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लखनऊ। विधानमंडल के मानसून सत्र का सोमवार को हंगामेदार आगाज़ हुआ। सपा सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय का गोरखपुर में हुआ अपमान का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री के बयान की मांग करते हुए सपा सदस्यों ने बेल में आकर नारेबाजी की। हंगामा इतना बढ़ा कि प्रश्नकाल की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ी। इसके बाद सपा सदस्यों ने प्रकरण की जांच कराने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद विधायकों का निलंबन वापस लिए जाने तक सोमवार तक हंगामा जारी रहा। वहीं, विधान परिषद में स्कूलों के सिलसिले में विपक्ष ने वॉकआउट किया।
विधानसभा में सोमवार को पहले दिन की शुरुआत प्रश्नकाल से होनी थी, लेकिन सपा सदस्य डॉ. संजय सिंह यादव ने गोरखपुर में विरासत रोड शो के दौरान व्यापारियों की दुकानों को तोड़े जाने के मामले में नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में मिले गए प्रतिनिधिमंडल के अपमान का मुद्दा उठाया। सपा पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी नेता प्रतिपक्ष के साथ अपमानजनक व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।
सार्थक चर्चा का मंच बनेगा सदन, हर सवाल का जवाब देगी सरकार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधानमंडल के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि इस बार का सदन हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
सीएम ने दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास, रोजगार, स्वास्थ्य तथा शिक्षा आदि मुद्दों पर सदन में सार्थक चर्चा-परिचर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सरकार सदन में आने वाले हर सवाल का जवाब देगी। सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष को चाहिए कि वह सदन में चर्चा के दौरान रचनात्मक भूमिका निभाए और जनता के मुद्दों को उठाए।