गोरखपुर के कोतवाली क्षेत्र स्थित मुफ्तीपुर नखास में एक फर्नीचर गोदाम में आग लगने से भारी नुकसान हुआ। आग की चपेट में आकर गोदाम में रखा फर्नीचर और उसे तैयार करने के लिए जमा कच्चा माल जल गया। गोदाम संचालक के अनुसार, नुकसान का शुरुआती अनुमान करीब 20 लाख रुपये है।
घटना बृहस्पतिवार रात की बताई गई है। आग लगने की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धुआं और आग की लपटें देखकर स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए। आग के आसपास की इमारतों तक पहुंचने की आशंका के कारण पड़ोस के मकानों को भी एहतियातन खाली कराया गया।
रात में गोदाम से उठने लगा धुआं
जानकारी के मुताबिक, मुफ्तीपुर नखास में स्थित फर्नीचर के कारखाने और गोदाम में रोजाना की तरह शाम को काम बंद कर दिया गया था। रात में अचानक वहां से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं और गोदाम में रखा सामान इसकी चपेट में आ गया।
गोदाम में लकड़ी के अलावा फर्नीचर निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी मौजूद थी। वहां बेड, सोफा, डाइनिंग टेबल और कुर्सियों जैसे सामान तैयार किए जाते थे। लकड़ी तथा ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी से आग तेजी से फैलने की आशंका बढ़ गई।
दमकल की तीन गाड़ियों ने आग पर पाया काबू
घटना की सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग की टीम तीन दमकल वाहनों के
साथ मौके पर पहुंची। कर्मियों ने आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास किया।
करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
आग बुझने के बाद दमकल कर्मियों ने गोदाम के भीतर मौजूद सुलगते
सामान की भी जांच की, ताकि दोबारा आग भड़कने का खतरा कम किया जा सके।
आसपास के घरों को खाली कराने की कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान
गोदाम संचालक तौकीर आलम के अनुसार, आग में लगभग
20 लाख रुपये का फर्नीचर और कच्चा माल नष्ट हो गया।
सहालग का मौसम नजदीक होने के कारण गोदाम में सामान का पर्याप्त भंडार रखा गया था।
ऐसे में आग से कारोबार को बड़ा नुकसान पहुंचने की आशंका है।
नुकसान का यह आंकड़ा संचालक की ओर से बताया गया शुरुआती अनुमान है। अंतिम आकलन अलग हो सकता है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई है।
हालांकि, घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अग्निशमन विभाग मामले की पड़ताल कर रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर दुकानों, कारखानों और गोदामों में बिजली की वायरिंग की
नियमित जांच तथा अग्नि सुरक्षा के इंतजामों की जरूरत को रेखांकित किया है। ज्वलनशील सामग्री रखने वाले
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उचित सुरक्षा व्यवस्था होने से आग के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. गोरखपुर में आग कहां लगी थी?
आग कोतवाली क्षेत्र के मुफ्तीपुर नखास स्थित फर्नीचर गोदाम में लगी थी।
2. आग से कितना नुकसान हुआ?
गोदाम संचालक के अनुसार, करीब 20 लाख रुपये का फर्नीचर और कच्चा माल जल गया।
3. दमकल की कितनी गाड़ियां मौके पर पहुंचीं?
आग बुझाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियां पहुंचीं।
4. आग पर कितनी देर में काबू पाया गया?
दमकल कर्मियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया।
5. आग लगने का कारण क्या बताया गया है?
प्रारंभिक जानकारी में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद होगी।
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