मुजफ्फरनगर। गांधी जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर किसान अधिकार यात्रा की शुरुआत की। यात्रा का शुभारंभ मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर विधानसभा क्षेत्र से किया गया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस के अनुसार यात्रा का उद्देश्य किसानों, खेत मजदूरों, महिला किसानों, ग्रामीण युवाओं और पशुपालकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और मांगों को सामने लाना है।
मीरापुर से शुरू हुई किसान अधिकार यात्रा
कांग्रेस के घोषित कार्यक्रम के अनुसार किसान अधिकार यात्रा 2 अक्टूबर को मीरापुर से शुरू हुई। इसके बाद यात्रा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होकर आगे बढ़ेगी। कार्यक्रम में शामली, बागपत, मेरठ और गाजियाबाद को शामिल किया गया है।
यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। कांग्रेस संगठन का कहना है कि इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से सीधे बातचीत की जाएगी और कृषि से जुड़े मुद्दों को समझने का प्रयास किया जाएगा।
अजय राय ने किसानों के मुद्दे उठाने की बात कही
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने यात्रा के दौरान किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही। पार्टी की ओर से कहा गया है कि किसान अधिकार यात्रा के जरिए किसानों की समस्याओं और अधिकारों से जुड़े सवालों को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक यात्रा के दौरान किसानों से संवाद कर स्थानीय समस्याओं की जानकारी जुटाई जाएगी और उन्हें पार्टी के स्तर पर उठाने का प्रयास किया जाएगा।
एमएसपी और गन्ना भुगतान समेत कई मुद्दे
कांग्रेस की ओर से किसान अधिकार यात्रा के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), गन्ना किसानों के भुगतान, खाद-बीज की उपलब्धता, बिजली और कृषि से जुड़ी अन्य समस्याओं को प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया है।
पार्टी नेताओं का आरोप है कि किसानों से जुड़े कई सवालों का समाधान जमीनी स्तर पर नहीं हुआ है। कांग्रेस इन्हीं मुद्दों को लेकर किसानों के बीच पहुंचने की बात कह रही है। ये आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं और इन पर सरकार या संबंधित पक्षों का पक्ष अलग हो सकता है।
किसानों के साथ खेत मजदूर और ग्रामीण युवा भी यात्रा में शामिल
किसान अधिकार यात्रा का दायरा केवल किसानों तक सीमित नहीं रखा गया है। कांग्रेस के कार्यक्रम में खेत मजदूरों, महिला किसानों, ग्रामीण युवाओं, पशुपालकों और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों के साथ संवाद का भी उल्लेख किया गया है।
पार्टी के अनुसार ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े इन वर्गों की समस्याओं को समझना और उनके मुद्दों को सामने लाना यात्रा का हिस्सा है।
शामली, बागपत और मेरठ होते हुए आगे बढ़ेगी यात्रा
घोषित कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर को यात्रा शामली पहुंचेगी। इसके बाद 4 अक्टूबर को बागपत, 5 अक्टूबर को मेरठ के सिवालखास और मेरठ दक्षिण क्षेत्र तथा 6 अक्टूबर को गाजियाबाद के लोनी में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
इसके बाद 7 अक्टूबर को गौतमबुद्धनगर के जेवर में यात्रा के समापन का कार्यक्रम है।
यात्रा के लिए संगठन ने तय की जिम्मेदारियां
कांग्रेस ने किसान अधिकार यात्रा के संचालन के लिए अलग-अलग जिलों में समन्वयक और
आयोजक नियुक्त किए हैं। जिला कांग्रेस कमेटियों, विधानसभा स्तर के
पदाधिकारियों और ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया है।
पार्टी के अनुसार यात्रा के दौरान स्थानीय स्तर पर किसानों से संवाद और
कार्यक्रमों के संचालन के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
7 अक्टूबर को जेवर में होगा समापन
कांग्रेस के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार किसान अधिकार यात्रा का अंतिम पड़ाव
गौतमबुद्धनगर का जेवर है। 7 अक्टूबर को यहां यात्रा के समापन का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
यात्रा के जरिए कांग्रेस पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और
कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ संवाद करने की योजना के साथ आगे बढ़ रही है।
इसके राजनीतिक प्रभाव के बारे में अलग-अलग दलों के अपने आकलन हो सकते हैं,
जबकि यात्रा का घोषित उद्देश्य किसानों के मुद्दों को उठाना और उनसे संवाद करना है।
FAQ
Q1. किसान अधिकार यात्रा कहां से शुरू हुई?
कांग्रेस की किसान अधिकार यात्रा 2 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरनगर के मीरापुर विधानसभा क्षेत्र से शुरू हुई।
Q2. किसान अधिकार यात्रा का उद्देश्य क्या है?
कांग्रेस के अनुसार यात्रा का उद्देश्य किसानों, खेत मजदूरों, महिला किसानों,
ग्रामीण युवाओं और पशुपालकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और मांगों को सामने लाना है।
Q3. यात्रा किन जिलों से होकर गुजरेगी?
घोषित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा मुजफ्फरनगर के बाद शामली, बागपत, मेरठ और गाजियाबाद से होकर गौतमबुद्धनगर पहुंचेगी।
Q4. किसान अधिकार यात्रा का समापन कब होगा?
यात्रा का समापन 7 अक्टूबर 2026 को गौतमबुद्धनगर के जेवर में निर्धारित है।
Q5. यात्रा में किन किसान मुद्दों को उठाया जा रहा है?
कांग्रेस की ओर से एमएसपी, गन्ना भुगतान, खाद-बीज की उपलब्धता, बिजली और
कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाने की बात कही गई है।
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