
ऑपरेशन सिंधु के तीन महीने बाद भारत ने दिखाई ताकत… ओडिशा तट पर परीक्षण
नई दिल्ली।
ऑपरेशन सिंधु से मजबूती दिखाने के बाद भारत ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। ओडिशा के तट पर देश में ही विकसित की गई एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली (IADWS) का सफल परीक्षण किया गया। इस प्रणाली से दुश्मन देशों के हवाई हमलों को नाकाम करना और भी आसान होगा।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), सेना और वायुसेना ने मिलकर इस अत्याधुनिक स्वदेशी प्रणाली का निर्माण किया है। शनिवार को हुए परीक्षण के दौरान IADWS ने सटीकता से दुश्मन ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने की क्षमता दिखाई।
क्या है खासियत?
- यह बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है।
- यह दुश्मन के ड्रोन, हेलीकॉप्टर, लड़ाकू विमान और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम है।
- इसे अलग-अलग ऊँचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों को गिराने के लिए तैयार किया गया है।
- भारतीय सेनाओं की रक्षा शक्ति को और भी मजबूत करेगी।
- इस प्रणाली की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह हवाई हमलों की दिशा और समय का तुरंत पता लगाकर उन्हें रोक सकती है।
परीक्षण का विवरण
शनिवार को दोपहर 12:30 बजे यह परीक्षण ओडिशा तट पर किया गया। परीक्षण के दौरान अलग-अलग ऊँचाई पर उड़ रहे ड्रोन और मिसाइलों को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर गिराया गया। यह प्रणाली हवा में मौजूद खतरों को पहचानकर पलभर में प्रतिक्रिया देने की क्षमता रखती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान
रक्षा मंत्री ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा:
“स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली का सफल परीक्षण हमारे रक्षा क्षेत्र की ताकत को दिखाता है। यह भविष्य में हमारे लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी और दुश्मन के किसी भी हवाई खतरे को नाकाम करेगी।”
निष्कर्ष
भारत की यह सफलता आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है। स्वदेशी तकनीक से बनी यह प्रणाली भारतीय सेना और वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाएगी। दुश्मनों द्वारा किए जाने वाले हवाई हमलों का अब तुरंत और सटीक जवाब दिया जा सकेगा
