गोरखपुर | 4 अक्टूबर 2026
राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर में आयोजित तहसील दिवस में जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। कुल 196 मामले आए, जिनमें 11 का मौके पर निस्तारण किया गया। डीएम ने अधिकारियों को आईजीआरएस शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान कराने के निर्देश दिए।
मुख्य खबर
गोरखपुर के तहसील सभागार में शनिवार को तहसील दिवस का आयोजन जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में किया गया। करीब 12 बजे जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ तहसील दिवस में पहुंचे और फरियादियों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर जांच कर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
तहसील दिवस में कुल 196 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 11 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस से संबंधित शिकायतों को एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने गंभीरता से सुना और अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग से सबसे अधिक शिकायतें
जिलाधिकारी ने बताया कि तहसील दिवस में सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग से संबंधित आए। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग, विस्तारित गीडा क्षेत्र, रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। डीएम ने कहा कि सभी शिकायतों की लगातार निगरानी की जाएगी और संबंधित अधिकारियों से समयबद्ध रिपोर्ट लेकर उनका निस्तारण कराया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से आईजीआरएस शिकायतों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि शिकायतकर्ता को राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
बाढ़ और सड़क संबंधी समस्याओं पर भी चर्चा
तहसील दिवस में बाढ़ की स्थिति को लेकर भी जानकारी ली गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
ऊपर की ओर जलस्तर कम हो रहा है और जल्द ही स्थानीय स्तर पर भी नदियों का जलस्तर घटने की उम्मीद है।
मार्गों और पुलियों से संबंधित शिकायतों के समाधान का भी आश्वासन दिया गया।
डीएम ने बताया कि मुख्य मार्ग के लिए एनएच की स्वीकृति मिल चुकी है।
मौसम अनुकूल होते ही मार्ग की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।
त्योहारों को लेकर प्रशासन अलर्ट
आगामी त्योहारों को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
किसी भी व्यक्ति द्वारा माहौल खराब करने या त्योहारों में खलल डालने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि त्योहारों को देखते हुए पुलिस की सभी बीटों को सक्रिय कर दिया गया है।
प्रतिमा स्थापना वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजे संचालकों और आयोजकों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करना होगा।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
6. प्रमुख शिकायतें और अधिकारियों को निर्देश
तहसील दिवस में ग्राम जिगनी निवासी अमीरून निशा ने पैमाइश के बाद जमीन पर लगाए गए पत्थरों को कुछ लोगों द्वारा उखाड़कर फेंकने की शिकायत की है।अधिवक्ता रामलखन राय ने सिंचाई विभाग की नहर टूटने के मामले में 21 किसानों को जारी नोटिस वापस लेने की मांग रखी।
ऊंचगांव निवासी विजय लक्ष्मी ने लेखपाल पर गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप लगाया।
चाड़ी निवासी तारकेश्वर ने पट्टे की भूमि पर कब्जे की शिकायत की।
खड़ेसरी निवासी आकाश ने सार्वजनिक रास्ते और भूमि से अतिक्रमण हटवाने की मांग की।
गौरपार निवासी नित्या नायक ने आय प्रमाण पत्र बनाने में देरी की शिकायत की है।
डीएम ने तहसीलदार सत्येंद्र मौर्य को तत्काल आय प्रमाण पत्र बनवाने और इसकी सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
चैनपुर निवासी राघव शरण तिवारी ने बताया कि चकमार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए वह वर्ष 2012 से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
अधिवक्ता शुकदेव मिश्र ने कई गांवों में जलभराव की समस्या उठाते हुए एनएच-24 के किनारे नाली निर्माण की मांग की।
कब्जा हटाने के बाद नहीं, पहले कार्रवाई के निर्देश
भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में जिलाधिकारी ने तहसीलदार को निर्देश दिया कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा अनधिकृत कब्जा किया गया है। पहले कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाए और उसके बाद पैमाइश कराई जाए। उन्होंने कहा कि जहां मेड़ टूटी हो, वहां पहले मेड़ को ठीक कराया जाए और इसके बाद पैमाइश की प्रक्रिया पूरी की जाए।
डीएम ने सभी विभागों को त्योहारों से पहले अपनी तैयारियां पूरी रखने और व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा करने को कहा।
तहसील दिवस के दौरान तहसीलदार सत्येंद्र मौर्य, नायब तहसीलदार जयप्रकाश, बालचंद चौहान, अभिषेक सोनी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आईजीआरएस और तहसील दिवस से संबंधित शिकायतों को लंबित न रखा जाए।शिकायतों की जांच निष्पक्ष तरीके से कर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने त्योहारों को देखते हुए पुलिस बल को सतर्क रहने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
FAQ:
तहसील दिवस में कितनी शिकायतें आईं?
तहसील दिवस में कुल 196 शिकायतें प्राप्त हुईं।
मौके पर कितनी शिकायतों का समाधान हुआ?
कुल 11 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया।
सबसे ज्यादा शिकायतें किस विभाग से जुड़ी थीं?
सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थीं।
आईजीआरएस को लेकर डीएम ने क्या निर्देश दिए?
डीएम ने आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही नहीं करने और निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
त्योहारों को लेकर पुलिस की क्या तैयारी है?
सभी बीटों को सक्रिय किया गया है और प्रतिमा स्थापना वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
गोरखपुर तहसील दिवस में प्रशासन ने शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान पर जोर दिया।
डीएम ने आईजीआरएस मामलों की निगरानी के साथ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
त्योहारों को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी सतर्क रहेगा