लाखों खर्च फिर भी प्यासे ग्रामीण: रौजा दरगाह में पानी की टंकी बनी टापू, टंकी तक पहुंचने का रास्ता तक नहीं

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

हर घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। विकासखंड उरुवा की ग्राम पंचायत रौजा दरगाह में पानी की टंकी और पाइपलाइन का निर्माण हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन ग्रामीणों के घरों तक अब तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि योजना पर खर्च होने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि जिस स्थान पर पानी की टंकी बनाई गई है, वहां पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता तक नहीं है। बारिश के दिनों में टंकी परिसर चारों तरफ से पानी से घिर जाता है और पूरी संरचना एक टापू की तरह दिखाई देती है।

एक साल से तैयार टंकी, फिर भी नहीं शुरू हुई जलापूर्ति

ग्रामीणों के मुताबिक गांव में पानी की टंकी का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का काम करीब एक वर्ष पहले पूरा हो चुका है। इसके बावजूद अभी तक घरों में नल से पानी पहुंचाने की व्यवस्था प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि योजना का उद्देश्य लोगों को घर-घर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में टंकी खुद ऐसी जगह पर है जहां पहुंचना मुश्किल है।

पहले से जलभराव वाली जमीन पर बना दी गई टंकी

ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर टंकी का निर्माण किया गया, वहां पहले मिट्टी निकाल लिए जाने के कारण गहरा गड्ढा बन गया था। बारिश और अन्य समय में वहां पानी जमा रहता था।

इसी नीची जमीन पर मिट्टी भरवाकर पानी की टंकी का निर्माण कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन गांव के अपेक्षाकृत निचले हिस्से में होने के कारण बारिश के दौरान यहां जलभराव की समस्या बनी रहती है।

वर्तमान में भी टंकी के चारों तरफ पानी जमा है, जिससे वहां पहुंचना बेहद कठिन हो गया है।

टंकी तक जाने के लिए रास्ता नहीं

इस मामले में सबसे गंभीर सवाल टंकी तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर उठ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक टंकी बनने से पहले ही अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी दी गई थी।

ग्राम प्रधान परमजीत के अनुसार पंचायत में टंकी के लिए यही जमीन उपलब्ध थी। उन्होंने बताया कि जल निगम के अधिकारियों को पहले ही जानकारी दी गई थी कि इस स्थान पर जलभराव रहता है और वहां पहुंचने के लिए उचित रास्ता भी नहीं है।

ग्राम प्रधान के मुताबिक अधिकारियों की ओर से उस समय आश्वासन दिया गया था कि टंकी बनने के बाद रास्ते की व्यवस्था भी कर दी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक ऐसी कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं हो सकी है।

आसपास निर्माण से और बढ़ी समस्या

ग्रामीणों के अनुसार टंकी के आसपास स्थित निजी जमीनों पर मकानों के निर्माण के लिए काफी ऊंची नींव तैयार कर दी गई है। निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी की भराई टंकी की बाउंड्री वॉल के आसपास तक पहुंच गई है।

इससे टंकी परिसर अपेक्षाकृत और निचले हिस्से में दिखाई देता है। बारिश होने पर पानी परिसर में जमा हो जाता है और टंकी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि भविष्य में टंकी की मशीनरी या पाइपलाइन में कोई खराबी आती है तो कर्मचारियों के लिए वहां पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण होगा।

*ग्रामीणों ने उठाए योजना की स्वीकृति पर सवाल

ग्रामीणों ने निर्माण स्थल के चयन को लेकर कई सवाल उठाए हैं।

उनका कहना है कि जब जमीन पहले से ही

जलभराव वाली थी और वहां पहुंचने के लिए रास्ता नहीं था, तो आखिर इसी स्थान का चयन क्यों किया गया?

ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी और प्रशासनिक जांच कराई जाए।

यह भी पता लगाया जाए कि टंकी के निर्माण के लिए जमीन का चयन किस स्तर पर किया गया और

निर्माण से पहले स्थल का निरीक्षण किया गया था या नहीं।

उन्होंने योजना में खर्च हुई धनराशि और निर्माण की गुणवत्ता की भी जांच कराने की मांग की है।

जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में निर्माण स्थल के चयन या योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि टंकी तक स्थायी रास्ता बनाया जाए और जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाए, ताकि जलापूर्ति शुरू होने के बाद योजना का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सके।

BDO ने जल निगम से बात करने की कही बात

मामले में खंड विकास अधिकारी उरुवा सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि पानी की टंकी से संबंधित मामला जल निगम के अधीन आता है। हालांकि उन्होंने मामले को देखने की बात कही है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता से भी बातचीत की जाएगी। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले की जांच कराकर टंकी तक पहुंचने का रास्ता और जलापूर्ति की समस्या का समाधान कराएगा।

योजना का उद्देश्य और जमीनी हकीकत

जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को पाइपलाइन के माध्यम से

सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए गांवों में पानी की टंकियों,

पाइपलाइन और घरेलू नल कनेक्शन जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाती हैं।

रौजा दरगाह की स्थिति में ग्रामीणों का दावा है कि बुनियादी ढांचा तैयार होने के

बावजूद जलापूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

ऐसे में सवाल यह है कि योजना की उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए निर्माण से पहले और

बाद में स्थल की जांच तथा संचालन की व्यवस्था कितनी प्रभावी ढंग से की गई।

अब जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर

रौजा दरगाह के ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द समाधान की मांग की है।

प्रशासनिक स्तर पर जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टंकी के निर्माण स्थल का चयन किन

परिस्थितियों में हुआ और जलापूर्ति शुरू करने में वास्तविक बाधा क्या है।

फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि टंकी तक पहुंचने के लिए सुरक्षित रास्ता बनाया जाए, जलभराव की

समस्या दूर की जाए और जल्द से जल्द घरों तक स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

मुख्य बिंदु

  • रौजा दरगाह में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण।
  • निर्माण और पाइपलाइन बिछाने को एक वर्ष से अधिक समय बीतने का ग्रामीणों का दावा।
  • अभी तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं होने की शिकायत।
  • टंकी परिसर के चारों तरफ बारिश का पानी जमा।
  • टंकी तक पहुंचने के लिए उचित रास्ता नहीं होने का आरोप।
  • ग्रामीणों ने निर्माण स्थल के चयन और योजना की जांच की मांग की।
  • BDO उरुवा ने जल निगम के अधिकारियों से बातचीत करने की बात कही।

FAQ

सवाल: रौजा दरगाह में पानी की टंकी किस योजना के तहत बनी है?
जवाब: पानी की टंकी का निर्माण जल जीवन मिशन के तहत कराया गया है।

सवाल: ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या क्या है?
जवाब: ग्रामीणों के अनुसार टंकी तक पहुंचने के लिए उचित रास्ता नहीं है और

बारिश के समय टंकी परिसर में जलभराव हो जाता है।

सवाल: टंकी बने कितना समय हो चुका है?
जवाब: ग्रामीणों के अनुसार निर्माण और पाइपलाइन बिछाए जाने को एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है।

सवाल: मामले पर BDO ने क्या कहा?
जवाब: BDO उरुवा सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि मामला जल निगम से संबंधित है,

लेकिन वह इसे देखेंगे और जल निगम के अधिशासी अभियंता से बातचीत करेंगे।

सवाल: ग्रामीण क्या मांग कर रहे हैं?
जवाब: ग्रामीण टंकी तक स्थायी रास्ता, जलभराव का समाधान, जलापूर्ति शुरू कराने और

पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।

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