तेल अवीव/रियाद | 2 अक्टूबर 2026
परिचय
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुबई से इजराइल जा रही फ्लाइट में हुए कथित हमले को लेकर बड़ा दावा किया है। उनके मुताबिक, ओमान के को-पायलट पर इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा का प्रभाव था और उसने विमान को गिराने की कोशिश की।
मुख्य खबर
दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की एक यात्री उड़ान में 30 सितंबर को हुई गंभीर घटना के बाद जांच जारी है। उड़ान के दौरान ओमान के को-पायलट ने कथित तौर पर विमान के कप्तान पर हमला किया। इसके बाद विमान का नियंत्रण बिगड़ गया और उसे सऊदी अरब में आपात स्थिति में उतारा गया।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को लेकर दावा किया है कि संदिग्ध को-पायलट पहले इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ था। नेतन्याहू के अनुसार, उसके निजी पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी में कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, घटना के पीछे वास्तविक मकसद और किसी संगठन से उसके संबंध की जांच अभी जारी है।
विमान में अचानक बिगड़े हालात
घटना के दौरान को-पायलट ने कथित तौर पर विमान के कप्तान पर हमला किया। कप्तान गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और अन्य चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की।
रिपोर्टों के अनुसार, विमान उस समय हजारों फीट की ऊंचाई पर था और अचानक नीचे की ओर जाने लगा। रिजर्व पायलटों ने स्थिति संभालते हुए विमान को स्थिर किया। इसके बाद विमान ने सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित आपात लैंडिंग की। विमान में 170 से अधिक लोग सवार थे।
यात्रियों की कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
घटना के दौरान यात्रियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
कुछ यात्रियों ने कथित हमलावर को काबू करने में चालक दल की मदद की, जिससे विमान को नियंत्रित करने के लिए दूसरे पायलटों को समय मिल सका। इजराइली अधिकारियों ने उन यात्रियों की बहादुरी की सराहना की है जिन्होंने स्थिति को और गंभीर होने से रोकने में मदद की।
विमान के भारतीय कप्तान की भी इस घटना में अहम भूमिका रही।
घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को बचाने और यात्रियों को सुरक्षित रखने की कोशिश की।
बाद में उनके स्वास्थ्य को लेकर बताया गया कि वह उपचार और निगरानी में हैं।
जांच में अभी कई सवाल बाकी
नेतन्याहू के कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े दावे के बावजूद जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं।
हमले का वास्तविक मकसद क्या था और क्या संदिग्ध के किसी संगठन या अन्य व्यक्ति से संबंध थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान से संभावित संबंध का संकेत दिया है,
लेकिन इस संबंध में सार्वजनिक रूप से निर्णायक प्रमाण सामने नहीं आया है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि संदिग्ध को-पायलट विमान की उड़ान के लिए कैसे नियुक्त हुआ और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया में कोई कमी तो नहीं रही।
संबंधित देशों की एजेंसियां घटना के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं।
विमान में अचानक बिगड़े हालात यात्रियों की कार्रवाई से टला बड़ा हादसा। जांच में अभी कई सवाल बाकी
घटना 30 सितंबर 2026 को दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई उड़ान में हुई। को-पायलट पर कप्तान पर हमला करने का आरोप है।
विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया। विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे।
इजराइली प्रधानमंत्री ने को-पायलट के कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने का दावा किया है।
घटना के वास्तविक मकसद की जांच अभी जारी है।1
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर को-पायलट के कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत मिले हैं।
हालांकि, जांच एजेंसियां अभी घटना के मकसद और संभावित संपर्कों की पुष्टि कर रही हैं।
FAQ:
Q1. फ्लाइट में हमला कब हुआ?
30 सितंबर 2026 को दुबई से इजराइल जा रही उड़ान में यह घटना हुई।
Q2. हमले का आरोप किस पर है?
फ्लाइट के ओमानी को-पायलट पर कप्तान पर हमला करने और विमान को संकट में डालने का आरोप है।
Q3. विमान कहां उतारा गया?
विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया।
Q4. नेतन्याहू ने क्या दावा किया?
उन्होंने दावा किया कि को-पायलट इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ था।
Q5. क्या हमले का मकसद स्पष्ट है?
नहीं। घटना के पीछे वास्तविक मकसद और किसी संगठन से संभावित संबंधों की जांच जारी है।
फ्लाइट में हुई इस घटना ने विमान सुरक्षा और पायलटों की पृष्ठभूमि जांच से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। नेतन्याहू के दावे की जांच के बीच संबंधित एजेंसियां घटना के वास्तविक मकसद और संभावित संपर्कों का पता लगाने में जुटी हैं।