गोरखपुर: राजघाट क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन ने राहत और उपचार की व्यवस्था तेज कर दी है। हादसे में घायल अधिवक्ता का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। रविवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायल अधिवक्ता का हाल-चाल जाना और उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में चिकित्सकों से जानकारी ली।
डीएम ने अस्पताल में उपचाराधीन अधिवक्ता से मुलाकात कर उनकी तबीयत के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने चिकित्सकों से मरीज की वर्तमान स्थिति, अब तक किए गए उपचार और आगे की चिकित्सा योजना पर विस्तार से चर्चा की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि घायल अधिवक्ता के इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे निगरानी
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को निर्देश दिया कि घायल अधिवक्ता के इलाज की पूरी व्यवस्था उनकी निगरानी में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम को मरीज की 24 घंटे लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने कहा कि मरीज की स्वास्थ्य स्थिति में किसी भी तरह का बदलाव सामने आने पर तत्काल चिकित्सकीय निर्णय लिया जाए। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियमित रूप से मरीज की स्थिति का आकलन करने और आवश्यकता के अनुसार उपचार में बदलाव करने को कहा गया है।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं समय पर मिलें और उपचार के दौरान किसी भी तरह की परेशानी सामने न आए।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह से होगा उपचार
डीएम ने चिकित्सकों से कहा कि घायल अधिवक्ता की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के अनुसार इलाज किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर सभी जरूरी जांच तुरंत कराई जाएं।
उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मरीज के लिए जरूरी दवाएं, चिकित्सा उपकरण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी विशेष चिकित्सा सुविधा की जरूरत पड़ती है तो उसे भी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मरीज के परिजनों को उपचार से संबंधित किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अस्पताल प्रशासन को परिजनों के साथ समन्वय बनाए रखने और उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये की मदद
आकाशीय बिजली हादसे में घायल अधिवक्ता को जिला प्रशासन की ओर से तत्काल आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये की वित्तीय सहायता तत्काल प्रदान कर दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवार को उपचार के दौरान आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए उपलब्ध सरकारी प्रावधानों के तहत सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
चार लाख रुपये की तत्काल सहायता के अलावा अतिरिक्त राहत के लिए भी शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया है। इससे जरूरत पड़ने पर पीड़ित परिवार को आगे भी सरकारी सहायता मिलने का रास्ता खुला रहेगा।
अतिरिक्त सहायता के लिए शासन को भेजा प्रस्ताव
जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा राहत कोष से अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में शासन को प्रस्ताव प्रेषित कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि घायल अधिवक्ता और उनके परिवार को परिस्थितियों के अनुसार हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
डीएम ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि
पीड़ित परिवार को किसी भी स्तर पर अकेला महसूस नहीं होना चाहिए। प्रशासन की प्राथमिकता
घायल का बेहतर उपचार और परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
इलाज की प्रगति की नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपचार की
प्रगति पर भी जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से मरीज के स्वास्थ्य और
इलाज से संबंधित अपडेट नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा।
डीएम ने चिकित्सकों से मरीज की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी लेते हुए
आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मरीज की स्थिति की लगातार
निगरानी की जाए और किसी भी आकस्मिक बदलाव की स्थिति में तत्काल कदम उठाए जाएं।
हादसे के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय
राजघाट क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने के दौरान हुए हादसे में अधिवक्ता समेत
कई लोग प्रभावित हुए थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और
स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
हादसे के बाद जिला प्रशासन की ओर से राहत और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की लगातार
निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक
आवश्यक सहायता पहुंचाने और घायलों के इलाज में किसी तरह की बाधा न आने देने के निर्देश दिए गए हैं।
आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक आपदा अचानक सामने आती है और इसमें लोगों की
जान-माल को खतरा रहता है। ऐसे में घटना के बाद तत्काल राहत, सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना और
समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
‘पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है प्रशासन’
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की घटनाओं में
जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देना है।
उन्होंने कहा कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए
संबंधित अधिकारियों को पूरी तत्परता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि घायल अधिवक्ता के इलाज को लेकर
किसी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी। जरूरत के अनुसार चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के
साथ-साथ परिवार को प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
निष्कर्ष
गोरखपुर के राजघाट क्षेत्र में आकाशीय बिजली हादसे के बाद घायल अधिवक्ता का इलाज
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जारी है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अस्पताल पहुंचकर मरीज का हाल जाना और
चिकित्सकों को बेहतर इलाज के साथ 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये की
तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
अतिरिक्त सहायता के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा गया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि
घायल के उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और
पीड़ित परिवार को जरूरत के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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