा विसर्जन जैसे आयोजनों में बिजली की लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना,
डीजे के लोहे के पाइप की ऊंचाई पर नियंत्रण रखना और विद्युत विभाग के साथ समन्वय करना बेहद जरूरी है।
ऐसी सावधानियां भविष्य में जानलेवा हादसों को रोकने में मदद कर सकती हैं।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: गोरखपुर में हादसा कहां हुआ?
उत्तर: हादसा गुलरिहा थाना क्षेत्र के रजही चौराहे के पास हुआ।
प्रश्न 2: हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार तीन युवकों की मौत हुई है।
प्रश्न 3: हादसा कैसे हुआ?
उत्तर: ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगे डीजे का लोहे का पाइप 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया, जिससे करंट फैल गया।
प्रश्न 4: मृतकों की पहचान क्या है?
उत्तर: मृतकों की पहचान लकी चौहान, विक्की चौहान और चंदन चौहान के रूप में बताई गई है।
प्रश्न 5: घायलों को कहां भर्ती कराया गया?
उत्तर: झुलसे लोगों को उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया।10.
गोरखपुर के रजही चौराहे पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ यह हादसा बेहद दुखद है।
तीन युवकों की मौत ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
धार्मिक आयोजनों में विद्युत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।