H. pylori से कैंसर का बढ़ता खतरा, भारत में 47 हजार मामले

नई दिल्ली | 5 अक्टूबर 2026

परिचय

साल 2024 में दुनिया भर में करीब 7.6 लाख कैंसर मामले Helicobacter pylori (H. pylori) संक्रमण से जुड़े पाए गए। भारत में भी इस बैक्टीरिया से जुड़े करीब 47 हजार कैंसर मामलों का अनुमान सामने आया है।

मुख्य खबर

कैंसर के कारणों को लेकर सामने आए एक नए वैश्विक विश्लेषण ने संक्रमण और कैंसर के बीच संबंध को एक बार फिर सामने रखा है। अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2024 में दुनिया भर में लगभग 23 लाख नए कैंसर मामले संक्रमणों से जुड़े थे। यह सभी नए कैंसर मामलों का करीब 12 प्रतिशत है। इनमें H. pylori संक्रमण सबसे अधिक मामलों से जुड़ा पाया गया।

एक प्रकार का बैक्टीरिया है जो मुख्य रूप से पेट की अंदरूनी परत में संक्रमण पैदा करता है। लंबे समय तक संक्रमण रहने पर पेट में लगातार सूजन और अन्य बदलाव हो सकते हैं, जिससे कुछ लोगों में पेट के कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, H. pylori से संक्रमित हर व्यक्ति को कैंसर नहीं होता।

दुनिया में 7.6 लाख मामलों से संबंधउपलब्ध अध्ययन के मुताबिक 2024 में H. pylori संक्रमण करीब 7.6 लाख कैंसर मामलों से जुड़ा था। यह वैश्विक स्तर पर सभी कैंसर मामलों का लगभग 4 प्रतिशत है। संक्रमण से जुड़े कैंसरों में H. pylori का योगदान सबसे अधिक आंका गया है।

इसके बाद HPV करीब 7.5 लाख मामलों से जुड़ा पाया गया। हेपेटाइटिस-B से लगभग 3.6 लाख, Epstein-Barr वायरस से करीब 2.6 लाख और हेपेटाइटिस-C से लगभग 1.6 लाख कैंसर मामलों का संबंध बताया गया है।

भारत में 47 हजार मामले

भारत के आंकड़ों पर नजर डालें तो H. pylori संक्रमण से जुड़े करीब 47 हजार कैंसर मामलों का अनुमान सामने आया है। भारत में संक्रमण से जुड़े कुल कैंसर मामलों की संख्या करीब 1.9 लाख बताई गई है। H. pylori से जुड़े मामलों में मुख्य चिंता पेट के कैंसर को लेकर है।

विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण की समय पर पहचान और आवश्यक उपचार कैंसर के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। लगातार पेट दर्द, अपच या अन्य लंबे समय से बने लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

संक्रमण से बचाव पर जोर

अध्ययन में संक्रमणों की रोकथाम को कैंसर नियंत्रण की महत्वपूर्ण रणनीति बताया गया है।

H. pylori के मामले में जांच और चिकित्सकीय उपचार उपयोगी हो सकते हैं।

HPV और हेपेटाइटिस-B जैसे संक्रमणों के लिए उपलब्ध टीकाकरण भी कैंसर की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर की रोकथाम केवल उपचार तक सीमित नहीं है।

संक्रमणों की पहचान, टीकाकरण, स्क्रीनिंग, सुरक्षित चिकित्सा प्रक्रियाओं और समय पर उपचार जैसे कदम कैंसर के बोझ को कम करने में मदद कर सकते हैं।

H. pylori क्या है और कैंसर से इसका क्या संबंध है?

2024 में H. pylori से कितने कैंसर मामले जुड़े?

भारत में H. pylori संक्रमण से जुड़े 47 हजार मामले

संक्रमण की रोकथाम से कम हो सकता है कैंसर का खतरा?

Facts/Details

2024 में वैश्विक स्तर पर करीब 23 लाख कैंसर मामले संक्रमणों से जुड़े थे।

करीब 7.6 लाख कैंसर मामलों से जुड़ा था।

भारत में H. pylori से जुड़े करीब 47 हजार कैंसर मामले अनुमानित हैं।

मुख्य रूप से पेट में संक्रमण करता है और पेट के कैंसर के जोखिम से संबंधित है।

संक्रमण से जुड़े कैंसरों की रोकथाम में जांच, उपचार और उपलब्ध टीकाकरण महत्वपूर्ण हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, H. pylori संक्रमण का मतलब यह नहीं है कि संक्रमित व्यक्ति को कैंसर होना तय है। लेकिन लंबे समय तक बने संक्रमण से पेट में सूजन और अन्य बदलाव हो सकते हैं, इसलिए चिकित्सकीय सलाह के अनुसार जांच और उपचार महत्वपूर्ण है।

FAQ:

Q1. H. pylori क्या है?

H. pylori एक बैक्टीरिया है जो पेट की अंदरूनी परत में संक्रमण पैदा कर सकता है।

Q2. H. pylori से कितने कैंसर मामले जुड़े हैं?

2024 में वैश्विक स्तर पर करीब 7.6 लाख कैंसर मामले H. pylori संक्रमण से जुड़े थे।

Q3. भारत में कितने मामले सामने आए?

भारत में H. pylori से जुड़े करीब 47 हजार कैंसर मामलों का अनुमान है।

Q4. क्या H. pylori से संक्रमित हर व्यक्ति को कैंसर होता है?

नहीं। संक्रमण कैंसर का जोखिम बढ़ा सकता है, लेकिन हर संक्रमित व्यक्ति को कैंसर नहीं होता।

Q5. H. pylori संक्रमण होने पर क्या करना चाहिए?

लक्षण या संक्रमण की आशंका होने पर डॉक्टर से जांच और उपचार के संबंध में सलाह लेनी चाहिए।

H. pylori संक्रमण और कैंसर के बीच संबंध ने इसकी समय पर पहचान और उपचार के महत्व को रेखांकित किया है। भारत में करीब 47 हजार मामलों का अनुमान सामने आने के बाद संक्रमण नियंत्रण, जागरूकता और चिकित्सकीय जांच पर ध्यान देना जरूरी है।