गोरखपुर | 8 अक्टूबर 2026
परिचय
गोरखपुर के रामगढ़ताल क्षेत्र की रहने वाली शारदा देवी ने अपने पति स्वर्गीय अनिल निषाद की मौत के मामले में आरोपियों पर कार्रवाई में देरी और जमीन-मकान पर कथित कब्जे का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रेसवार्ता कर निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की।
मुख्य खबर
गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र की रहने वाली शारदा देवी पत्नी स्वर्गीय अनिल निषाद ने अपने पति की मौत और संपत्ति विवाद को लेकर न्याय की गुहार लगाई है। शारदा देवी ने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि उनके पति के साथ हुई मारपीट के मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका यह भी आरोप है कि पति की मौत के बाद विपक्षी पक्ष उनकी जमीन और मकान पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है।
शारदा देवी के मुताबिक वह मेहया नई कॉलोनी, पानी की टंकी के पास, थाना रामगढ़ताल क्षेत्र में रहती हैं। उन्होंने बताया कि 8 दिसंबर 2025 को अमित और धर्मेंद्र पुत्र बाबूलाल, अनिल पुत्र धर्मेंद्र, रविशंकर पुत्र बाबूलाल, अचिल पुत्र धर्मेंद्र और मिट्टू यादव पर उनके पति अनिल निषाद के साथ मारपीट करने का आरोप है। इस संबंध में रामगढ़ताल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 816/2025 दर्ज होने की बात उन्होंने कही।
सुलह के दबाव का लगाया आरोप
शारदा देवी का आरोप है कि मुकदमे में समझौता करने के लिए उनके पति पर दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार अनिल निषाद ने सुलह से इनकार किया तो विवाद और बढ़ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद जमीन और मकान पर कब्जे का प्रयास किया गया।
शारदा देवी के मुताबिक मारपीट में उनके पति को गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उनका उपचार कराया गया। उपचार के दौरान 29 जनवरी 2026 को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लखनऊ में अनिल निषाद की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि 30 जनवरी को शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी किया उल्लेख
शारदा देवी ने प्रेसवार्ता के दौरान दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु से संबंधित कारणों में एंटीमार्टम इंजरी, हेड इंजरी और कोमा का उल्लेख है। पति की मौत के बाद उन्होंने रामगढ़ताल थाने के अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को भी प्रार्थना पत्र देकर मामले में कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने की बात कही।
उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अभी तक उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला है। इसी बीच विपक्षी पक्ष द्वारा उनकी जमीन और मकान पर निर्माण कराकर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। शारदा देवी का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद वह अकेली हैं और अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं।
थाने और तहसील भेजे जाने का आरोप
शारदा देवी ने आरोप लगाया कि जब वह अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचती हैं।
उन्हें तहसील जाने के लिए कहा जाता है।
उनका कहना है कि जब वह तहसील जाती हैं, उसी दौरान विपक्षी पक्ष जमीन पर दीवार या अन्य निर्माण कार्य शुरू कर देता है।
उन्होंने कहा कि बार-बार थाने और तहसील के बीच भेजे जाने से उन्हें अपनी जमीन की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहुई है। उनका आरोप है कि इस दौरान विपक्षी पक्ष को निर्माण या कब्जे से संबंधित गतिविधियां करने का मौका मिल जाता है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
शारदा देवी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है।
उनके पति की मौत से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
साथ ही जिन लोगों पर उन्होंने मारपीट और कब्जे के प्रयास के आरोप लगाए हैं।
उनके खिलाफ जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अपनी जमीन और मकान पर कथित कब्जे के प्रयास को तत्काल रोकने की भी मांग की है।
शारदा देवी का कहना है कि वह अपने पति को खो चुकी हैं।
और अब उन्हें पुलिस-प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा न्याय की उम्मीद है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की जा रही है।
मामले में पुलिस और दूसरे पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
Facts/Details
घटना को लेकर रामगढ़ताल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 816/2025 दर्ज होने की बात कही गई है।
कथित मारपीट की घटना 8 दिसंबर 2025 की बताई गई है।
अनिल निषाद की उपचार के दौरान 29 जनवरी 2026 को लखनऊ में मौत होने की जानकारी दी गई।
पोस्टमार्टम 30 जनवरी को कराया गया।
शारदा देवी ने जमीन और मकान पर कथित कब्जे का आरोप लगाया है।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शारदा देवी का कहना है कि पति की मौत के बाद वह अपनी जमीन और मकान की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपों की सत्यता की जांच और संपत्ति पर कथित कब्जे के प्रयास को रोकने की मांग की है।
FAQ
1. मामला किस क्षेत्र से जुड़ा है?
मामला गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया गया है।
2. शारदा देवी ने क्या आरोप लगाया है?
उन्होंने पति की मौत के मामले में कार्रवाई में देरी और जमीन-मकान पर कथित कब्जे का आरोप लगाया है।
3. अनिल निषाद की मौत कब हुई थी?
शारदा देवी के अनुसार उपचार के दौरान 29 जनवरी 2026 को उनकी मौत हुई।
4. शारदा देवी ने क्या मांग की है?
उन्होंने निष्पक्ष जांच, नियमानुसार कार्रवाई और संपत्ति पर कथित कब्जे के प्रयास को रोकने की मांग की है।
5. क्या आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि हुई है?
नहीं। ये आरोप शारदा देवी द्वारा प्रेसवार्ता में लगाए गए हैं। संबंधित अधिकारियों और दूसरे पक्ष का आधिकारिक पक्ष मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
गोरखपुर में पति की मौत के बाद जमीन-मकान पर कथित कब्जे को लेकर शारदा देवी ने न्याय की मांग की है।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच तथा संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।