राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर: विकासखंड गोला के ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) पर को-लोकेटेड आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम खंड शिक्षा अधिकारी उदय शंकर राय की देखरेख एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों के समग्र विकास, बाल वाटिका एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) से जुड़े विषयों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों की पहचान और उनकी आवश्यकताओं को समझने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आवश्यक जानकारी देना था।
5 से 7 अक्टूबर तक चला प्रशिक्षण
को-लोकेटेड आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक चला। तीन दिनों के दौरान कार्यकत्रियों को बाल विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में विशेष रूप से तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों के लिए संचालित बाल वाटिका और ECCE से जुड़े पहलुओं पर जानकारी दी गई। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों की स्क्रीनिंग और उनकी पहचान को लेकर भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
दिव्यांग बच्चों की पहचान और स्क्रीनिंग पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को दिव्यांग बच्चों की प्रारंभिक पहचान और स्क्रीनिंग से संबंधित जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि बच्चों में विकास से जुड़ी किसी भी प्रकार की विशेष आवश्यकता को समय रहते पहचानना महत्वपूर्ण है, ताकि उन्हें आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कार्यकत्रियों को बच्चों के जीवन, उनके आसपास के वातावरण और समुदाय की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई।
अभिभावकों को जागरूक करने की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों के विकास में अभिभावकों की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बताया गया कि बच्चों के विकास से जुड़ी गतिविधियों में परिवार और समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है।
अभिभावकों को बच्चों की जरूरतों, व्यवहार और विकास संबंधी पहलुओं के प्रति जागरूक करने के लिए प्रभावी संवाद स्थापित करने की जानकारी भी प्रशिक्षण का हिस्सा रही।
मास्टर ट्रेनर और स्पेशल एजुकेटर रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर एवं स्पेशल एजुकेटर देवी प्रसाद और नेहा सिंह ने प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। इस दौरान बीआरसी का समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा।
प्रशिक्षण में कार्यकत्रियों ने बच्चों के विकास, प्रारंभिक शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
*प्रशिक्षण में इन लोगों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में अनु यादव, मनीष गौतम, कंचन वर्मा, अर्चना प्रजापत, चंदा देवी, श्वेता, बबीता, कुसुम देवी और रेणु सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर बाल वाटिका और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से
बच्चों के शुरुआती विकास को बेहतर बनाने तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समय पर
पहचानकर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
प्रारंभिक शिक्षा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका
तीन से छह वर्ष की आयु बच्चों के प्रारंभिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस उम्र में बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास की नींव तैयार होती है।
ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बाल विकास और ECCE से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षित करने से
उन्हें बच्चों की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में
इसी उद्देश्य से व्यावहारिक और जागरूकता आधारित जानकारी साझा की गई।
निष्कर्ष
बीआरसी गोला पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के
माध्यम से को-लोकेटेड आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बाल वाटिका, ECCE,
दिव्यांग बच्चों की स्क्रीनिंग तथा अभिभावक एवं समुदाय की भागीदारी से जुड़े
महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद कार्यकत्रियों से अपेक्षा की गई कि वे प्राप्त जानकारी का
उपयोग आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के बेहतर विकास और प्रारंभिक शिक्षा में करें।
FAQ
सवाल: गोला में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रशिक्षण कहां हुआ?
जवाब: प्रशिक्षण कार्यक्रम विकासखंड गोला स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) पर आयोजित किया गया।
सवाल: प्रशिक्षण कितने दिनों तक चला?
जवाब: प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक तीन दिनों तक चला।
सवाल: प्रशिक्षण में किन विषयों पर जानकारी दी गई?
जवाब: बाल वाटिका, ECCE, तीन से छह वर्ष के बच्चों के विकास, दिव्यांग बच्चों की स्क्रीनिंग,
अभिभावक जागरूकता और समुदाय की भूमिका से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई।
सवाल: प्रशिक्षण कार्यक्रम की देखरेख किसने की?
जवाब: कार्यक्रम खंड शिक्षा अधिकारी उदय शंकर राय की देखरेख एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
सवाल: प्रशिक्षण में कौन-कौन मौजूद रहे?
जवाब: मास्टर ट्रेनर एवं स्पेशल एजुकेटर देवी प्रसाद, नेहा सिंह सहित बीआरसी स्टाफ और संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं
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