राकेश शर्मा की रिपोर्ट
विकास खंड उरुवा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय यशवंतपुर परिसर में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरिशंकरी का पौधरोपण किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से हुए इस पौधरोपण कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का नेतृत्व आरएसएस के प्रमुख कार्यकर्ता रमेश सिंह ने किया। इस दौरान खंड विकास अधिकारी उरुवा सत्य प्रकाश सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार सिंह, विद्यालय के शिक्षक रवि प्रकाश और आभा श्रीवास्तव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि एटीएम बाबा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विद्यालय के सैकड़ों बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल हुए। बच्चे एक पंक्ति में नंगे पांव खड़े होकर वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए हरिशंकरी के रोपण में सहभागी बने। धार्मिक वातावरण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया।
पीपल, पाकड़ और बरगद का त्रिवेणी स्वरूप है हरिशंकरी
विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक रवि प्रकाश ने कहा कि पीपल, पाकड़ और बरगद के पौधों के त्रिवेणी स्वरूप को हरिशंकरी कहा जाता है। इसका धार्मिक और
आध्यात्मिक महत्व होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे वृक्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन और
शुद्ध वातावरण उपलब्ध कराने में सहायक होंगे। विद्यालय परिसर में हरिशंकरी का रोपण होने से
विद्यार्थियों को भविष्य में छाया के साथ स्वच्छ और हरित वातावरण भी मिलेगा।
ग्रामीणों ने पहल की सराहना की
हरिशंकरी के पौधरोपण की ग्रामीणों ने सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि
विद्यालय परिसर में इस तरह के पौधरोपण से न केवल हरियाली बढ़ेगी,
बल्कि बच्चों और ग्रामीणों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी पैदा होगी।
उन्होंने कहा कि यदि गांव और आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से पौधरोपण किया जाए तो
पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में काफी मदद मिल सकती है। विद्यालय की इस पहल को स्थानीय
स्तर पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम माना गया।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा उनकी
देखभाल करने का संदेश दिया गया। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी
सामूहिक रूप से निभाने पर जोर दिया गया, ताकि पौधे सुरक्षित रहकर भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें
FAQ: यशवंतपुर विद्यालय में हरिशंकरी रोपण
1. यशवंतपुर विद्यालय में क्या कार्यक्रम आयोजित किया गया?
पूर्व माध्यमिक विद्यालय यशवंतपुर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हरिशंकरी का विधि-विधान से रोपण किया गया।
2. हरिशंकरी किसे कहा जाता है?
पीपल, पाकड़ और बरगद के त्रिवेणी स्वरूप को हरिशंकरी कहा जाता है।
3. हरिशंकरी का रोपण कहां किया गया?
हरिशंकरी का रोपण गोरखपुर जिले के विकास खंड उरुवा अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय यशवंतपुर परिसर में किया गया।
4. कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार सिंह, विद्यालय के शिक्षक, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, ग्रामीण और विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थी शामिल हुए।
5. हरिशंकरी के पौधरोपण का क्या महत्व है?
हरिशंकरी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी इसे महत्वपूर्ण माना जाता है। पेड़ वातावरण को हरित और स्वच्छ बनाए रखने में सहायक होते हैं।
6. पौधरोपण कार्यक्रम में विद्यार्थियों की क्या भूमिका रही?
विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए पौधरोपण कार्यक्रम में सहभागिता की और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
7. ग्रामीणों ने कार्यक्रम पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ग्रामीणों ने विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे गांव में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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