पीडीए की पाठशाला के चक्कर में अखाड़ा बन गया कैंट थाना
थाने से सपा कार्यकर्ता को छुड़ाने पहुँचे महानगर अध्यक्ष, पिटाई का आरोप
वरिष्ठ नेताओं ने एसएसपी से की बात तो शांत हुआ मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बिना अनुमति पीडीए की पाठशाला चलाने को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की तो शुक्रवार देर रात कैंट थाना अखाड़ा बन गया। सपा यूथ विंग के पदाधिकारी को छुड़ाने शुक्रवार देर रात कैंट थाना पहुँचे महानगर अध्यक्ष खलील कुरैशी की पुलिस से कहासुनी हो गई।
महानगर अध्यक्ष का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पहले नेताओं को गाली दी और विरोध करने पर उनकी पिटाई कर दी। वहीं पुलिस का कहना है कि थाने पर मारपीट जैसी कोई घटना ही नहीं हुई है।
सपा यूथ विंग अध्यक्ष ब्रिगेड के जिला अध्यक्ष अविनाश तिवारी ने पीडीएफ की पाठशाला चलाने की योजना बना ली। इस पर युवा सपा कार्यकर्ता जुट गए। सूचना मिलने पर कैंट पुलिस पहुँच गई और पाठशाला बंद करा दी।
ब्रिगेड के जिला अध्यक्ष अविनाश तिवारी ने पीडीएफ की पाठशाला चलाकर फेसबुक पर पोस्ट कर दिया। इसकी भनक जब पुलिस को लगी तो उसे पकड़ लिया। नहीं पकड़ने पर पुलिस अधिकारी नाराज हुए। इसी बीच महानगर अध्यक्ष खलील कुरैशी पुलिस से उलझ गए। उनके साथ मौजूद कार्यकर्ता भी भिड़ गए। आरोप है कि पुलिस ने खलील कुरैशी की पिटाई कर दी।
इसपर महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। मामला बढ़ता देख बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स बुला ली गई। स्थिति तनावपूर्ण होने लगी तो पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।
शब्दों का कहना है कि पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह ने पुलिस के अफसरों से बात की। इसके बाद मामला शांत हुआ। हालांकि सपा नेता थाने पर काफी देर तक जमे रहे। इसके बाद एसएसपी से बात करने के बाद शांत हुए।
पूरी बात बताने के बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद भी जब नहीं छोड़ा गया तो वह बोले कि सोमवार तक छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद भीड़ हट गई। महानगर अध्यक्ष खलील कुरैशी का आरोप है कि प्रतीक को लेखपाल निवास से पकड़ा गया था।
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि फेसबुक पर पोस्ट डालने के बाद पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी। इसके बाद उन्हें पकड़ लिया। छोड़ने के लिए पैसे देने लगे। इसके विरोध में सपा कार्यकर्ता जुटे। पुलिस वालों ने गाली-गलौज करते हुए सपा के वरिष्ठ नेताओं के सामने उनकी पिटाई कर दी।
थाने पर मारपीट की कोई घटना नहीं हुई है। वे लोग लगातार पीडीएफ पाठशाला की अनुमति माँग रहे थे। उन्हें समझाकर भेज दिया गया।
– अभिनन्दन त्यागी, एसपी सिटी