पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाने के संकेत
दिवाली से पहले पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। अदालत ने स्पष्ट किया कि पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का उसका इरादा नहीं है। कोर्ट ने कहा कि दिवाली देश में लोगों की भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है, इसलिए इस पहलू को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
24 घंटे पटाखे चलाने की अनुमति भी नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पटाखे चलाने के लिए पूरे 24 घंटे की छूट नहीं दी जा सकती। अदालत ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार पटाखे चलने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर असर पड़ सकता है।
पटाखों के प्रकार और समय पर होगा फैसला
अदालत अब इस बात पर विचार करेगी कि दिवाली के दौरान किन प्रकार के पटाखों की अनुमति दी जाए और उन्हें कितने समय तक चलाया जा सके। यानी इस मामले में आगे की व्यवस्था पटाखों के प्रकार, प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखकर तय की जा सकती है।
15 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है। इस सुनवाई में पटाखों के इस्तेमाल की समय-सीमा और अनुमत पटाखों से जुड़े मुद्दों पर आगे दिशा-निर्देश सामने आ सकते हैं।
मामला दिल्ली-NCR के प्रदूषण से जुड़ा रहा है
पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में यह मामला लंबे समय से चल रहा है। अदालत पहले भी दिल्ली-NCR में पटाखों के इस्तेमाल, बिक्री और प्रतिबंधित रसायनों से जुड़े मामलों में निर्देश जारी करती रही है।
ग्रीन पटाखों को लेकर पहले भी जारी हुए हैं निर्देश
पिछले वर्षों में अदालत ने दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों को लेकर विशेष व्यवस्था की थी। 2025 के आदेश में निर्धारित अवधि में ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी तथा बेरियम वाले पटाखों और पटाखों की लड़ियों पर रोक जैसी शर्तें रखी गई थीं।
अभी क्या समझें?
फिलहाल इसे पूरे देश में पटाखों पर प्रतिबंध हटने या सभी प्रकार के पटाखों को खुली छूट मिलने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ण प्रतिबंध और 24 घंटे की अनुमति, दोनों के बीच संतुलित व्यवस्था पर विचार करने की बात कही है। अंतिम दिशा-निर्देश अगली सुनवाई और अदालत के आदेश के बाद स्पष्ट होंगे।
प्रदूषण और त्योहार दोनों पर अदालत का ध्यान
सुनवाई के दौरान अदालत के रुख से स्पष्ट है कि दिवाली के उत्सव से जुड़ी भावनाओं के साथ-साथ वायु प्रदूषण और
स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को भी ध्यान में रखा जा रहा है। इसलिए आगामी व्यवस्था में
समय-सीमा और पटाखों के प्रकार महत्वपूर्ण विषय रहेंगे।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल देशभर में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का संकेत नहीं दिया है,
लेकिन 24 घंटे पटाखे चलाने की अनुमति भी नहीं दी गई है।
पटाखों के प्रकार और इस्तेमाल के समय को लेकर अंतिम स्थिति
15 अक्टूबर 2026 की अगली सुनवाई के बाद अधिक स्पष्ट हो सकती है।
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FAQ
सवाल 1: क्या पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा है?
नहीं। मौजूदा सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का इरादा नहीं बताया है।
सवाल 2: क्या दिवाली पर 24 घंटे पटाखे चला सकते हैं?
अदालत ने स्पष्ट किया है कि 24 घंटे पटाखे चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सवाल 3: अगली सुनवाई कब होगी?
सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर 2026 को होगी।
सवाल 4: क्या पटाखों के प्रकार को लेकर भी फैसला होगा?
हां। अदालत ने पटाखों के प्रकार और उनके इस्तेमाल की समय-सीमा पर विचार करने की बात कही है।
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