आयुर्वेदिक चिकित्सालय के भवन निर्माण के लिए खंड विकास अधिकारी उरुवा ने की पहल

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर: विकास खंड उरुवा के राजस्व ग्राम कस्बा हसन में सामुदायिक भवन के दो छोटे कमरों में संचालित हो रहे आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए निजी भवन निर्माण की दिशा में खंड विकास अधिकारी उरुवा सत्य प्रकाश सिंह ने पहल की है। उन्होंने इस संबंध में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह से बातचीत की।

धुरियापार क्षेत्र में लंबे समय से चल रहा है चिकित्सालय

जनपद के दक्षिणांचल में स्थित धुरियापार क्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिहाज से बेहद पिछड़ा हुआ क्षेत्र माना जाता है। क्षेत्र के लोगों को आयुर्वेद के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन की ओर से कई दशक पहले यहां आयुर्वेदिक चिकित्सालय की सुविधा शुरू की गई थी।

शुरुआत में यह चिकित्सालय किराए के भवन में संचालित होता था। वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार किराए के भवनों में संचालित आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक चिकित्सालयों को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए थे।

इसी क्रम में आयुर्वेदिक चिकित्सालय धुरियापार को भी स्थानांतरित करने की बात सामने आई।

पीएचसी उरुवा में जगह नहीं मिलने पर कस्बा हसन में हुआ स्थानांतरण

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा की ओर से चिकित्सालय के लिए जगह उपलब्ध कराने में असमर्थता जताए जाने के बाद आयुर्वेदिक चिकित्सालय को तत्कालीन ग्राम पंचायत बनकट के राजस्व ग्राम कस्बा हसन में बने सामुदायिक भवन के दो छोटे कमरों में स्थानांतरित कर दिया गया।

तब से आयुर्वेदिक चिकित्सालय इसी स्थान से संचालित हो रहा है।

सुनसान स्थान और जर्जर भवन से लोगों को परेशानी

कस्बा हसन में जिस सामुदायिक भवन में आयुर्वेदिक चिकित्सालय संचालित हो रहा है, वह सुनसान और निर्जन स्थान पर स्थित है। इसके कारण मरीजों और स्थानीय लोगों को वहां आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इसके अलावा सामुदायिक भवन की स्थिति भी जर्जर हो चुकी है। ऐसे में चिकित्सालय के लिए स्थायी और सुविधाजनक भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता ने बीडीओ से की पहल की मांग

इस समस्या को लेकर ग्राम धुरियापार निवासी सामाजिक कार्यकर्ता केशव तिवारी ने खंड विकास अधिकारी उरुवा सत्य प्रकाश सिंह को अवगत कराया।

उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए धुरियापार में आयुर्वेदिक चिकित्सालय के भवन निर्माण के लिए पहल करने का आग्रह किया।

पंचायत भवन में स्थानांतरित करने की बात

मामले को संज्ञान में लेते हुए खंड विकास अधिकारी उरुवा सत्य प्रकाश सिंह ने आयुर्वेदिक चिकित्सालय को ग्राम पंचायत धुरियापार के पंचायत भवन में स्थानांतरित करने की बात कही।

इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी गोरखपुर डॉ. धर्मेंद्र सिंह से तत्काल फोन पर बातचीत की।

जमीन उपलब्ध होने पर बनेगा चिकित्सालय का भवन

खंड विकास अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि बातचीत के दौरान डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि यदि ग्राम पंचायत धुरियापार में आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए जमीन उपलब्ध करा दी जाती है तो चिकित्सालय के भवन का निर्माण कराया जा सकता है।

इसके बाद खंड विकास अधिकारी ने धुरियापार में आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

क्षेत्र के लोगों को मिल सकती है बेहतर सुविधा

यदि धुरियापार में चिकित्सालय के लिए भूमि उपलब्ध हो जाती है और भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो क्षेत्र के लोगों को आयुर्वेदिक उपचार के लिए अधिक सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा।

वर्तमान में जर्जर सामुदायिक भवन के दो छोटे कमरों में संचालित चिकित्सालय की

जगह स्थायी भवन बनने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

कस्बा हसन के सामुदायिक भवन में दो छोटे कमरों में संचालित आयुर्वेदिक

चिकित्सालय के लिए स्थायी भवन निर्माण की दिशा में खंड विकास अधिकारी

उरुवा सत्य प्रकाश सिंह की पहल से उम्मीद जगी है। डॉ. धर्मेंद्र सिंह से बातचीत के बाद

धुरियापार में भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। अब भूमि की उपलब्धता और

आगे की प्रक्रिया पर चिकित्सालय के नए भवन का निर्माण निर्भर करेगा

FAQ

Q1. आयुर्वेदिक चिकित्सालय अभी कहां संचालित हो रहा है?
आयुर्वेदिक चिकित्सालय विकासखंड उरुवा के राजस्व ग्राम कस्बा हसन में

सामुदायिक भवन के दो छोटे कमरों में संचालित हो रहा है।

Q2. चिकित्सालय के भवन निर्माण के लिए किसने पहल की है?
खंड विकास अधिकारी उरुवा सत्य प्रकाश सिंह ने चिकित्सालय के भवन निर्माण के लिए पहल की है।

Q3. वर्ष 2018 में क्या शासनादेश जारी हुआ था?
वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव की ओर से किराए के भवनों में चल र

हे आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सालयों को नजदीकी

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित करने संबंधी शासनादेश जारी किया गया था।

Q4. चिकित्सालय कस्बा हसन में कैसे पहुंचा?
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा में जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण चिकित्सालय को तत्कालीन

ग्राम पंचायत बनकट के राजस्व ग्राम कस्बा

हसन के सामुदायिक भवन के दो कमरों में स्थानांतरित किया गया था।

Q5. धुरियापार में भवन बनाने के लिए क्या जरूरी है?
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, ग्राम पंचायत

धुरियापार में भूमि उपलब्ध होने पर चिकित्सालय के भवन का निर्माण कराया जा सकता है।

Q6. भूमि उपलब्ध कराने को लेकर क्या आश्वासन दिया गया है?
खंड विकास अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने धुरियापार में आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है

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