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सभी दलों की हां से राज्य विधानसभा सदस्य व मंत्री सुख-सुविधा विधि (संशोधन) विधेयक पार
लखनऊ – विधानसभा, विधान परिषद सदस्य और मंत्रियों के वेतन-भत्ते बढ़ा दिए गए हैं। मानसून सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा सदस्य व मंत्री सुख-सुविधा विधि (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किया, जो ध्वनिमत से पारित हो गया। इसमें विधायकों के वेतन-भत्ते में 40.93% और मंत्रियों में 38.66% की बढ़ोतरी की गई है।
अब विधायक को 67,750 रुपये और मंत्री को 77,750 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त मिलेगा। इसके अलावा पेंशन में भी विधायकों, मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों को बढ़ोतरी मिलेगी।
पेश करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि 2016 में वेतन निर्धारण के बाद से छह साल तक सदस्य मांग पत्र भेजते रहे, लेकिन सहमति पर अब बढ़ोतरी की गई है। मंत्री ने कहा कि अब विधायक को औसतन 77,750 रुपये प्रतिमाह और मंत्री को 67,750 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त मिलेगा।
विधायक के प्रतिमाह वेतन-भत्ता (रुपये में)
| मद | पहले | अब |
|---|---|---|
| वेतन व क्षेत्र भत्ता | 25000 | 35000 |
| सचिवीय एवं टेलीफोन भत्ता | 50000 | 75000 |
| शिष्टाचार भत्ता | 15000 | 20000 |
| डाक भत्ता | 2000 | 3000 |
| वाहन भत्ता | 25000 | 45000 |
| ईंधन भत्ता | 6000 | 9000 |
| कुल वेतन-भत्ता | 119000 | 174016 |
| अन्य भत्ते | 170416 | 240166 |
| कुल | 180416 | 250166 |
105 करोड़ रुपये का बोझ
वित्त मंत्री ने बताया कि पूर्व विधायकों को अब तक एक लाख रुपये की रेलवे पास चलाना मिलता था, जिसे छह लाख कर दिया है। रेल और हवाई यात्रा के लिए 50 हजार और निजी वाहन के लिए एक लाख रुपये नकद मिलेंगे। अगर ये उपयोग नहीं होते, तो परिवर्तनीय भत्ता दिया जाएगा। सरकार पर 105.63 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा।
मुद्रास्फीति भत्ता में जोड़ी गई वृद्धि विधायकों व मंत्रियों को मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि 2020 की मुद्रास्फीति सूचकांक को आधार मानकर हर दो साल में संशोधन होगा। इसके तहत अब 2025 से भी यह लागू रहेगा।