उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस चरण में परिवार और उसमें रहने वाले प्रत्येक सदस्य से जुड़ी करीब 40 जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इस बार जनगणना में जाति संबंधी जानकारी भी शामिल की गई है, जो इस प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। सरकारी दस्तावेज के अनुसार दूसरे चरण में जनसंख्या की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी जुटाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश में इस चरण की शुरुआत पहले स्व-गणना से होगी। लोग निर्धारित अवधि में ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मी घर-घर पहुंचकर जानकारी का सत्यापन और आवश्यक डेटा संग्रह करेंगे।
16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना
उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण के लिए 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की व्यवस्था रहेगी। इस दौरान परिवार ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित जानकारी स्वयं भर सकते हैं।
जिन लोगों ने स्व-गणना पूरी कर ली होगी, उन्हें प्राप्त स्व-गणना आईडी के आधार पर आगे की प्रक्रिया में मदद मिलेगी। जिन परिवारों ने ऑनलाइन जानकारी दर्ज नहीं की होगी, वहां जनगणना कर्मी पहुंचकर आवश्यक विवरण दर्ज करेंगे।
1 दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे गणनाकर्मी
स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का काम किया जाएगा।
गणना के दौरान परिवार के प्रत्येक सदस्य की जानकारी निर्धारित प्रश्नावली के अनुसार दर्ज की जाएगी। इसके बाद जरूरत पड़ने पर संशोधन और छूटे हुए परिवारों के लिए अलग प्रक्रिया भी रखी गई है।
इस बार पूछे जाएंगे 40 सवाल
दूसरे चरण की प्रश्नावली में प्रत्येक व्यक्ति से कई तरह की जानकारी ली जाएगी। इनमें सामान्य व्यक्तिगत जानकारी के साथ शिक्षा, रोजगार, सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े सवाल शामिल हैं।
मुख्य रूप से जानकारी के इन क्षेत्रों पर ध्यान रहेगा—
- नाम और परिवार से संबंध
- उम्र और जन्म से संबंधित जानकारी
- लिंग
- वैवाहिक स्थिति
- शैक्षणिक योग्यता
- रोजगार और पेशा
- प्रवासन से संबंधित जानकारी
- दिव्यांगता से संबंधित विवरण
- धर्म
- जाति
- नागरिकता और पहचान से जुड़े विवरण
- मोबाइल/डिजिटल सुविधाओं से संबंधित जानकारी
- कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित जानकारी
अंतिम प्रश्नावली भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय की ओर से अधिसूचित की गई है।
पहली बार व्यापक रूप से दर्ज होगी जाति की जानकारी
जनगणना-2027 में जाति संबंधी जानकारी को दूसरे चरण का हिस्सा बनाया गया है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार सभी समुदायों की जातियों से संबंधित जानकारी व्यापक रूप से दर्ज करने की व्यवस्था की गई है।
इसका उद्देश्य देश की सामाजिक संरचना से जुड़े अधिक विस्तृत आंकड़े तैयार करना है। जाति संबंधी प्रश्न को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर अलग-अलग मत भी सामने आए हैं, इसलिए इस हिस्से को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जनगणना होगी डिजिटल
इस बार जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है। जनगणना कर्मी मोबाइल एप के माध्यम से डेटा दर्ज और जमा करेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार के जिला पोर्टलों पर भी जनगणना-2027 के डिजिटल स्वरूप और स्व-गणना से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य डेटा संग्रह और निगरानी की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
घर के हर सदस्य की जानकारी होगी दर्ज
जनगणना में केवल परिवार के मुखिया की जानकारी दर्ज नहीं की जाएगी। परिवार में रहने वाले प्रत्येक सदस्य से संबंधित निर्धारित बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी।
इसमें शिक्षा, कामकाज, सामाजिक स्थिति और अन्य जनसांख्यिकीय विवरण शामिल होंगे। इससे अलग-अलग आयु वर्ग और सामाजिक समूहों की स्थिति से जुड़े आंकड़े तैयार करने में मदद मिलेगी।
सही जानकारी देना जरूरी
जनगणना कर्मियों की ओर से लोगों से सही और स्पष्ट जानकारी देने की अपील की जा रही है। किसी भी जानकारी को जानबूझकर गलत दर्ज कराने से भविष्य में तैयार होने वाले आंकड़ों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार जनगणना के दौरान प्राप्त जानकारी को निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत गोपनीय रखा जाता है।
जनगणना की जानकारी का क्या होगा?
जनगणना से प्राप्त आंकड़ों का इस्तेमाल देश और राज्यों में जनसंख्या से संबंधित नीतियां तैयार करने, सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन करने और प्रशासनिक योजना बनाने जैसे कार्यों में किया जाता है।
जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास, सामाजिक संरचना और अन्य क्षेत्रों से जुड़े आंकड़े भविष्य की योजनाओं और संसाधन संबंधी निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
उत्तर प्रदेश में कब होगी जनसंख्या गणना?
उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण के लिए स्व-गणना 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक होगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी। इसके बाद आवश्यक संशोधन के लिए रिविजन राउंड 5 से 9 जनवरी 2027 तक निर्धारित किया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है जनगणना-2027?
जनगणना देश की आबादी का व्यापक आधिकारिक आंकड़ा तैयार करने की प्रक्रिया है।
इस बार डिजिटल तकनीक के साथ जाति संबंधी जानकारी और कई नए बिंदुओं को शामिल किया गया है।
इससे आने वाले समय में देश की जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक संरचना से संबंधित
अधिक विस्तृत डेटा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारी अब तेज हो गई है।
16 नवंबर से स्व-गणना शुरू होगी और 1 दिसंबर से घर-घर जाकर
जनसंख्या गणना की जाएगी। इस बार प्रत्येक व्यक्ति से करीब
40 बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी और जाति संबंधी विवरण भी जनगणना का हिस्सा होगा।
डिजिटल माध्यम से होने वाली इस प्रक्रिया में लोगों की सही जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
जनगणना कर्मियों के पहुंचने पर परिवारों को निर्धारित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहना होगा।
FAQ
1. उत्तर प्रदेश में जनगणना का दूसरा चरण कब शुरू होगा?
उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण की स्व-गणना 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक होगी।
इसके बाद 1 दिसंबर से घर-घर जनसंख्या गणना शुरू होगी।
2. जनगणना में कितने सवाल पूछे जाएंगे?
दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से कुल 40 बिंदुओं/जानकारियों पर जानकारी लेने की व्यवस्था है।
3. क्या इस बार जाति की जानकारी भी दर्ज होगी?
हां। जनगणना-2027 के दूसरे चरण में जाति संबंधी प्रश्न शामिल किया गया है।
4. क्या जनगणना ऑनलाइन भी भरी जा सकती है?
हां। स्व-गणना के दौरान परिवार ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।
5. घर-घर जनगणना कब होगी?
उत्तर प्रदेश में घर-घर जनसंख्या गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक निर्धारित है।
6. जनगणना में कौन-कौन सी जानकारी ली जाएगी?
व्यक्ति की पहचान और परिवार से जुड़े विवरण के अलावा शिक्षा, रोजगार, वैवाहिक स्थिति,
धर्म, जाति, दिव्यांगता, प्रवासन और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारी शामिल है।
7. क्या जनगणना की जानकारी गोपनीय रहेगी?
सरकारी जानकारी के अनुसार जनगणना में दी गई जानकारी को निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत गोपनीय रखा जाता है।
8. जनगणना-2027 डिजिटल क्यों है?
इस बार डेटा संग्रह और जमा करने के लिए डिजिटल माध्यम और मोबाइल एप का
इस्तेमाल किया जा रहा है। स्व-गणना के लिए ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है
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