देवरिया में SIR प्रक्रिया को लेकर संजय सिंह ने उठाए सवाल, मतदाता सूची की जांच की मांग

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान विपक्षी दलों से जुड़े कई कार्यकर्ताओं और समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और पात्र मतदाताओं के नाम सूची में फिर से शामिल करने की मांग की।

संजय सिंह शुक्रवार को देवरिया जिले के लार क्षेत्र स्थित रक्सा गांव में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यह कार्यक्रम पूर्व विधायक एवं समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वर्गीय सुरेश यादव की स्मृति में आयोजित किया गया था। इसी दौरान उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

मतदाता सूची में नाम हटने पर जताई चिंता

संजय सिंह ने सवाल उठाया कि यदि पुनरीक्षण के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हट जाता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों की समीक्षा कर योग्य मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़े जाएं, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

उनका कहना है कि मतदाता सूची चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसमें नाम जोड़ने या हटाने से संबंधित कार्रवाई पारदर्शी होनी चाहिए और प्रभावित नागरिकों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग

SIR को लेकर अपनी आपत्तियां रखते हुए संजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त

(CEC) के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार और

चुनावी व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही।

हालांकि, विपक्षी समर्थकों के नाम जानबूझकर हटाए जाने का आरोप संजय सिंह का राजनीतिक दावा है।

इस खबर के लिए उपलब्ध जानकारी से आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती। संबंधित

अधिकारियों का पक्ष या किसी जांच का निष्कर्ष उपलब्ध होने पर मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

निष्पक्ष पुनरीक्षण क्यों जरूरी है?

मतदाता सूची का पुनरीक्षण नए पात्र मतदाताओं को शामिल करने, गलत प्रविष्टियों को सुधारने और

रिकॉर्ड को अद्यतन रखने की प्रक्रिया है। इस दौरान किसी नागरिक का नाम छूटने या गलत तरीके से

हटने की शिकायत होने पर संबंधित चुनावी अधिकारियों के समक्ष

निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन या दावा प्रस्तुत किया जा सकता है।

संजय सिंह के बयान के बाद मतदाता सूची में नामों की जांच, पात्र नागरिकों के अधिकारों की

सुरक्षा और पुनरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता का मुद्दा फिर चर्चा में आया है। इस मामले में आरोपों और

आधिकारिक रूप से प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

FAQ –

1. संजय सिंह ने SIR को लेकर क्या आरोप लगाया?

उन्होंने आरोप लगाया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान विपक्षी दलों से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए।

2. संजय सिंह की प्रमुख मांग क्या है?

उन्होंने हटाए गए नामों की जांच, पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

3. संजय सिंह देवरिया में किस कार्यक्रम में शामिल हुए थे?

वह लार क्षेत्र के रक्सा गांव में पूर्व विधायक और सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वर्गीय सुरेश यादव की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए थे।

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