रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी, DISHA की बैठक में विकास की नब्ज टटोलेंगे; केंद्रीय योजनाओं पर होगी चर्चा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान बुधवार को रायबरेली कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां वह जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति यानी DISHA (District Development Coordination and Monitoring Committee) की बैठक में शामिल हुए। बैठक में जिले में चल रही विकास योजनाओं, केंद्रीय योजनाओं की प्रगति और पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।

राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। रायबरेली कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र है। ऐसे में उनके दो दिवसीय दौरे को संगठन और विकास, दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।

DISHA की बैठक में क्या होगा?

रायबरेली कलेक्ट्रेट में होने वाली DISHA बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में केंद्र सरकार से जुड़ी विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना है। राहुल गांधी बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों से योजनाओं की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेंगे।

इस दौरान यह देखा जा सकता है कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर लोगों तक कितना पहुंचा है। साथ ही लंबित परियोजनाओं, विकास कार्यों में आ रही बाधाओं और पहले दिए गए निर्देशों पर प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली जाएगी।

DISHA जैसी समितियों में सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि केंद्रीय योजनाओं की निगरानी से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं। इसलिए बैठक में अधिकारियों से सीधे सवाल-जवाब और विभागवार प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा होने की संभावना है।

करीब एक साल बाद हो रही है महत्वपूर्ण बैठक

रायबरेली में DISHA की पिछली बैठक 11 सितंबर 2025 को हुई थी। इसके बाद अप्रैल 2026 में प्रस्तावित बैठक राहुल गांधी के कार्यक्रम में बदलाव के कारण नहीं हो सकी थी। बाद में अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने बैठक में अध्यक्ष के रूप में केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा की थी।

अब करीब एक साल बाद राहुल गांधी खुद बैठक में शामिल हो रहे हैं। ऐसे में पिछली बैठक में उठाए गए मुद्दों पर कितना काम हुआ और किन योजनाओं में अभी भी कमियां हैं, यह समीक्षा का प्रमुख हिस्सा हो सकता है।

83 विकास मामलों पर भी नजर

राहुल गांधी के पिछले DISHA बैठक से जुड़े एजेंडे में जिले के विकास से जुड़े कई मामले चर्चा में रहे थे। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली बैठक में उठाए गए 83 विकास मामलों पर प्रशासन ने क्या कार्रवाई की, इसका फीडबैक भी लिया जा सकता है।

इससे बैठक में केवल नई योजनाओं की समीक्षा ही नहीं होगी, बल्कि पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति भी सामने आ सकती है। सांसद के स्तर से यह जानने की कोशिश होगी कि अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ा।

जल जीवन मिशन समेत कई मुद्दे अहम

रायबरेली में विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों पर भी चर्चा होने की संभावना है। पिछली रिपोर्टों में जिले में इस योजना की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं, पाइपलाइन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की प्रगति पर भी ध्यान दिया जा सकता है।

इसके अलावा सड़क, बिजली, ग्रामीण विकास, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य केंद्रीय योजनाओं से जुड़े काम भी बैठक के एजेंडे में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

दो दिवसीय दौरे में कई लोगों से मिले राहुल

राहुल गांधी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचे थे। दौरे के पहले दिन उन्होंने स्थानीय लोगों और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने व्यापारियों, वकीलों, फार्मासिस्टों और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों की समस्याएं सुनीं और उनके मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने का आश्वासन दिया।

राहुल गांधी के दौरे के दौरान कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत भी किया। उनके काफिले के रायबरेली पहुंचने के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।

बाढ़ प्रभावित लोगों से भी हुई मुलाकात

दौरे के दौरान राहुल गांधी का काफिला कोटवा मदानिया के पास कुछ देर रुका,

जहां बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं।

स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में जलभराव और बाढ़ से पैदा हुई परेशानियों की जानकारी दी।

इस मुलाकात से यह संकेत मिलता है कि राहुल गांधी का दौरा सिर्फ पार्टी संगठन या

प्रशासनिक बैठक तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने स्थानीय लोगों से सीधे

बातचीत कर क्षेत्रीय समस्याओं की जानकारी लेने की कोशिश भी की।

व्यापारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों से भी बातचीत

रायबरेली पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने प्रभु टाउन में स्थानीय व्यापारियों से मुलाकात की।

व्यापारियों ने उन्हें अपने कारोबार से जुड़े मुद्दों और समस्याओं की जानकारी दी। राहुल गांधी ने

उनकी समस्याएं सुनीं और संसद में संबंधित मुद्दों को उठाने का भरोसा दिया।

राहुल गांधी ने इस दौरे के दौरान पार्टी पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की।

इसमें संगठन की स्थिति और स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा की गई।

विधानसभा चुनाव से पहले दौरा क्यों महत्वपूर्ण?

राहुल गांधी का रायबरेली दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच प्रमुख राजनीतिक दल

अपने संगठन को मजबूत करने और जमीनी मुद्दों पर पकड़ बनाने में जुटे हैं।

रायबरेली कांग्रेस का परंपरागत रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। राहुल गांधी

खुद यहां से लोकसभा सांसद हैं। ऐसे में उनका स्थानीय कार्यकर्ताओं, व्यापारियों और

आम लोगों से संपर्क राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि DISHA बैठक मूल रूप से विकास योजनाओं की निगरानी और

समीक्षा से जुड़ी है, लेकिन राहुल गांधी की मौजूदगी और उनके दौरे के

राजनीतिक संदर्भ को देखते हुए इस कार्यक्रम पर राजनीतिक नजर भी बनी हुई है।

अधिकारियों से विकास की जमीनी हकीकत जानेंगे राहुल

DISHA बैठक में राहुल गांधी अधिकारियों से यह जानने की कोशिश करेंगे कि

सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति क्या है। कागजों पर योजनाओं की प्रगति और जमीन पर

उनके क्रियान्वयन के बीच अंतर होने की स्थिति में संबंधित विभागों से जवाब मांगा जा सकता है।

बैठक का एक अहम पहलू यह भी रहेगा कि पिछली समीक्षा के

दौरान सामने आए मुद्दों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई। इससे रायबरेली के

विकास कार्यों की स्थिति का व्यापक आकलन सामने आने की उम्मीद है।

बैठक के बाद दिल्ली लौटेंगे

राहुल गांधी के दो दिवसीय रायबरेली दौरे का कार्यक्रम बैठक के बाद

समाप्त होने की संभावना है। रिपोर्टों के अनुसार वह बुधवार शाम लखनऊ के रास्ते दिल्ली लौटेंगे।

इस दौरान उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से मुलाकात की,

स्थानीय समस्याओं को सुना और अब DISHA बैठक में जिले के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं।

निष्कर्ष

राहुल गांधी का रायबरेली दौरा विकास और राजनीति दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

DISHA बैठक में केंद्रीय योजनाओं की प्रगति, लंबित विकास कार्यों और

पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा होगी।

वहीं, दौरे के पहले दिन व्यापारियों, स्थानीय प्रतिनिधियों और बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात के जरिए

राहुल गांधी ने क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को समझने की कोशिश की। अब बैठक में अधिकारियों की रिपोर्ट और

विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति पर होने वाली चर्चा पर सबकी नजर रहेगी।

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