प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 7 अक्टूबर का दिन एक महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर दर्ज है। वर्ष 2001 में इसी दिन उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर लगातार कई वर्षों तक राज्य की सरकार का नेतृत्व किया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी।
2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में भी इस तारीख की पुष्टि की गई है। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने गुजरात की राजनीति और प्रशासन में अपनी भूमिका को आगे बढ़ाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर 2025 को इस दिन को याद करते हुए कहा था कि 2001 में इसी दिन उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने इसे जनता के विश्वास और आशीर्वाद से जुड़ा अवसर बताया था।
गुजरात के बाद राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लंबे कार्यकाल के बाद नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मई 2014 में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली। इसके बाद 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भी उन्होंने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
इस तरह उनका राजनीतिक सफर राज्य सरकार के नेतृत्व से आगे बढ़कर केंद्र सरकार के शीर्ष पद तक पहुंचा।
25वें वर्ष में प्रवेश का जिक्र
7 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया था कि नरेंद्र मोदी सरकार के प्रमुख के रूप में अपनी सेवा के 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने देश की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि राष्ट्र की सेवा करना उनके लिए सर्वोच्च सम्मान है और आने वाले समय में भी वह संविधान के मूल्यों को मार्गदर्शक मानकर काम करते रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई थी।
अलग-अलग राज्यों में सेवा ज्योति कलश यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर से जुड़े इस अवसर को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात सामने आई है। इनमें अलग-अलग राज्यों में सेवा ज्योति कलश यात्रा निकाले जाने का कार्यक्रम भी शामिल है।
इन यात्राओं के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक राजनीतिक सफर को रेखांकित किया जाएगा। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों और यात्राओं का आयोजन किया जाएगा।
गुजरात से दिल्ली तक का सफर
नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर को देखें तो 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनका राष्ट्रीय राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ा। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने केंद्र सरकार का नेतृत्व संभाला और इसके बाद दो और लोकसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को सरकार बनाने का अवसर मिला।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, 2001 से सरकार के प्रमुख के रूप में उनकी यात्रा को वह जनता के निरंतर विश्वास और सेवा से जोड़ते रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जनता का जताया आभार
7 अक्टूबर 2025 के अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने देशवासियों के लगातार विश्वास और स्नेह के लिए
आभार व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि देश की सेवा उनके लिए कर्तव्य और सम्मान दोनों है।
उन्होंने संविधान के मूल्यों को अपना मार्गदर्शक बताते हुए विकसित
भारत के सामूहिक लक्ष्य के लिए आगे भी काम करने की बात कही थी।
क्यों महत्वपूर्ण है 7 अक्टूबर?
7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी। यही तारीख उनके
लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक सफर के एक महत्वपूर्ण शुरुआती पड़ाव के रूप में देखी जाती है।
वर्ष 2025 में इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्वयं अपने राजनीतिक सफर के इस पड़ाव को याद किया था।
अब इस दिन से जुड़े कार्यक्रमों में सेवा ज्योति कलश यात्रा भी चर्चा में है।
FAQ
सवाल: नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार कब शपथ ली थी?
जवाब: नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
सवाल: नरेंद्र मोदी पहली बार भारत के प्रधानमंत्री कब बने?
जवाब: नरेंद्र मोदी ने मई 2014 में पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
सवाल: 7 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा था?
जवाब: उन्होंने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की तारीख को याद किया और
सरकार के प्रमुख के रूप में अपनी सेवा के 25वें वर्ष में प्रवेश का उल्लेख किया था।
सवाल: सेवा ज्योति कलश यात्रा क्या है?
जवाब: यह भाजपा की ओर से आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में शामिल एक यात्रा है, जिसके माध्यम से
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे सार्वजनिक राजनीतिक सफर से जुड़े अवसर को चिह्नित किया जा रहा है।
सवाल: नरेंद्र मोदी कितने समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे?
जवाब: नरेंद्र मोदी अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे।
सवाल: प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 में किस लक्ष्य की बात की थी?
जवाब: उन्होंने संविधान के मूल्यों को मार्गदर्शक मानते हुए विकसित
भारत के सामूहिक लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
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