बलरामपुर में पचपेड़वा थाना प्रभारी निलंबित, हाईकोर्ट के आदेश के बाद जांच में मिली लापरवाही; एसपी ने लिया सख्त एक्शन

बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से पुलिस विभाग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। पचपेड़वा थाने के प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान को निलंबित कर दिया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई जांच में प्रथम दृष्टया पुलिस अधिकारी की कार्यप्रणाली में लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।

पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर 11 सितंबर को प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर द्वारा की गई थी। जांच अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निलंबन का निर्णय लिया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई थी जांच

मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस विभाग की ओर से जांच कराई गई। जांच की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को दी गई थी। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और पुलिस अधिकारी की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया गया।

जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता सही पाए जाने के बाद रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान को निलंबित करने का फैसला लिया।

11 सितंबर को एसपी ने की निलंबन की कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर 11 सितंबर को पचपेड़वा थाना प्रभारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। विभागीय कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एसपी की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ करना होगा।

लापरवाही पर एसपी का सख्त रुख

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस विभाग में लापरवाही, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एसपी के इस रुख से साफ है कि जिले में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखी जा रही है और शिकायत या जांच में दोष सामने आने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

विभागीय कार्रवाई से पुलिस महकमे में संदेश

पचपेड़वा थाना प्रभारी के निलंबन को पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया

कदम माना जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई जांच और उसके आधार पर की गई

कार्रवाई से यह संदेश गया है कि पुलिस अधिकारियों को न्यायालय के

निर्देशों और अपने विभागीय दायित्वों का गंभीरता से पालन करना होगा।

फिलहाल निलंबन की कार्रवाई जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया सामने आई लापरवाही के आधार पर की गई है।

मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार हो सकती है।

क्या है पूरा मामला?

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद पचपेड़वा थाने की कार्यप्रणाली से

संबंधित मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने की।

जांच रिपोर्ट में प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान के खिलाफ लापरवाही और

कर्तव्य के प्रति उदासीनता प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद रिपोर्ट एसपी को सौंपी गई

इसके बाद पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने 11 सितंबर को उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए।

एसपी ने क्या कहा?

एसपी ने पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि लापरवाही, भ्रष्टाचार और

अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से

अपने कर्तव्यों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करने की अपेक्षा की गई है।

निष्कर्ष

बलरामपुर में पचपेड़वा थाना प्रभारी ओम प्रकाश चौहान का

निलंबन पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर

अधिकारियों के सख्त रुख को दर्शाता है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई जांच में प्रथम दृष्टया

लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता सामने आने के बाद एसपी ने

यह कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक ने साफ कर दिया है कि विभाग में

अनुशासन और जवाबदेही से समझौता नहीं किया जाएगा।

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