उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अस्पतालों को मरीजों के इलाज, जांच और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ में स्वाइन फ्लू को लेकर बढ़ी सतर्कता
उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी लखनऊ में पिछले दिनों सामने आए मामलों के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने अस्पतालों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। लखनऊ में स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आने के बाद अस्पतालों को संक्रमण की रोकथाम और मरीजों के उपचार के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
लखनऊ में स्वाइन फ्लू से जुड़ी स्थिति को देखते हुए अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सा इंतजाम मजबूत किए जा रहे हैं। संदिग्ध और संक्रमित मरीजों को अलग रखने तथा जरूरत पड़ने पर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
यूपी के दूसरे जिलों में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
स्वाइन फ्लू का खतरा केवल राजधानी तक सीमित नहीं है। मुरादाबाद, बस्ती समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, लखनऊ में 15 दिनों के भीतर आठ मामले सामने आए, जबकि मुरादाबाद और बस्ती में भी मरीजों की पुष्टि हुई है।
सहारनपुर समेत अन्य जिलों में भी अस्पतालों को संभावित मरीजों के उपचार के लिए जरूरी तैयारियां रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग का फोकस समय रहते मरीजों की पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने पर है।
अस्पतालों में क्या तैयारियां की जा रही हैं?
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, जांच और उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर मरीजों के लिए अलग वार्ड या आइसोलेशन व्यवस्था सक्रिय की जा सकती है।
स्वास्थ्य अधिकारियों को अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण के उपायों का पालन कराने और फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वाइन फ्लू में सामान्य तौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण लगातार बने रहने या स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न बरतें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और संक्रमण के लक्षण वाले व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचना उपयोगी सावधानियां हैं।
लखनऊ में महिला की मौत के बाद बढ़ी चिंता
लखनऊ में स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत की रिपोर्ट के बाद प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और बढ़ गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री स्तर से भी अस्पतालों में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य विभाग तथा जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का जोर लोगों में दहशत फैलाने के बजाय समय पर पहचान और उपचार की व्यवस्था मजबूत करने पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लू जैसे लक्षणों को शुरुआती स्तर पर पहचानना और चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें। खासतौर पर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोगों में फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
प्रदेश में बढ़ती निगरानी के बीच अब स्वास्थ्य विभाग की नजर नए मामलों की पहचान और अस्पतालों की तैयारियों पर बनी हुई है।