Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पुलिस ने विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ढखवा बाजार में पुलिस ने एक लाइसेंसी विस्फोटक भंडारण गोदाम का निरीक्षण किया तो वहां कोई सामग्री नहीं मिली। इसके बाद लाइसेंस धारक के आवास की जांच की गई, जहां लाइसेंस के तहत रखी जाने वाली विस्फोटक सामग्री और रेडीमेड पटाखे पाए गए।
पुलिस के अनुसार, आवासीय मकान आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है और वहां विस्फोटक सामग्री का भंडारण लाइसेंस की निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं था। मामले में पुलिस ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेते हुए लाइसेंस धारक और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।
लाइसेंसी गोदाम की जांच में सामने आया मामला
पुलिस के मुताबिक 31 अगस्त 2026 को सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ढखवा बाजार स्थित लाइसेंसी भंडारण गोदाम का निरीक्षण किया गया। यह गोदाम दयाशंकर पुत्र स्वर्गीय गंगा प्रसाद के नाम से लाइसेंसी बताया गया है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस को गोदाम पूरी तरह खाली मिला। इसके बाद अधिकारियों ने लाइसेंस धारक से इस संबंध में पूछताछ की। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने उसके आवासीय परिसर की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस को वहां विभिन्न प्रकार के रेडीमेड पटाखे और लाइसेंस के तहत भंडारित की जाने वाली सामग्री मिली।
आबादी वाले इलाके में घर के अंदर रखा था सामान
पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री दयाशंकर के आवासीय मकान में रखी हुई थी। पुलिस ने बताया कि मकान आबादी क्षेत्र में स्थित है।
जांच में यह बात सामने आने के बाद पुलिस ने इसे लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन से जुड़ा मामला माना। इसके बाद संबंधित सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि लाइसेंस की शर्तों के अलावा भंडारण, बिक्री और सामग्री की मात्रा से संबंधित अन्य नियमों का पालन हुआ था या नहीं।
पिता-पुत्र को पुलिस ने किया गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने दयाशंकर और उसके बेटे गणेशदत्त को गिरफ्तार किया है। दोनों की पहचान ढखवा बाजार, थाना सिकरीगंज, जनपद गोरखपुर निवासी के रूप में हुई है।
पुलिस ने बरामदगी और कार्रवाई के आधार पर सिकरीगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया है। दर्ज मुकदमे का नंबर मु0अ0सं0-250/2026 बताया गया है।
मामले में धारा 5/9 बी विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है।
घर से कई तरह के रेडीमेड पटाखे बरामद
पुलिस की तलाशी के दौरान आवासीय परिसर से अलग-अलग नामों और प्रकार के रेडीमेड पटाखे बरामद किए गए। बरामद सामग्री में Azad Party Paper के 2 अदद, JABBONG (PENTA कटा हुआ) के 2 अदद और CHIDAMBARAM PENTA के 3 अदद शामिल बताए गए हैं।
इसके अलावा Lion 1 Superstar के 2 अदद, Lion 2 के 2 अदद और Wonders के 2 अदद भी पुलिस ने बरामद किए।
तलाशी में मेहंदी द स्टार के 5 अदद, JHAKAAS के 3 अदद और BAHUBALI का 1 अदद भी मिला।
इन पटाखों की भी हुई बरामदगी
पुलिस के अनुसार तलाशी के दौरान JOY के 2 अदद, FLASH के 2 अदद और DIGITAL BUMB का 1 अदद बरामद किया गया।
इसके अलावा MORI CHAAP के 3 अदद और FLORALS का 1 अदद भी बरामदगी सूची में शामिल है।
पुलिस को परिसर के पास पड़े एक जूट के बोरे से Barat 60 Shot के 3 अदद रेडीमेड पटाखे भी मिले।
बरामद सामग्री को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
लाइसेंस होने के बावजूद क्यों हुई कार्रवाई?
इस मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि संबंधित व्यक्ति के पास विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़ा लाइसेंस बताया गया है। हालांकि पुलिस की कार्रवाई के अनुसार लाइसेंसी गोदाम में सामग्री रखने के बजाय उसे आवासीय परिसर में रखा गया था।
लाइसेंस जारी होने का मतलब यह नहीं होता कि संबंधित सामग्री को किसी भी स्थान पर रखा जा सकता है। भंडारण के लिए निर्धारित स्थान और लाइसेंस में दी गई शर्तों का पालन करना आवश्यक होता है।
पुलिस का आरोप है कि निर्धारित शर्तों के विपरीत आबादी वाले क्षेत्र में सामग्री रखी गई थी। इसी आधार पर कार्रवाई की गई।
पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है। इसमें लाइसेंस की शर्तें, भंडारण का स्थान, बरामद सामग्री और उसके रखे जाने की परिस्थितियां शामिल हैं।
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि बरामद सामग्री लाइसेंस के दायरे में थी या नहीं और
निर्धारित नियमों के अनुसार उसका भंडारण किया गया था या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।
विस्फोटक सामग्री के भंडारण में नियमों का पालन क्यों जरूरी?
विस्फोटक और आतिशबाजी से जुड़ी सामग्री का भंडारण सामान्य सामान की तरह नहीं किया जा सकता।
ऐसी सामग्री के लिए स्थान,
सुरक्षा व्यवस्था और अन्य निर्धारित शर्तों का पालन करना जरूरी होता है।
खास तौर पर आबादी वाले क्षेत्रों में इस तरह की सामग्री का
भंडारण सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय बन सकता है।
इसी कारण लाइसेंसधारकों को निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना पड़ता है।
गोरखपुर की यह कार्रवाई भी इसी पहलू को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस के अभियान के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि अपराधों पर नियंत्रण और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के क्रम में सिकरीगंज क्षेत्र में
लाइसेंसी विस्फोटक भंडारण स्थल का निरीक्षण किया गया।
गोदाम खाली मिलने के बाद आवास की जांच की गई और वहां सामग्री मिलने पर कार्रवाई की गई।
पुलिस का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
अब आगे क्या होगा?
पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
बरामद सामग्री को लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जांच के दौरान लाइसेंस से संबंधित दस्तावेज और भंडारण की परिस्थितियों की भी जांच की जाएगी।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
निष्कर्ष
गोरखपुर के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में लाइसेंसी विस्फोटक भंडारण
गोदाम खाली मिलने और आवासीय मकान में सामग्री पाए जाने के बाद पुलिस ने दयाशंकर और
उसके बेटे गणेशदत्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार
आवास आबादी क्षेत्र में स्थित है और वहां सामग्री रखना लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप नहीं था।
पुलिस ने विभिन्न प्रकार के रेडीमेड पटाखों को कब्जे में लिया है और विस्फोटक
अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह सामने आएगा कि लाइसेंस की
अन्य शर्तों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े नियमों का कितना पालन किया गया था।
FAQ: गोरखपुर विस्फोटक सामग्री मामले से जुड़े सवाल
1. गोरखपुर में पुलिस ने किस मामले में कार्रवाई की?
सिकरीगंज के ढखवा बाजार में लाइसेंसी विस्फोटक भंडारण से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई की।
निरीक्षण के दौरान लाइसेंसी गोदाम खाली मिला, जबकि सामग्री आवासीय परिसर में पाई गई।
2. पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
इस मामले में पुलिस ने दयाशंकर और उसके बेटे गणेशदत्त को गिरफ्तार किया है।
3. बरामद सामग्री कहां मिली?
पुलिस के अनुसार लाइसेंस धारक के आबादी वाले आवासीय मकान और
उसके पास से विभिन्न प्रकार के रेडीमेड पटाखे बरामद हुए।
4. लाइसेंसी गोदाम में क्या मिला?
पुलिस के निरीक्षण के दौरान लाइसेंसी भंडारण गोदाम खाली मिला।
5. पुलिस ने किस कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया है?
मामले में सिकरीगंज थाने में धारा 5/9 बी विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
6. बरामद सामग्री में क्या-क्या शामिल है?
पुलिस के अनुसार विभिन्न प्रकार के रेडीमेड पटाखे बरामद हुए हैं, जिनमें Azad Party Paper,
JABBONG, CHIDAMBARAM PENTA, Lion, Wonders, JHAKAAS, BAHUBALI, JOY, FLASH,
DIGITAL BUMB, MORI CHAAP और FLORALS आदि शामिल हैं।
7. क्या बरामद सामग्री पुलिस ने कब्जे में ले ली है?
हां, पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री को नियमानुसार कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
8. पुलिस अब क्या जांच कर रही है?
पुलिस लाइसेंस की शर्तों, भंडारण के स्थान, बरामद सामग्री और
मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है।
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