H-1B वीजा फीस: 1 लाख डॉलर की शर्त सितंबर 2027 तक बढ़ी, नए आवेदनों पर असर

अमेरिका में H-1B वीजा से जुड़ी 1 लाख डॉलर की भुगतान शर्त को आगे बढ़ा दिया गया है। ट्रंप प्रशासन के नए आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 21 सितंबर 2027 तक लागू रहेगी। इसका असर मुख्य रूप से अमेरिका के बाहर मौजूद उन विदेशी कर्मचारियों के नए H-1B मामलों पर पड़ेगा, जिनकी याचिकाएं इस शर्त के दायरे में आती हैं।

H-1B वीजा पर क्या बदला?

वर्ल्ड न्यूज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को एक नई घोषणा जारी कर पहले लागू की गई H-1B प्रवेश पाबंदी को अगले 12 महीनों के लिए बढ़ाया है। नई व्यवस्था 21 सितंबर 2026 से प्रभावी होकर 21 सितंबर 2027 तक जारी रहेगी। इसके तहत कुछ नए H-1B मामलों में संबंधित याचिका के साथ या उसके बाद 1 लाख डॉलर का भुगतान आवश्यक होगा।

सरकार के अनुसार यह शर्त पहली बार सितंबर 2025 में लागू की गई थी। इसका उद्देश्य H-1B कार्यक्रम के इस्तेमाल में कथित अनियमितताओं को रोकना और अधिक वेतन तथा उच्च कौशल वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता देने वाली व्यवस्था को आगे बढ़ाना बताया गया है।

नई घोषणा में यह भी कहा गया है कि अमेरिका से बाहर मौजूद H-1B कर्मचारियों के ऐसे मामलों में, जिन पर यह प्रतिबंध लागू है और भुगतान नहीं किया गया है, संबंधित एजेंसियां याचिकाओं पर निर्णय रोक सकती हैं। हालांकि, राष्ट्रीय हित से जुड़े मामलों में कुछ अपवाद की व्यवस्था भी रखी गई है।

भारत से जाने वाले H-1B कर्मचारियों पर क्या असर?

H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष कौशल वाले विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। भारतीय पेशेवर इस वीजा व्यवस्था का लंबे समय से महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। नई भुगतान शर्त ऐसे नियोक्ताओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय बोझ पैदा कर सकती है, जो अमेरिका के बाहर मौजूद किसी कर्मचारी के लिए नए H-1B मामले की प्रक्रिया शुरू करते हैं।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह 1 लाख डॉलर की राशि सामान्य H-1B नवीनीकरण शुल्क के रूप में नहीं बताई गई है। अमेरिकी प्रशासन के आधिकारिक FAQ के अनुसार 2025 में लागू व्यवस्था नए H-1B मामलों पर केंद्रित थी और पहले से जारी H-1B वीजा तथा कुछ पुराने मामलों पर यह लागू नहीं थी।

2026 की नई घोषणा में प्रशासन ने कहा है कि 2025 के बाद H-1B पंजीकरण के पैटर्न में बदलाव देखा गया है। व्हाइट हाउस के अनुसार बड़ी IT आउटसोर्सिंग कंपनियों के H-1B पंजीकरण में उल्लेखनीय कमी आई और उच्च वेतन वाले पदों से जुड़े चयन का हिस्सा बढ़ा।

ये आंकड़े अमेरिकी प्रशासन द्वारा जारी किए गए हैं।

सरकार ने क्यों बढ़ाई समयसीमा?

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि H-1B कार्यक्रम में वेतन, रोजगार और कार्यक्रम के दुरुपयोग से जुड़े मुद्दे अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। इसी आधार पर 2025 की घोषणा को एक और साल जारी रखने का फैसला लिया गया है। एक और प्रशासन ने H-1B प्रक्रिया में विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए अलग कार्यकारी आदेश भी जारी किया है।

Facts/Details

भुगतान शर्त: 1 लाख अमेरिकी डॉलर

नई प्रभावी अवधि: 21 सितंबर 2026 से 21 सितंबर 2027

मुख्य प्रभावित मामले: दायरे में आने वाले नए H-1B मामले

पहली घोषणा: सितंबर 2025

संभावित अपवाद: राष्ट्रीय हित के आधार पर कुछ मामलों में छूट

अतिरिक्त नीति: H-1B आवेदनों की जांच और एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने का निर्देश।

Statement

व्हाइट हाउस के अनुसार, इस व्यवस्था को बढ़ाने का उद्देश्य H-1B कार्यक्रम में नियमों के पालन को मजबूत करना है

अमेरिकी श्रम बाजार से जुड़े हितों की रक्षा करना है।

प्रशासन ने इसे कार्यक्रम में सुधार की चल रही प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।

FAQ

Q1. H-1B पर 1 लाख डॉलर की शर्त कब तक रहेगी?

यह व्यवस्था 21 सितंबर 2027 तक बढ़ाई गई है।

Q2. क्या यह हर H-1B वीजा पर लागू है?

नहीं। घोषणा में यह शर्त दायरे में आने वाले कुछ नए H-1B मामलों पर लागू की गई है।

Q3. क्या पुराने H-1B वीजा पर भी 1 लाख डॉलर देना होगा?

2025 की आधिकारिक FAQ के अनुसार पहले से जारी H-1B वीजा पर यह शर्त लागू नहीं की गई थी।

Q4. क्या इसमें कोई छूट है?

राष्ट्रीय हित से जुड़े कुछ मामलों में अपवाद का प्रावधान रखा गया है।

H-1B वीजा से जुड़ी 1 लाख डॉलर की भुगतान शर्त को अमेरिका ने एक और साल के लिए बढ़ा दिया है।

इसका प्रभाव नए H-1B मामलों और संबंधित नियोक्ताओं की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

भारतीय पेशेवरों और कंपनियों के लिए आगे जारी होने वाले आधिकारिक दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण रहेंगे।