नाना पाटेकर निधन: 75 साल की उम्र में दिग्गज अभिनेता का निधन, CM योगी ने जताया दुख

मुंबई। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। 75 वर्ष की उम्र में उनके निधन की खबर सामने आई है। अपने लंबे फिल्मी करियर में नाना पाटेकर ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई थी।

नाना पाटेकर की अभिनय शैली बेहद प्रभावशाली मानी जाती थी। गंभीर भूमिकाओं से लेकर सामाजिक सरोकारों से जुड़े किरदारों तक उन्होंने अपनी अलग छाप छोड़ी। उनकी दमदार आवाज, संवाद अदायगी और किरदार में पूरी तरह उतर जाने की कला ने उन्हें हिंदी और मराठी सिनेमा के प्रमुख कलाकारों में शामिल किया।

CM योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक

नाना पाटेकर के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अभिनेता के योगदान को याद करते हुए कहा कि नाना पाटेकर ने अपने असाधारण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत अभिनेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके परिवार, प्रशंसकों और चाहने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

कार्डियक अरेस्ट से निधन की जानकारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार नाना पाटेकर को कार्डियक अरेस्ट आया था। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई।

अभिनय के दम पर बनाई अलग पहचान

नाना पाटेकर ने अपने करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘राजनीति’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया।

उनकी खासियत यह थी कि वह हर किरदार को अपनी अलग शैली से जीवंत कर देते थे। यही वजह है कि उनके कई संवाद और किरदार आज भी दर्शकों के बीच याद किए जाते हैं।

कई बड़े सम्मान से हुए सम्मानित

नाना पाटेकर को उनके शानदार अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। इसके अलावा भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था।

उनका फिल्मी सफर केवल हिंदी सिनेमा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मराठी फिल्मों और रंगमंच के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया।

सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे

नाना पाटेकर की पहचान केवल अभिनेता के तौर पर नहीं थी। वह सामाजिक मुद्दों पर भी

अपनी राय रखते थे और जरूरतमंद लोगों की सहायता से जुड़े कार्यों में उनकी भागीदारी रही।

उनका निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

उनके द्वारा निभाए गए किरदार और अभिनय की शैली लंबे समय तक दर्शकों के बीच याद की जाएगी।

FAQ

*नाना पाटेकर का निधन कब हुआ?
नाना पाटेकर के निधन की खबर 8 अक्टूबर 2026 को सामने आई।

नाना पाटेकर की उम्र कितनी थी?
निधन के समय उनकी उम्र 75 वर्ष थी।

नाना पाटेकर की मृत्यु किस वजह से हुई?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था।

नाना पाटेकर के निधन पर CM योगी ने क्या कहा?
CM योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने

अपने असाधारण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया।

नाना पाटेकर किन फिल्मों के लिए प्रसिद्ध थे?
‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘अब तक छप्पन’, ‘राजनीति’ और ‘वेलकम’

सहित कई फिल्मों में उनके अभिनय को काफी पसंद किया गया।

क्या नाना पाटेकर को पद्मश्री मिला था?
हाँ, उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था।

नाना पाटेकर को कौन-कौन से पुरस्कार मिले थे?
उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।

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