ऑनलाइन जुआ ऐप चलाने पर तीन साल तक जेल, एक करोड़ जुर्माना
कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग बिल को दी मंजूरी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को ऑनलाइन गेमिंग विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक ‘ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी’ और इसके विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाता है। इसमें ऐसे ऐप चलाने वालों के लिए तीन साल तक की जेल या एक करोड़ रुपए तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसको मंजूरी दी गई। इसके बाद यह बिल संसद में पेश किया जाएगा। किसी सेलिब्रिटी द्वारा सट्टेबाजी या जुए से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग ऐप का प्रचार नहीं कर सकेगा। नियमों का उल्लंघन कर विज्ञापन करने वालों के लिए दो साल तक की कैद या 50 लाख रुपए तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है।
विधेयक के मुताबिक, बैंक को ऑनलाइन गेमिंग के लिए पैसे ट्रांसफर करने की इजाजत नहीं होगी। नकदी के लेन-देन और धन हस्तांतरण की अनुमति नहीं होगी। तीन साल तक की कैद या एक करोड़ रुपए का जुर्माना या दोनों का प्रावधान होगा। उल्लंघन बार-बार करने पर और कड़ी सजा मिलेगी। लगातार उल्लंघन करने वालों के लिए कठोर कारावास (3–5 साल) और पांच करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अलावा सरकार को ऐसे ऐप और वेबसाइटों को ब्लॉक करने का अधिकार होगा।
सेलिब्रिटी ऐप का प्रचार भी नहीं कर सकेंगे
- 22 करोड़ से अधिक भारतीय यूजर्स सट्टेबाजी ऐप के हैं। इनमें 50% नियमित यूजर हैं।
- 100 अरब डॉलर से अधिक का बाजार है भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी का।
- हर साल 30% की दर से बढ़ रहा है कारोबार।
ड्रीम 11 और फैंटेसी जैसे गेमिंग ऐप पर पाबंदी लगेगी, जिनमें रुपये का लेन-देन होता है।