उत्तर प्रदेश के मेरठ में दिवाली से पहले पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के घनी आबादी वाले इलाकों से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। देहली गेट थाना क्षेत्र के लाला का बाजार और रेलवे रोड थाना क्षेत्र के केसरगंज में पुलिस की छापेमारी के दौरान पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक मिश्रण मिला। दोनों स्थानों से बरामद सामग्री की शुरुआती मात्रा करीब 400 किलोग्राम बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का घनी आबादी के बीच रखा होना गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर सकता था। मामले में एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक सामग्री मेरठ तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि मेरठ शहर में पटाखे बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री बड़ी मात्रा में पहुंची है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अलग-अलग टीमों को संभावित ठिकानों पर भेजा।
जांच के दौरान पुलिस को लाला का बाजार और केसरगंज में विस्फोटक सामग्री रखे होने की जानकारी मिली। इसके बाद बुधवार को दोनों स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। लाला का बाजार स्थित एक कॉम्प्लेक्स में पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया, जहां एक दुकान से कई कट्टों में रखी सामग्री बरामद हुई।
राखी की दुकान में छिपाकर रखा था विस्फोटक
पुलिस को जानकारी मिली थी कि लाला का बाजार में एक दुकान के अंदर भारी मात्रा में विस्फोटक छिपाकर रखा गया है। तलाशी के दौरान पुलिस टीम को कई कट्टे मिले। जांच में इनमें पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक मिश्रण पाया गया।
सबसे चिंता की बात यह रही कि यह सामग्री ऐसे इलाके में रखी गई थी, जहां आसपास बड़ी संख्या में लोग रहते और कारोबार करते हैं। पुलिस का कहना है कि यदि किसी वजह से इसमें आग लग जाती या कोई अन्य हादसा हो जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
केसरगंज में भी मिला भारी मात्रा में विस्फोटक
लाला का बाजार में कार्रवाई के साथ ही रेलवे रोड थाना क्षेत्र के केसरगंज में भी पुलिस टीम ने छापा मारा। यहां से भी पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक मिश्रण बरामद किया गया।
दोनों जगहों से जब्त सामग्री को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक आकलन में इसकी कुल मात्रा लगभग 400 किलोग्राम बताई जा रही है। हालांकि, बरामद सामग्री में वास्तव में कौन-कौन से रसायन मौजूद हैं और उनकी क्षमता कितनी है, इसकी पुष्टि जांच के बाद होगी।
विस्फोटक मंगाने वाले व्यक्ति से पूछताछ
पुलिस ने गौरव मोहन, निवासी 56 केसरगंज मंडी गेट, को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने बताया कि यह सामग्री पटाखे बनाने के उद्देश्य से मंगाई गई थी।
अब जांच का दायरा इस बात तक बढ़ गया है कि सामग्री कहां से खरीदी गई, इसे मेरठ तक किस माध्यम से पहुंचाया गया और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
फोरेंसिक टीम ने लिए नमूने
बरामद विस्फोटक की प्रकृति और क्षमता की जांच के लिए फोरेंसिक टीम ने मौके से नमूने लिए हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद सामग्री में कौन-कौन से रसायन शामिल हैं।
यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केवल सामग्री की मात्रा से उसके वास्तविक खतरे का आकलन नहीं किया जा सकता। रासायनिक जांच के बाद ही पुलिस को इसकी संरचना और संभावित जोखिम के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
रोहटा में पटाखा फैक्टरी के गोदाम पर भी छापा
मेरठ शहर के अलावा पुलिस-प्रशासन की टीम ने रोहटा क्षेत्र में भी कार्रवाई की।
मेरठ-बड़ौत मुख्य मार्ग पर स्थित एक पटाखा फैक्टरी के गोदाम पर छापा मारा गया।
यह कार्रवाई मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, गोदाम में मिले
लाखों रुपये के माल को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार,
क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
दिवाली से पहले पटाखा कारोबार पर बढ़ी निगरानी
दिवाली का त्योहार नजदीक आने के साथ ही पटाखों के निर्माण और भंडारण को
लेकर प्रशासन की निगरानी बढ़ना स्वाभाविक है। पटाखों से जुड़ी सामग्री का अवैध या
असुरक्षित भंडारण स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
मेरठ में हुई इस कार्रवाई ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक
सामग्री घनी आबादी वाले इलाकों तक कैसे पहुंची। अब पुलिस की जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
पुलिस के सामने अब ये बड़े सवाल
इस मामले में जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं—
- करीब 400 किलो विस्फोटक सामग्री मेरठ कैसे पहुंची?
- इसे कहां से मंगाया गया था?
- लाला का बाजार और केसरगंज में इसे किस उद्देश्य से रखा गया था?
- इसके पीछे कितने लोग शामिल हैं?
- क्या इसके लिए आवश्यक अनुमति या लाइसेंस मौजूद था?
- रोहटा की पटाखा फैक्टरी और शहर में मिले विस्फोटक के बीच कोई संबंध है?
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद स्पष्ट हो सकते हैं।
घनी आबादी में विस्फोटक मिलने से सुरक्षा पर सवाल
लाला का बाजार और केसरगंज जैसे व्यस्त क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने से
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर सामग्री को कब्जे में लिया है,
लेकिन इस घटना ने अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के संभावित खतरे को सामने ला दिया है।
अब प्रशासन की कोशिश यह पता लगाने की होगी कि कहीं शहर के दूसरे हिस्सों में भी
इसी तरह पटाखा निर्माण या विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण तो नहीं हो रहा।
निष्कर्ष
मेरठ में दिवाली से पहले पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में लाला का बाजार और
केसरगंज से करीब 400 किलो विस्फोटक मिश्रण बरामद किया गया है।
पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और
बरामद सामग्री की रासायनिक जांच कराई जा रही है।
वहीं रोहटा में भी पटाखा फैक्टरी के गोदाम पर कार्रवाई कर माल सील किया गया है।
फिलहाल जांच का मुख्य फोकस विस्फोटक की सप्लाई चेन, इसके इस्तेमाल और इससे जुड़े अन्य लोगों की
भूमिका पर है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की तस्वीर और साफ हो सकती है।
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