धुरियापार के धवलेश्वरनाथ मंदिर से निकली रुद्र महायज्ञ की शोभायात्रा, उरुवा में हुआ भव्य स्वागत

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर, 11 अक्टूबर 2026

परिचय

गोरखपुर जिले के बड़हलगंज स्थित मुक्ति पथ पर आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा और रुद्र महायज्ञ के लिए रविवार को भव्य कलश एवं शोभायात्रा निकाली गई। धुरियापार के प्राचीन धवलेश्वरनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई इस यात्रा में साधु-संतों, यज्ञाचार्यों, जनप्रतिनिधियों और हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

मुख्य खबर

गोरखपुर में रुद्र महायज्ञ की भव्य कलश शोभायात्रा, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

गोरखपुर। पितरों की तृप्ति, धार्मिक आस्था और लोककल्याण की भावना से आयोजित रुद्र महायज्ञ के लिए रविवार, 11 अक्टूबर को गोरखपुर जिले में भव्य कलश एवं शोभायात्रा निकाली गई। बड़हलगंज स्थित मुक्ति पथ पर 11 से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत धुरियापार कस्बे के प्राचीन धवलेश्वरनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, साधु-संतों, यज्ञाचार्यों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

धवलेश्वरनाथ मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ हुआ पूजन

कार्यक्रम की शुरुआत धुरियापार स्थित प्राचीन बाबा धवलेश्वरनाथ मंदिर में हुई। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे यज्ञाचार्यों और साधु-संतों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान की पूजा-अर्चना की। धार्मिक अनुष्ठान में चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी भी शामिल हुए। इस अवसर पर खजनी के विधायक श्रीराम चौहान, उरुवा के प्रमुख प्रतिनिधि कृपाशंकर दुबे उर्फ जुगनू दुबे तथा जिला पंचायत सदस्य गौरीशंकर मिश्रा उर्फ डिंकू मिश्रा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना पूरी होने के बाद कलश यात्रा और शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया और विभिन्न स्थानों पर देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियों का दर्शन किया।

भगवान श्रीराम, माता जानकी और भगवान शिव की निकली झांकियां

शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, माता जानकी, भगवान शंकर, माता पार्वती और माता दुर्गा सहित विभिन्न देवी-देवताओं की सुसज्जित झांकियां निकाली गईं। आकर्षक ढंग से सजाए गए रथ यात्रा का मुख्य आकर्षण रहे। यात्रा जिस भी मार्ग से गुजरी, वहां स्थानीय लोगों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ इसका स्वागत किया।

इस दौरान जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयकारों से आसपास का वातावरण भक्तिमय हो उठा। कई स्थानों पर लोगों ने शोभायात्रा का दर्शन किया और धार्मिक कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। सजे हुए रथों के पीछे बड़ी संख्या में चारपहिया वाहन भी चल रहे थे, जिससे यात्रा का स्वरूप भव्य दिखाई दिया।

उरुवा चौराहे पर हुआ शोभायात्रा का भव्य स्वागत

शोभायात्रा के स्वागत के लिए उरुवा चौराहे पर विशेष तैयारियां की गई थीं। नगर पंचायत उरुवा की ओर से श्रद्धालुओं और यात्रा में शामिल संत-महात्माओं के स्वागत की व्यवस्था की गई। सुबह से ही स्थानीय लोग स्वागत के लिए जुटने लगे थे।

जब शोभायात्रा उरुवा चौराहे पर पहुंची तो वहां श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। यज्ञाचार्यों और संत-महात्माओं का बुलडोजर से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नवीन सिंह ने साधु-संतों को माल्यार्पण किया और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान धार्मिक गीतों और भजनों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। अंतरराष्ट्रीय लोक गायक पिंटू प्रीतम की टीम ने देवी गीतों और भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी। संगीत और भक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को कई घंटों तक बांधे रखा। श्रद्धालु भजनों का आनंद लेते हुए धार्मिक उत्सव में शामिल होते रहे।

17 अक्टूबर तक चलेगी श्रीमद्भागवत कथा

बड़हलगंज के मुक्ति पथ पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा और रुद्र महायज्ञ का कार्यक्रम 17 अक्टूबर तक निर्धारित है।

आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठानों और कथा श्रवण से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह से रुद्र महायज्ञ में शामिल होने की अपील की।

उन्होंने धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।

पूरे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।

धार्मिक आस्था, संत-महात्माओं के सम्मान, भक्ति संगीत और देवी-देवताओं की झांकियों से सजी इस शोभायात्रा ने धुरियापार से उरुवा तक श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।

अब श्रद्धालुओं की निगाहें मुक्ति पथ पर होने वाले आगामी धार्मिक अनुष्ठानों और श्रीमद्भागवत कथा पर टिकी हैं।

हेडलाइन

धुरियापार के धवलेश्वरनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजन

देवी-देवताओं की झांकियों से भक्तिमय हुआ माहौल

उरुवा चौराहे पर पुष्पवर्षा कर संत-महात्माओं का स्वागत

17 अक्टूबर तक चलेगी श्रीमद्भागवत कथा और रुद्र महायज्ञ

Facts/Details

गोरखपुर जिले में आयोजित रुद्र महायज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा से जुड़ी प्रमुख जानकारियां:

  • आयोजन स्थल: मुक्ति पथ, बड़हलगंज, गोरखपुर।
  • कार्यक्रम की अवधि: 11 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक।
  • शोभायात्रा का शुभारंभ: प्राचीन धवलेश्वरनाथ मंदिर, धुरियापार।
  • मुख्य आकर्षण: भगवान श्रीराम, माता जानकी, भगवान शिव, माता पार्वती और माता दुर्गा की झांकियां।
  • विशेष स्वागत: उरुवा चौराहे पर संत-महात्माओं पर पुष्पवर्षा और अंगवस्त्र भेंट।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुति: लोक गायक पिंटू प्रीतम की टीम ने देवी गीत और भजन प्रस्तुत किए।
  • प्रमुख उपस्थित लोग: विधायक राजेश त्रिपाठी, विधायक श्रीराम चौहान, कृपाशंकर दुबे और गौरीशंकर मिश्रा सहित अन्य लोग।

यह विवरण उपलब्ध कार्यक्रम संबंधी जानकारी पर आधारित है।

कार्यक्रम में चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी ने उपस्थित श्रद्धालुओं और जनसमूह से रुद्र महायज्ञ में शामिल होने की अपील की। वहीं, उरुवा चौराहे पर नगर पंचायत की ओर से शोभायात्रा के स्वागत की व्यवस्था की गई। संत-महात्माओं को माल्यार्पण और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

धार्मिक गीतों और भजनों की प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: रुद्र महायज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा कहां आयोजित हो रही है?

उत्तर: गोरखपुर जिले के बड़हलगंज स्थित मुक्ति पथ पर आयोजन निर्धारित है।

प्रश्न 2: धार्मिक कार्यक्रम कब तक चलेगा?

उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम 11 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।

प्रश्न 3: शोभायात्रा कहां से शुरू हुई?

उत्तर: शोभायात्रा का शुभारंभ धुरियापार कस्बे के प्राचीन धवलेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद हुआ।

प्रश्न 4: शोभायात्रा में क्या विशेष आकर्षण रहे?

उत्तर: देवी-देवताओं की सुसज्जित झांकियां, भजन-कीर्तन और उरुवा चौराहे पर संत-महात्माओं का स्वागत प्रमुख आकर्षण रहे।

प्रश्न 5: कार्यक्रम में कौन-कौन प्रमुख रूप से शामिल हुए?

उत्तर: चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी, खजनी के विधायक श्रीराम चौहान और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

गोरखपुर में रुद्र महायज्ञ के लिए निकली भव्य शोभायात्रा ने श्रद्धालुओं में उत्साह और धार्मिक उल्लास का माहौल बनाया।

धुरियापार के धवलेश्वरनाथ मंदिर से शुरू हुई यात्रा के बाद अब बड़हलगंज के मुक्ति पथ पर 17 अक्टूबर तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।