UP News: ‘2017 से पहले ठेके पर होती थी नकल’, सीएम योगी ने गिनाए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव, सैफई महोत्सव पर भी साधा निशाना

Gorakhpur News: शिक्षक दिवस के मौके पर गोरखपुर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में नकल का कारोबार चल रहा था और परीक्षा पास कराने तक का कथित तौर पर ठेका लिया जाता था। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश के युवाओं के सामने अपनी पहचान को लेकर संकट खड़ा हो गया था।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए शिक्षकों की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के नवाचार और बेहतर प्रयासों से विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है।

शिक्षक सम्मान समारोह में पहुंचे सीएम योगी

गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों को सम्मानित किया। ऐसे शिक्षकों को मंच पर सम्मान मिला जिन्होंने पढ़ाई के नए तरीकों को अपनाया, विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए नए प्रयोग किए और स्कूलों में नामांकन बढ़ाने की दिशा में काम किया।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे बदलती तकनीक और नई शिक्षा पद्धतियों के साथ खुद को अपडेट करें, ताकि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके।

‘2017 से पहले ठेके पर होती थी नकल’

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों के समय की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश में नकल कराने का एक संगठित तरीका था और दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों को भी परीक्षा पास कराने का ठेका लिए जाने जैसी स्थिति थी।

सीएम के मुताबिक ऐसी व्यवस्था का सीधा असर उत्तर प्रदेश के मेहनती विद्यार्थियों पर पड़ता था। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं के सामने अपनी प्रतिभा और पहचान को लेकर संकट पैदा हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में काम किया गया है।

सैफई महोत्सव के खर्च को लेकर भी निशाना

सीएम योगी ने अपने भाषण में सैफई महोत्सव का भी जिक्र किया। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उस समय होने वाला खर्च शिक्षा के क्षेत्र में लगाया जाता तो प्रदेश के लाखों बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में उसका इस्तेमाल किया जा सकता था।

उन्होंने तंज करते हुए कहा कि जिस तरह बड़े आयोजनों और महंगे इंतजामों पर पैसा खर्च किया जाता था, उसी संसाधन से बच्चों की शिक्षा और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा सकता था।

बेसिक शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले बेसिक शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ था। उनके अनुसार पिछले वर्षों में स्कूलों की स्थिति सुधारने, आधारभूत सुविधाएं विकसित करने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

उन्होंने प्रोजेक्ट अलंकार का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत प्रदेश में

2,100 से अधिक विद्यालयों के भवनों को बेहतर बनाने का काम किया गया है।

सीएम ने कहा कि इस तरह के कार्य पहले भी किए जा सकते थे,

लेकिन उस समय सरकारों की प्राथमिकताएं अलग थीं।

AI और रोबोटिक्स से बदलेगा शिक्षा का तरीका

मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल

इंटेलिजेंस यानी AI, रोबोटिक्स और 3D तकनीक का महत्व तेजी से बढ़ने वाला है।

ऐसे में स्कूलों और शिक्षकों को इन तकनीकों की जानकारी हासिल करनी होगी।

विद्यार्थियों को भी तकनीकी बदलावों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है, ताकि वे भविष्य में रोजगार और

प्रतियोगिता के बदलते स्वरूप के साथ कदम मिला सकें।

शिक्षकों के नवाचार की मुख्यमंत्री ने की सराहना

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उन शिक्षकों की विशेष रूप से सराहना की जिन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए

नए प्रयोग किए। उन्होंने कहा कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना ही शिक्षक की जिम्मेदारी नहीं है,

बल्कि बच्चों में सीखने की रुचि पैदा करना और उनकी प्रतिभा को विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने अन्य शिक्षकों से भी ऐसे प्रयोगों से प्रेरणा लेने और स्कूलों में

विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षिक माहौल तैयार करने का आह्वान किया।

‘उत्तर प्रदेश का शिक्षा मॉडल देश देख रहा’

योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलाव अब देश के

सामने उदाहरण के रूप में देखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं के

साथ-साथ शिक्षण व्यवस्था को भी लगातार मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक, नवाचार और शिक्षकों के

समर्पित प्रयासों के जरिए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी बहस फिर तेज

गोरखपुर में मुख्यमंत्री के बयान के बाद प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और पिछली

सरकारों की नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। एक तरफ

योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में किए गए बदलावों और स्कूलों की सुविधाओं को

अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है, वहीं विपक्ष इन दावों पर अलग नजरिया रखता रहा है।

फिलहाल शिक्षक दिवस के मंच से मुख्यमंत्री का यह बयान उत्तर प्रदेश की

शिक्षा व्यवस्था, नकल पर रोक और स्कूलों में तकनीकी बदलाव को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

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