गोरखपुर में जनता दर्शन के दौरान कोचिंग फीस, अधूरे पाठ्यक्रम और छात्रवृत्ति में जाति निर्धारण की शिकायतें सामने आईं

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | 15 अक्टूबर 2026

परिचय

गोरखपुर में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान अनएकेडमी कोचिंग में पाठ्यक्रम अधूरा रहने, विद्यार्थियों को दूसरे संस्थान में भेजने, अतिरिक्त शुल्क मांगने और छात्रवृत्ति में जाति निर्धारण के आधार से जुड़े मामले उठाए गए।

मुख्य खबर

गोरखपुर। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनता दर्शन में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण करने और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में शिक्षा, कोचिंग संस्थानों की व्यवस्था और छात्रवृत्ति से जुड़े मामलों ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत करते हुए उचित समाधान की मांग की, जबकि छात्रवृत्ति के एक मामले में जाति निर्धारण के आधार को स्पष्ट करने की मांग उठाई गई।

अनएकेडमी कोचिंग में पाठ्यक्रम अधूरा रहने की शिकायत

जनता दर्शन में पहुंचे विद्यार्थियों ने अनएकेडमी कोचिंग संस्थान से संबंधित शिकायत जिलाधिकारी के सामने रखी। विद्यार्थियों के अनुसार, उन्होंने नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संस्थान में प्रवेश लिया था। प्रवेश के समय उन्हें निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा कराने का आश्वासन दिया गया था। कुछ विद्यार्थियों ने वार्षिक फीस पूरी जमा कर दी थी, जबकि कुछ ने आंशिक भुगतान किया था।

विद्यार्थियों का आरोप है कि अब संस्थान की ओर से पाठ्यक्रम पूरा कराने में असमर्थता जताई जा रही है। शिकायत में संस्थान के प्रबंधक राजीव तिवारी का नाम भी उल्लेखित किया गया। विद्यार्थियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उन्होंने समय और धन दोनों का निवेश किया है। ऐसे में पाठ्यक्रम अधूरा रह जाने से उनकी तैयारी प्रभावित होने की आशंका है।

दूसरे कोचिंग संस्थान में भेजे जाने पर उठाए सवाल

विद्यार्थियों ने शिकायत में बताया कि उन्हें आकाश कोचिंग की सिटी मॉल शाखा में भेज दिया गया है। उनका कहना है कि वहां की शिक्षण व्यवस्था और पढ़ाने का तरीका उनकी पूर्व की पढ़ाई से अलग है, जिससे विषयों को समझने में कठिनाई हो रही है।

विद्यार्थियों के अनुसार, संस्थान की व्यवस्था में बदलाव के कारण उनकी तैयारी की निरंतरता प्रभावित हो रही है। उन्होंने अतिरिक्त शुल्क मांगे जाने का आरोप भी लगाया।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित संस्थानों का पक्ष सामने आना आवश्यक है।

विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी से मांग की कि उन्हें पहले पढ़ा रहे शिक्षकों के माध्यम से ही पूरा पाठ्यक्रम पढ़ने की व्यवस्था कराई जाए।

यदि ऐसा संभव नहीं है, तो जमा की गई फीस की वापसी के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उनका कहना है कि संस्थान की व्यवस्था में बदलाव का नुकसान विद्यार्थियों को नहीं उठाना चाहिए।

छात्रवृत्ति में जाति निर्धारण के आधार पर सवाल

जनता दर्शन में छात्रवृत्ति से संबंधित एक अन्य शिकायत भी सामने आई।

शिकायतकर्ता ने जाति निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रवृत्ति का लाभ संबंधित विद्यार्थी को मिलना चाहिए।

वास्तविक पात्रता, लागू नियमों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर तय किया जाना चाहिए।

शिकायत में सरनेम के आधार पर जाति निर्धारित किए जाने की प्रक्रिया।

आपत्ति जताई गई और इसके लिए अपनाए गए आधार को स्पष्ट करने की मांग की गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी से स्पष्टीकरण।

संबंधित अभिलेखों और जाति निर्धारण के आधार की जांच करने के निर्देश दिए।

छात्रवृत्ति योजनाओं में पात्रता का निर्धारण संबंधित योजना के नियमों और वैध दस्तावेजों के अनुसार किया जाना महत्वपूर्ण है।

ऐसे मामलों में शिकायत की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया है या नहीं।

गैर-सरकारी संगठन को अनुमोदन देने की प्रक्रिया पर भी शिकायत

जनता दर्शन में एक गैर-सरकारी संगठन को अनुमोदन दिए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए।

शिकायतकर्ता ने संबंधित संगठन को स्वीकृति प्रदान करने में लागू सरकारी निर्देशों,

निर्धारित मानकों और आवश्यक अनुमतियों का पालन किए जाने की जांच कराने की मांग की।

इस मामले में संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के आधार पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता बताई गई।

किसी संगठन को अनुमोदन दिए जाने की वैधता का निर्धारण संबंधित नियम।

दस्तावेजों और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के आधार पर किया जा सकता है।

अधिकारियों को निष्पक्ष जांच और जवाबदेही के निर्देश

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों के आधार पर जांच की जाए।

उन्होंने नियमानुसार कार्रवाई करने और शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता तथा जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया।

कोचिंग संस्थान से संबंधित शिकायत में विद्यार्थियों की पढ़ाई और फीस के सवाल महत्वपूर्ण हैं।

छात्रवृत्ति और संगठन के अनुमोदन से जुड़े मामले।अभिलेखों तथा लागू। नियमों की जांच के बाद ही उचित निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।

जनता दर्शन का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना और उनके समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

अब संबंधित अधिकारियों की जांच और कार्रवाई।

यह स्पष्ट होगा कि विद्यार्थियों तथा अन्य शिकायतकर्ताओं को क्या राहत मिलती है।

Facts/Details

  • स्थान: गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
  • प्रशासनिक अधिकारी: जिलाधिकारी दीपक मीणा।
  • कोचिंग से जुड़ी शिकायत: नीट और जेईई की तैयारी का पाठ्यक्रम अधूरा रहने का आरोप।
  • विद्यार्थियों की मांग: पुराने शिक्षकों से पाठ्यक्रम पूरा कराया जाए या नियमानुसार फीस वापसी की कार्रवाई हो।
  • दूसरे संस्थान का उल्लेख: आकाश कोचिंग की सिटी मॉल शाखा।
  • छात्रवृत्ति का मामला: जाति निर्धारण के आधार और संबंधित अभिलेखों की जांच।
  • संबंधित विभाग: समाज कल्याण विभाग।अन्य शिकायत: गैर-सरकारी संगठन को अनुमोदन देने की प्रक्रिया।
  • प्रशासनिक निर्देश: शिकायतों की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई।

Statement

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच कर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थियों की पढ़ाई, छात्रवृत्ति की पात्रता और अन्य प्रशासनिक शिकायतों से जुड़े मामलों में उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण कर उचित समाधान की दिशा में कदम उठाने पर जोर दिया गया।

FAQ

1. गोरखपुर के जनता दर्शन में किन प्रमुख शिकायतों को उठाया गया?

अनएकेडमी कोचिंग में पाठ्यक्रम अधूरा रहने, विद्यार्थियों को दूसरे संस्थान में भेजने, अतिरिक्त शुल्क और छात्रवृत्ति में जाति निर्धारण के आधार से जुड़ी शिकायतें सामने आईं।

2. विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी से क्या मांग की?

विद्यार्थियों ने पुराने शिक्षकों से पाठ्यक्रम पूरा कराने या नियमानुसार फीस वापस दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

3. छात्रवृत्ति मामले में जिलाधिकारी ने क्या निर्देश दिए?

जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने और जाति निर्धारण के आधार तथा संबंधित अभिलेखों की जांच करने के निर्देश दिए।

4. क्या कोचिंग संस्थान के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिकायत सामने आई है और जांच तथा नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अंतिम कार्रवाई की पुष्टि के लिए प्रशासनिक जानकारी आवश्यक होगी।

5. गैर-सरकारी संगठन से संबंधित शिकायत क्या थी?

शिकायतकर्ता ने संगठन को अनुमोदन दिए जाने की प्रक्रिया में लागू नियमों, सरकारी निर्देशों और आवश्यक स्वीकृतियों के पालन की जांच कराने की मांग की।

गोरखपुर के जनता दर्शन में विद्यार्थियों की पढ़ाई, फीस और छात्रवृत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठे।

जिलाधिकारी के निर्देश के बाद संबंधित मामलों में जांच और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।