राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोला, गोरखपुर | 2 अक्टूबर 2026
गोरखपुर के गोला क्षेत्र में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में ध्वजारोहण, माल्यार्पण, स्वच्छता अभियान और अन्य कार्यक्रम आयोजित हुए। इस दौरान लोगों ने दोनों महापुरुषों के विचारों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
गोला तहसील परिसर में हुआ कार्यक्रम
महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को गोला क्षेत्र में सुबह से ही विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके बाद महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया गया।
गोला तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी मनीष कुमार ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर तहसीलदार सत्येंद्र मौर्य, नायब तहसीलदार बालचंद चौहान, जय प्रकाश, अभिषेक सोनी समेत तहसील के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
ब्लॉक और स्वास्थ्य केंद्र में भी हुए आयोजन
गोला ब्लॉक परिसर में ब्लॉक प्रमुख कुसमावती देवी ने ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी दिवाकर सिंह सहित ब्लॉक के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान गांधीजी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी और कर्तव्यनिष्ठा से जुड़े जीवन को याद किया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला में अधीक्षक डॉ. अमरेंद्र ठाकुर ने ध्वजारोहण किया और गांधीजी तथा शास्त्रीजी के चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े कर्मचारियों ने भी भाग लिया।
गोला थाना परिसर में थाना प्रभारी सीपी पांडेय ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
इसके बाद महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके जीवन और देश के प्रति योगदान को याद किया गया।
नगर पंचायत कार्यालय और स्कूलों में भी कार्यक्रम
नगर पंचायत कार्यालय में नगर अध्यक्ष लालती देवी ने ध्वजारोहण किया।
इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न कसौधन, सभासद श्रवण कुमार सहित अन्य सभासद और कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय एकता, स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारियों से जुड़े विचारों पर चर्चा की गई।
एमसीए पब्लिक स्कूल में मुख्य सेवक प्रदीप सिंह ने ध्वजारोहण किया।
विद्यालय में जयंती के अवसर पर कला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बच्चों को गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन, विचारों और देश के प्रति योगदान के बारे में जानकारी दी गई।
एलपीएम पब्लिक स्कूल में पूर्व चेयरमैन गिरधारीलाल स्वर्णकार, भागीरथी प्रसाद और अमरनाथ वर्मा ने ध्वजारोहण किया।
बाद गांधीजी और शास्त्रीजी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया।
विद्यालय में विद्यार्थियों को दोनों महापुरुषों के जीवन मूल्यों और देशसेवा से जुड़े विचारों के बारे में बताया गया।
पूरे क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धा, अनुशासन और देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।
सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को गांधीजी और शास्त्रीजी के विचारों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
गोला तहसील परिसर में हुआ कार्यक्रम
ब्लॉक और स्वास्थ्य केंद्र में भी हुए आयोजन
नगर पंचायत कार्यालय और स्कूलों में भी कार्यक्रम

कार्यक्रमों में शामिल लोगों ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से जुड़े आदर्शों को याद किया।
वक्ताओं ने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन समाज और देश के लिए प्रेरणादायक है।
विचारों को व्यवहार में अपनाकर सामाजिक जिम्मेदारियों को मजबूत किया जा सकता है।
FAQ
Q1. गोला में गांधी और शास्त्री जयंती कब मनाई गई?
2 अक्टूबर 2026 को गोला क्षेत्र में गांधी और शास्त्री जयंती मनाई गई।
Q2. गोला तहसील में किसने ध्वजारोहण किया?
गोला तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी मनीष कुमार ने ध्वजारोहण किया।
Q3. क्या स्कूलों में भी कार्यक्रम आयोजित हुए?
हां, एमसीए पब्लिक स्कूल और एलपीएम पब्लिक स्कूल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
Q4. एमसीए पब्लिक स्कूल में कौन-सा कार्यक्रम हुआ?विद्यालय में ध्वजारोहण के साथ कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
Q5. जयंती कार्यक्रमों में किन मूल्यों पर जोर दिया गया?सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सादगी, अनुशासन और देशसेवा जैसे मूल्यों पर जोर दिया गया।
गोला क्षेत्र में गांधी और शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने दोनों महापुरुषों के योगदान को याद किया गया।
ध्वजारोहण, माल्यार्पण और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।