शहर में बिना अनुमति होर्डिंग और फ्लेक्स लगाए जाने के मामले में एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
शिकायत के अनुसार गोरखपुर विश्वविद्यालय, छात्रसंघ चौराहा समेत शहर के अलग-अलग स्थानों पर नगर निगम से अनुमति लिए बिना होर्डिंग और फ्लेक्स लगाए गए थे। नगर निगम ने इन प्रचार सामग्री को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
*नगर निगम की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
नगर निगम की ओर से शुक्रवार को कैंट थाने में शिकायत दी गई। इसमें आरोप लगाया गया कि आदित्य शुक्ला की ओर से शहर के विभिन्न स्थानों पर बिना अनुमति होर्डिंग और फ्लेक्स लगाए गए।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक शहर में होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय और छात्रसंघ चौराहा का मामला
शिकायत में गोरखपुर विश्वविद्यालय और छात्रसंघ चौराहा समेत शहर के अन्य स्थानों का उल्लेख किया गया है। नगर निगम की ओर से कहा गया है कि बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाए जाने से सार्वजनिक स्थानों की व्यवस्था और शहर के स्वरूप पर असर पड़ सकता है।
मामले में लगाए गए होर्डिंग और फ्लेक्स से संबंधित साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के अनुसार मामले में लगाए गए होर्डिंग और फ्लेक्स से संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसका मतलब है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
छात्र राजनीति में चर्चा तेज
मामला सामने आने के बाद गोरखपुर में छात्र राजनीति से जुड़े लोगों के बीच भी इसकी चर्चा है। रिपोर्ट के अनुसार एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों को लेकर फ्लेक्स लगाए गए थे।
दूसरी ओर नगर निगम का कहना है कि प्रचार सामग्री लगाने के लिए निर्धारित नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।
होर्डिंग लगाने के लिए अनुमति क्यों जरूरी?
शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाने के लिए स्थानीय निकायों के नियम लागू होते हैं। अनुमति प्रक्रिया का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल को व्यवस्थित करना और अनधिकृत प्रचार सामग्री पर नियंत्रण रखना होता है।
गोरखपुर नगर निगम भी शहर से जुड़ी नागरिक सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का संचालन करता है।
आगे क्या होगा?
अब पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों, होर्डिंग और फ्लेक्स से संबंधित साक्ष्यों तथा
शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। जांच के दौरान यदि
अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
फिलहाल मामले में FIR दर्ज हो चुकी है और पुलिस की विवेचना जारी है।
निष्कर्ष
गोरखपुर में बिना अनुमति होर्डिंग और फ्लेक्स लगाए जाने के आरोप में NSUI के
प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
नगर निगम की तहरीर पर हुई इस कार्रवाई में गोरखपुर विश्वविद्यालय,
छात्रसंघ चौराहा समेत शहर के कई स्थानों पर लगाए गए प्रचार सामग्री का उल्लेख किया गया है।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले
तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
FAQ
गोरखपुर में किसके खिलाफ FIR दर्ज हुई है?
बिना अनुमति होर्डिंग और फ्लेक्स लगाने के मामले में NSUI के
प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।
FIR किस थाने में दर्ज हुई?
मामला कैंट थाने में दर्ज किया गया है।
शिकायत किसने दी?
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
कहां-कहां होर्डिंग लगाने का आरोप है?
शिकायत में गोरखपुर विश्वविद्यालय, छात्रसंघ चौराहा समेत शहर के विभिन्न स्थानों का उल्लेख है।
क्या मामले में जांच पूरी हो गई है?
नहीं। कैंट पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और जांच में
सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिना अनुमति होर्डिंग लगाने पर कार्रवाई क्यों हुई?
नगर निगम के अनुसार शहर में होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाने के लिए
अनुमति लेना जरूरी है। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा सकती है।
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