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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन व्यवस्था और विभागीय भर्ती से जुड़े कई प्रस्तावों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रदेश में वाहनों की जांच व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर स्थापित किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही सिद्धार्थनगर और हरदोई में नए बस अड्डों के निर्माण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।
ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर के लिए नई व्यवस्था
परिवहन विभाग में ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर खोलने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। निर्धारित व्यवस्था के तहत एक जिले में अधिकतम तीन ऐसे केंद्र स्थापित किए जा सकेंगे।
इन केंद्रों के लिए अधिकतम 3500 वर्ग मीटर भूमि की सीमा तय की गई है। ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर के माध्यम से वाहनों की फिटनेस जांच को आधुनिक तकनीक से संचालित करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
तीन स्थानों पर नए बस अड्डों को मंजूरी
कैबिनेट के निर्णय में सार्वजनिक परिवहन से जुड़े तीन स्थानों को भी शामिल किया गया है।
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ और बढ़नी तथा
हरदोई जिले के सवायजपुर में नए बस अड्डे बनाए जाएंगे।
इन परियोजनाओं के लिए राजस्व विभाग की भूमि परिवहन विभाग को
उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। संबंधित भूमि निशुल्क दिए जाने के बाद
बस अड्डों से जुड़ी आगामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती में प्रावधान
परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही सहित संबंधित पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से जुड़े प्रस्ताव को भी
कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इस फैसले के बाद अग्निवीर सेवा पूरी कर चुके अभ्यर्थियों के लिए
परिवहन विभाग की भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित प्रावधान के तहत अवसर उपलब्ध होगा।
परिवहन क्षेत्र में फैसलों का क्या होगा असर?
कैबिनेट के इन निर्णयों में एक तरफ वाहनों की फिटनेस जांच को स्वचालित प्रणाली से
जोड़ने की योजना है, वहीं दूसरी ओर नए बस अड्डों के जरिए परिवहन सुविधाओं के विस्तार का प्रस्ताव है।
इसके अलावा पूर्व अग्निवीरों के लिए विभागीय भर्ती में अवसर से जुड़ा फैसला भी लिया गया है।
आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों की ओर से निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
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