शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने गोरखपुर शहर की रफ्तार रोक दी। बेहद कम समय में हुई भारी बारिश के कारण महानगर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कें और बाजार पानी में डूब गए, जबकि कई घरों और दुकानों में भी बारिश और नालियों का पानी पहुंच गया।
नगर निगम के ऑटोमेटिक रेन गेज के मुताबिक करीब डेढ़ घंटे में 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इतनी कम अवधि में हुई भारी बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया।
कई इलाकों में सड़कें बनीं तालाब
बारिश के बाद गोरखपुर के कई प्रमुख बाजारों और मोहल्लों में जलभराव देखने को मिला। निचले इलाकों में पानी सड़कों से होते हुए घरों और दुकानों तक पहुंच गया।
महेवा गल्ला मंडी और साहबगंज समेत कई कारोबारी इलाकों में दुकानों के अंदर पानी भरने की जानकारी सामने आई। इससे व्यापारियों के सामान को नुकसान होने की बात कही गई है। महेवा गल्ला मंडी के व्यापारियों ने करीब 50 लाख रुपये से अधिक के माल के नुकसान का दावा किया है, हालांकि नुकसान का अंतिम आकलन अभी बाकी है।
राप्ती कॉम्प्लेक्स की दुकानों में भी भरा पानी
असुरन-गीता वाटिका रोड के पास राप्ती कॉम्प्लेक्स की निचली मंजिल की करीब 15 दुकानों में पानी भरने की जानकारी सामने आई। कपड़े, जूते-चप्पल, कॉस्मेटिक और अन्य सामान रखने वाली दुकानों में पानी पहुंचने से कारोबार प्रभावित हुआ।
व्यापारियों के मुताबिक बारिश के बाद दुकानों में रखा सामान खराब होने की आशंका है और नुकसान का वास्तविक आंकड़ा पानी पूरी तरह निकलने के बाद स्पष्ट होगा।
बिजली बाधित होने से पंपिंग पर भी असर
साहबगंज सहित कुछ इलाकों में बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की बात सामने आई। इससे जलनिकासी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पंपों के संचालन पर भी असर पड़ा।
व्यापारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के साथ पर्याप्त संख्या में पंप पहले से उपलब्ध कराने की मांग की है।
नगर निगम ने बढ़ाए पंप और मशीनें
जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम की टीमें सक्रिय की गईं। नगर आयुक्त अजय जैन ने अलग-अलग पंपिंग स्टेशनों और जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों को अतिरिक्त पंपिंग सेट लगाने और पंपिंग स्टेशनों को लगातार संचालित रखने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने को भी कहा गया।
राप्ती और रोहिन के बढ़ते जलस्तर पर भी नजर
भारी बारिश के बीच राप्ती और रोहिन नदियों के जलस्तर को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए डोमिनगढ़, इलाहीबाग और बसियाडीह से जुड़े रेग्युलेटरों को बंद किए जाने तथा पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता से चलाने की जानकारी सामने आई है।
एक घंटे में 115 मिमी बारिश से मचा हड़कंप
बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक अन्य माप में
शाम 4:30 से 5:30 बजे के बीच 115 मिमी बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई।
इतनी तेज बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में कुछ ही समय में पानी भर गया।
रेलवे ट्रैक पर भी पहुंचा पानी
भारी बारिश का असर रेलवे परिचालन पर भी पड़ा। गोरखपुर स्टेशन और आसपास के
रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के बाद कुछ ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ी।
यात्रियों को भी स्टेशन तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए लोगों से अनावश्यक रूप से पानी
भरे रास्तों पर जाने से बचने की अपील की गई है। बिजली के तारों,
खुले मैनहोल और तेज बहाव वाले पानी से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
प्रशासन और नगर निगम की टीमें जलनिकासी और राहत कार्य में जुटी हैं।
आने वाले घंटों में मौसम और जलस्तर की स्थिति के आधार पर आगे की व्यवस्था की जाएगी।
FAQ: गोरखपुर बारिश और जलभराव
गोरखपुर में कितनी बारिश हुई?
नगर निगम के ऑटोमेटिक रेन गेज के अनुसार करीब डेढ़ घंटे में 150 मिमी बारिश दर्ज की गई।
एक अन्य रिकॉर्ड में एक घंटे में 115 मिमी बारिश की जानकारी सामने आई है।
गोरखपुर में जलभराव क्यों हुआ?
कम समय में बहुत अधिक बारिश होने से शहर की सामान्य जलनिकासी क्षमता पर दबाव बढ़ गया और
कई इलाकों में पानी जमा हो गया।
किन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आई?
महेवा, साहबगंज, असुरन-गीता वाटिका रोड सहित शहर के कई बाजारों और मोहल्लों में जलभराव की जानकारी सामने आई है।
क्या नगर निगम ने पंप लगाए हैं?
हां। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए अतिरिक्त पंपिंग सेट लगाने और
पंपिंग स्टेशनों को लगातार चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या बारिश से रेलवे यातायात भी प्रभावित हुआ?
हां। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण कुछ ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ी और
कुछ ट्रेनों के परिचालन में देरी हुई।
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