UP Free Ration News: मुफ्त राशन के लिए नया मोबाइल खरीदने की जरूरत नहीं, जानें नियम

उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड धारकों के लिए राहत भरी खबर है। मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए नया मोबाइल फोन खरीदना अनिवार्य नहीं है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन खबरों को भ्रामक बताया गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि राशन लेने के लिए लाभार्थियों को नया मोबाइल खरीदकर ओटीपी सत्यापन कराना होगा।

खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पात्र राशन कार्ड धारकों को पहले की तरह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। राशन वितरण के लिए कोई नई अनिवार्य मोबाइल खरीद व्यवस्था लागू नहीं की गई है।

मुफ्त राशन के लिए मोबाइल खरीदने की अनिवार्यता नहीं

प्रदेश में मुफ्त राशन प्राप्त करने वाले लाखों परिवारों के बीच मोबाइल फोन और ओटीपी सत्यापन को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। विभाग ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि लाभार्थियों को राशन प्राप्त करने के लिए नया मोबाइल खरीदने की जरूरत नहीं है।

वर्तमान व्यवस्था में उचित दर की दुकानों पर ई-पॉस मशीन के माध्यम से लाभार्थियों का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक तराजू से खाद्यान्न तौलकर वितरित किया जाता है। इसलिए राशन कार्ड धारकों को सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट संदेशों के आधार पर अनावश्यक खर्च नहीं करना चाहिए।

फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने पर क्या होगा?

कई बार उम्र बढ़ने, उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं होने या अन्य तकनीकी कारणों से बायोमेट्रिक सत्यापन में परेशानी आती है। ऐसी स्थिति में भी लाभार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध है।

यदि पहली बार फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होता है, तो उसी दिन दो अतिरिक्त प्रयास किए जा सकते हैं। इसके बाद भी सत्यापन सफल नहीं होने पर आइरिस स्कैन यानी आंखों की पुतली के माध्यम से पहचान की पुष्टि करने का विकल्प उपलब्ध है।

यदि संबंधित लाभार्थी का सत्यापन नहीं हो पा रहा है, तो राशन कार्ड में दर्ज परिवार का कोई दूसरा सदस्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन कराकर खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।

किन लोगों को ओटीपी से राशन लेने की सुविधा मिलती है?

ओटीपी आधारित राशन वितरण कोई नई व्यवस्था नहीं है। यह सुविधा वर्ष 2017 से लागू है और विशेष परिस्थितियों में वैकल्पिक माध्यम के रूप में इस्तेमाल की जाती है।

इसका लाभ मुख्य रूप से ऐसे अत्यंत वृद्ध, दिव्यांग या गंभीर रूप से बीमार राशन कार्ड धारकों को मिल सकता है, जिनका बायोमेट्रिक या आइरिस स्कैन से सत्यापन संभव नहीं हो पाता। संबंधित नियमों के अनुसार ओटीपी सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रदेश के प्रत्येक राशन कार्ड धारक के लिए मोबाइल फोन खरीदना या हर बार ओटीपी देना अनिवार्य कर दिया गया है।

सरकारी आंकड़ों से समझिए ओटीपी व्यवस्था

विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 3.41 करोड़ से अधिक राशन कार्डों के सापेक्ष केवल 83,093 कार्डों पर ओटीपी आधारित राशन वितरण दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि यह सुविधा विशेष परिस्थितियों में इस्तेमाल की जाती है, न कि सभी लाभार्थियों के लिए अनिवार्य प्रक्रिया के रूप में।

इसलिए राशन कार्ड धारकों को मोबाइल खरीदने के नाम पर फैलाए जा रहे भ्रामक दावों से सावधान रहना चाहिए।

राशन की दुकान पर परेशानी हो तो क्या करें?

यदि कोई राशन विक्रेता लाभार्थी से नया मोबाइल खरीदने को कहता है या मोबाइल खरीदने की अनिवार्यता बताकर राशन देने से इनकार करता है, तो लाभार्थी संबंधित पूर्ति निरीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी या खाद्य एवं रसद विभाग के आधिकारिक शिकायत माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

शिकायत करते समय राशन कार्ड का विवरण, उचित दर दुकान की जानकारी और समस्या का स्पष्ट विवरण उपलब्ध रखना उपयोगी होगा। किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें।

उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://fcs.up.gov.in/ पर जाकर राशन वितरण और विभागीय सेवाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी सलाह

मुफ्त राशन योजना के पात्र लाभार्थियों को किसी भी वायरल संदेश पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।

यदि कोई व्यक्ति राशन दिलाने के नाम पर नया मोबाइल खरीदने, पैसे जमा करने या

अनावश्यक ओटीपी साझा करने का दबाव बनाता है, तो पहले विभाग से नियमों की पुष्टि करें।

राशन वितरण की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी आने पर

उपलब्ध वैकल्पिक सत्यापन व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों से सहायता लेने का विकल्प अपनाएं।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए नया मोबाइल फोन खरीदना अनिवार्य नहीं है।

खाद्य एवं रसद विभाग ने इस संबंध में प्रसारित खबरों को भ्रामक बताया है।

फिंगरप्रिंट सत्यापन में परेशानी होने पर अतिरिक्त प्रयास, आइरिस स्कैन और पात्र परिस्थितियों में

परिवार के दूसरे सदस्य के माध्यम से सत्यापन जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।

राशन कार्ड धारकों को सलाह है कि वे अफवाहों से बचें, आधिकारिक जानकारी पर

भरोसा करें और अपने अधिकारों से संबंधित किसी भी समस्या के लिए विभाग से संपर्क करें।

(FAQ)

1. क्या यूपी में मुफ्त राशन लेने के लिए नया मोबाइल खरीदना जरूरी है?

नहीं। खाद्य एवं रसद विभाग के स्पष्टीकरण के अनुसार, मुफ्त

राशन प्राप्त करने के लिए नया मोबाइल फोन खरीदना अनिवार्य नहीं है।

2. क्या राशन लेने के लिए हर बार ओटीपी देना होगा?

नहीं। राशन वितरण में सामान्यतः ई-पॉस मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है।

ओटीपी आधारित सत्यापन विशेष परिस्थितियों में वैकल्पिक सुविधा है।

3. फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने पर क्या करें?

पहली बार सत्यापन विफल होने पर उसी दिन दो अतिरिक्त प्रयास किए जा सकते हैं।

इसके बाद आइरिस स्कैन का विकल्प उपलब्ध है।

4. क्या परिवार का दूसरा सदस्य राशन ले सकता है?

हां। राशन कार्ड में दर्ज परिवार का कोई अन्य सदस्य निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी करके खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।

5. ओटीपी से राशन लेने की सुविधा कब से लागू है?

विभाग के अनुसार, ओटीपी आधारित राशन वितरण की सुविधा वर्ष 2017 से लागू है।

6. किन लाभार्थियों को ओटीपी आधारित राशन की सुविधा मिल सकती है?

अत्यंत वृद्ध, दिव्यांग या गंभीर रूप से बीमार ऐसे पात्र लाभार्थियों को, जिनका बायोमेट्रिक या

आइरिस सत्यापन संभव नहीं हो पाता, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार यह विकल्प मिल सकता है।

7. राशन वितरण में शिकायत कहां करें?

लाभार्थी संबंधित पूर्ति निरीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी या उत्तर प्रदेश

खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://fcs.up.gov.in/ के

माध्यम से जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

8. क्या मुफ्त राशन के नियमों में कोई नया बदलाव हुआ है?

विभाग के स्पष्टीकरण के अनुसार, नया मोबाइल खरीदना और ओटीपी

सत्यापन कराना अनिवार्य करने वाला कोई नया नियम लागू नहीं किया गया है।

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