मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़ी रिपोर्टों के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपनी रणनीति तैयार करने के लिए 29 सितंबर को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक बुलाने का फैसला किया है। इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।
चुनाव आयोग को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
विवाद की शुरुआत चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी एक रिपोर्ट सामने आने के बाद हुई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले करीब 10 महीनों के दौरान SIR और चुनाव आयोग की कुछ प्रक्रियाओं से संबंधित मामलों पर कई बार आपत्तियां दर्ज कराईं।
इस रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आयोग के सदस्यों की ओर से व्यक्त किए गए अलग-अलग विचारों को संस्थागत निर्णय नहीं माना जा सकता और उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
29 सितंबर को होगी CWC की बैठक
कांग्रेस ने अब इस पूरे मामले को लेकर अपनी शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाने का फैसला किया है। बैठक 29 सितंबर को होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, महासचिव और राज्यों के प्रभारी शामिल होंगे। बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मौजूदा विवाद पर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
कांग्रेस की ओर से इस बैठक में चुनाव आयोग से संबंधित मुद्दों पर प्रस्ताव लाए जाने की संभावना भी रिपोर्टों में जताई गई है। हालांकि, बैठक में अंतिम रूप से क्या निर्णय होगा, यह पहले से तय मानना उचित नहीं होगा।
राहुल गांधी आज करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
CWC की बैठक से पहले राहुल गांधी इस मुद्दे पर अपनी बात रखने वाले हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर पहले भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में चुनावी प्रक्रिया से संबंधित आरोपों को गंभीर बताते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनके इन आरोपों को कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।
दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों वाली रिपोर्ट क्या है?
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अलग-अलग मौकों पर चुनाव आयोग के कुछ निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं।
रिपोर्ट के अनुसार ऐसी आपत्तियों की संख्या करीब 14 बताई गई है। इनमें चुनावी प्रक्रिया और SIR से जुड़े कुछ मामलों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि सदस्यों के बीच विचारों का आदान-प्रदान संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है और आयोग के निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
SIR को लेकर भी जारी है राजनीतिक बहस
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया है।
इसे लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस चल रही है।
विपक्षी दलों ने SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता और
पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने के लिए ऐसी प्रक्रिया जरूरी है।
बीजेपी ने चुनाव आयोग का बचाव किया
इस विवाद के बीच बीजेपी की ओर से चुनाव आयोग का बचाव किया गया है।
बीजेपी का कहना है कि किसी संस्थान के भीतर अलग-अलग
विचार सामने आना अपने आप में संस्थागत संकट का प्रमाण नहीं है।
इस तरह फिलहाल मामले में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की आपत्तियों के साथ चुनाव आयोग और
सत्तारूढ़ पक्ष का अलग पक्ष भी सामने आया है।
चुनाव आयोग में कौन-कौन हैं?
भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में
ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। उनके साथ चुनाव
आयुक्त के रूप में सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी कार्यरत हैं।
यही तीन सदस्यीय आयोग चुनाव से जुड़े संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों पर निर्णय लेता है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर 29 सितंबर को होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक पर रहेगी।
इससे पहले राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आने वाली बातें भी
इस राजनीतिक विवाद की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं।
दूसरी तरफ चुनाव आयोग की ओर से अपने फैसलों और SIR प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण दिए जाने के बाद
विवाद के विभिन्न पहलुओं पर आगे भी राजनीतिक प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
निष्कर्ष
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद फिलहाल
राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। कथित आंतरिक आपत्तियों से जुड़ी रिपोर्ट के बाद कांग्रेस ने
29 सितंबर को CWC की बैठक बुलाने का फैसला किया है।
वहीं चुनाव आयोग ने कहा है कि उसके निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस की बैठक और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों पर नजर रहेगी।
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