गोरखपुर। गोरखपुर जंक्शन के पश्चिमी यार्ड में सोमवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सीमेंट की बोरियों से लदी मालगाड़ी की तीन बोगियां अचानक पटरी से उतर गईं। घटना रात करीब एक बजे लाइन नंबर-8 के पश्चिमी यार्ड में हुई। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बहाली का काम शुरू किया।
घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। राहत की बात यह रही कि मालगाड़ी के डिरेल होने की घटना यार्ड क्षेत्र में हुई, जिससे मुख्य रेल लाइन पर यात्री ट्रेनों के परिचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
मध्यप्रदेश से बिहार जा रही थी सीमेंट लदी मालगाड़ी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मालगाड़ी मध्यप्रदेश से बिहार के नारायणपुर अनंत रेलवे स्टेशन की ओर जा रही थी। मालगाड़ी में सीमेंट की बोरियां लदी थीं। गोरखपुर जंक्शन के पश्चिमी यार्ड से गुजरते समय अचानक इसकी तीन बोगियां पटरी से नीचे उतर गईं।
बोगियों के पटरी से उतरने की जानकारी मिलते ही रेलवे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई। इसके बाद रेलवे की तकनीकी और परिचालन टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
पटरी से उतरी बोगियों को मालगाड़ी से किया गया अलग
हादसे के बाद रेलवे कर्मचारियों ने सबसे पहले डिरेल हुई तीनों बोगियों को मालगाड़ी के बाकी हिस्से से अलग किया। इसका उद्देश्य अन्य बोगियों को सुरक्षित तरीके से हटाना और बहाली का काम तेजी से पूरा करना था।
रेलवे की टीम ने क्रेन और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से पटरी से उतरी बोगियों को ट्रैक से हटाने का काम शुरू किया। रातभर कर्मचारी घटनास्थल पर जुटे रहे।
करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैक हुआ बहाल
कई घंटे तक चले राहत एवं बहाली अभियान के बाद मंगलवार सुबह करीब 8:10 बजे पटरी से उतरी तीनों बोगियों को ट्रैक से हटा दिया गया। इसके बाद मालगाड़ी को दोबारा व्यवस्थित कर आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया।
रेलवे कर्मचारियों को पूरी प्रक्रिया पूरी करने में करीब सात घंटे का समय लगा। बहाली का काम पूरा होने के बाद संबंधित रेल परिचालन को सामान्य किया गया।
DRM ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार सुबह रेलवे के DRM भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। अधिकारियों से डिरेलमेंट की स्थिति, बहाली कार्य और रेल परिचालन से जुड़ी जानकारी ली गई।
DRM के निरीक्षण के दौरान रेलवे की तकनीकी टीम भी मौके पर मौजूद रही।
मालगाड़ी के डिरेल होने की वजह अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल मालगाड़ी की तीन बोगियों के पटरी से उतरने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। रेलवे की तकनीकी टीम घटना के कारणों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डिरेलमेंट किन परिस्थितियों में हुआ।
रेलवे प्रशासन के अनुसार घटना यार्ड क्षेत्र में हुई थी, इसलिए मुख्य रेल लाइन पर ट्रेनों के संचालन पर इसका बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा।
हादसे में जनहानि नहीं
इस घटना में अभी तक किसी व्यक्ति के घायल होने अथवा जनहानि की सूचना नहीं है। रेलवे प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और डिरेल हुई बोगियों को हटाने के बाद मालगाड़ी को आगे रवाना कर दिया गया।
रेलवे अब डिरेलमेंट के तकनीकी कारणों की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
निष्कर्ष
गोरखपुर जंक्शन के पश्चिमी यार्ड में सीमेंट लदी मालगाड़ी की तीन बोगियों के पटरी से उतरने की घटना ने देर रात रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया। हालांकि घटना यार्ड में होने के कारण मुख्य रेल परिचालन प्रभावित नहीं हुआ। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद मंगलवार सुबह 8:10 बजे बोगियों को ट्रैक से हटाकर मालगाड़ी को आगे रवाना कर दिया गया। अब रेलवे की जांच टीम डिरेलमेंट के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
