राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर, 12 अक्टूबर 2026।
परिचय
गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र में मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता पैदल मार्च निकाला गया। थाना प्रभारी सीपी पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने बाजार और प्रमुख चौराहों पर लोगों को महिला सुरक्षा तथा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।
मुख्य खबर
गोरखपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोला थाना क्षेत्र में मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूकता पैदल मार्च निकाला गया। थाना प्रभारी सीपी पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा के उपायों तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस ने आम लोगों से भी महिला सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने की अपील की।
गोला थाने से शुरू हुआ जागरूकता मार्च
मिशन शक्ति अभियान के तहत निकाला गया पैदल मार्च गोला थाने से शुरू हुआ। पुलिसकर्मी मुख्य चौक बाजार से होते हुए पश्चिमी चौराहे तक पहुंचे। इसके बाद मार्च वापस गोला थाने के प्रांगण में आकर समाप्त हुआ। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने प्रमुख स्थानों पर लोगों को महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
मार्च का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था का संदेश देना ही नहीं, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी रहा। पुलिस ने लोगों को समझाया कि महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़, दुर्व्यवहार या किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ध्वनि यंत्रों से किया गया जागरूक
पैदल मार्च के दौरान ध्वनि यंत्रों के माध्यम से महिला सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से संबंधित संदेश प्रसारित किए गए। पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं से अपील की कि यदि उनके साथ किसी प्रकार की परेशानी, छेड़छाड़ या उत्पीड़न की घटना होती है, तो वे चुप रहने के बजाय तत्काल पुलिस से संपर्क करें।
गोला गोरखपुर में मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा जागरूकता पैदल मार्च निकालते पुलिसकर्मी
अभियान के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि महिलाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार, समाज और प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है।
पुलिस ने लोगों को यह भी समझाया कि किसी महिला या बालिका के साथ गलत व्यवहार की जानकारी मिलने पर संवेदनशीलता के साथ उचित कदम उठाना चाहिए।पीड़ित महिला को दोष देने के बजाय उसकी सहायता करना और जरूरत पड़ने पर पुलिस तक सूचना पहुंचाना सामाजिक जिम्मेदारी है।
महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
मिशन शक्ति अभियान के तहत गोला क्षेत्र के प्रमुख चौराहों और बाजारों में महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। महिलाओं और बालिकाओं को बताया गया कि आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए संबंधित हेल्पलाइन सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।
पुलिस ने 112 आपातकालीन सहायता नंबर, 1090 महिला पावर हेल्पलाइन और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी।
इन नंबरों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का उद्देश्य यह है कि जरूरत पड़ने पर महिलाएं,
बालिकाएं और बच्चे समय रहते सहायता प्राप्त कर सकें।
अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने और कठिन परिस्थिति में मदद मांगने से नहीं घबराने का संदेश दिया गया।
महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर जोर
शारदीय नवरात्रि के दौरान आयोजित
जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से महिला सम्मान और सुरक्षा का संदेश दिया गया।
जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की सक्रियता से लोगों को सुरक्षा व्यवस्था के प्रति जागरूक करना है।
साथ ही महिलाओं में भरोसा मजबूत करने पर जोर दिया गया।
मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी देने और किसी भी तरह के उत्पीड़न के विरुद्ध सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
गोला थाना क्षेत्र में निकाले गए इस पैदल मार्च के जरिए पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया।
महिला सुरक्षा, सम्मान और जागरूकता को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
हेडलाइन
- गोला थाने से मुख्य बाजार तक निकला पैदल मार्च
- ध्वनि यंत्रों से महिला सुरक्षा का दिया संदेश
- 112, 1090 और 1098 हेल्पलाइन की दी गई जानकारी
- मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को जागरूक करने पर जोर
Facts/Details
गोला थाना क्षेत्र में मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा जागरूकता पैदल मार्च थाना प्रभारी सीपी पाण्डेय के नेतृत्व में निकाला गया।
- अभियान: मिशन शक्तिस्थान: गोला थाना क्षेत्र,
- गोरखपुरनेतृत्व: थाना प्रभारी सीपी पाण्डेय
- शुरुआती स्थान: गोला थानाप्रमुख मार्ग: मुख्य चौक बाजार से पश्चिमी चौराहा
- समापन स्थल: गोला थाना परिसर
- मुख्य उद्देश्य: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों और स्वावलंबन के प्रति जागरूकता बढ़ाना112: आपातकालीन सहायता1090: उत्तर प्रदेश महिला पावर हेल्पलाइन1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
अभियान के दौरान ध्वनि यंत्रों से जागरूकता।
संदेश प्रसारित किए गए और जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने की अपील की गई।
मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित जागरूकता पैदल मार्च का मुख्य उद्देश्य
महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा तथा अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
थाना प्रभारी सीपी पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने बाजार और प्रमुख चौराहों पर लोगों को महिला को जागरूक किया गया।
सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं से अपील की।
छेड़छाड़, उत्पीड़न या किसी अन्य परेशानी की स्थिति में चुप न रहें और तत्काल संबंधित सहायता प्राप्त करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: गोला में महिला सुरक्षा जागरूकता मार्च क्यों निकाला गया?
उत्तर: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों तथा स्वावलंबन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मिशन शक्ति अभियान के तहत मार्च निकाला गया।
प्रश्न 2: पैदल मार्च का नेतृत्व किसने किया?
उत्तर: गोला थाना प्रभारी सीपी पाण्डेय ने पैदल मार्च का नेतृत्व किया।
प्रश्न 3: मार्च कहां से शुरू होकर कहां समाप्त हुआ?
उत्तर: मार्च गोला थाने से शुरू होकर मुख्य चौक बाजार और पश्चिमी चौराहे तक गया तथा वापस थाना परिसर में समाप्त हुआ।
प्रश्न 4: आपात स्थिति में किस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें?
उत्तर: आपातकालीन सहायता के लिए 112, उत्तर प्रदेश महिला पावर हेल्पलाइन के लिए 1090 और बच्चों से संबंधित सहायता के लिए 1098 का उपयोग किया जा सकता है।
प्रश्न 5: मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण, अधिकारों की जानकारी और उत्पीड़न की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के प्रति जागरूक करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
गोला में मिशन शक्ति के तहत निकाले गए पैदल मार्च को विस्तार पूर्वक।
महिला सुरक्षा, सम्मान और जागरूकता का संदेश दिया गया।
पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं से किसी भी परेशानी की स्थिति में आगे आकर सहायता लेने की अपील की।
ऐसे अभियान सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।