चंडीगढ़। हरियाणा में आगामी जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार जनगणना के दूसरे दौर में पहले की तुलना में करीब 10 हजार अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। वर्ष 2011 की जनगणना में जहां करीब 60 हजार कर्मचारियों की सेवाएं ली गई थीं, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग 70 हजार होने की संभावना है। जनगणना के दौरान इस बार लोगों से पहले के मुकाबले अधिक जानकारी जुटाई जाएगी और सवालों की संख्या 33 से बढ़कर 40 हो जाएगी।
एक फरवरी 2027 से शुरू होगा जनगणना का दूसरा दौर
हरियाणा में जनगणना का मुख्य कार्यक्रम 1 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलाया जाएगा। विभाग ने इसके लिए प्रशिक्षण और कर्मचारियों की तैनाती की प्रक्रिया का खाका तैयार कर लिया है। कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को देखते हुए नवंबर में सरकार से कर्मचारियों की सूची मांगे जाने की तैयारी है।
अधिकारियों के अनुसार जनगणना का काम समय पर पूरा करने के लिए इस बार कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया जा रहा है। सवालों की संख्या बढ़ने के कारण प्रत्येक परिवार से जानकारी जुटाने में पहले की तुलना में अधिक समय लग सकता है।
दिसंबर में शुरू होगी बड़े स्तर पर ट्रेनिंग
जनगणना के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा। सबसे पहले 46 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। इनमें जनगणना विभाग के 12 और राज्य स्तर से 34 प्रशिक्षक शामिल होंगे।
इन मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देने के बाद वे फील्ड में काम करने वाले करीब 888 प्रशिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे। इसके बाद यही प्रशिक्षक प्रदेश में जनगणना के काम में लगाए जाने वाले करीब 70 हजार कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम ब्लॉक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। विभाग की योजना है कि जनगणना का दूसरा दौर शुरू होने से करीब 20 दिन पहले सभी प्रशिक्षण पूरे कर लिए जाएं, ताकि फील्ड में उतरने वाले कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
पहले से किया गया दो ब्लॉकों में विशेष अभियान
जनगणना विभाग ने मुख्य अभियान शुरू होने से पहले प्रदेश के दो ब्लॉकों में विशेष अभियान चलाकर प्रक्रिया का परीक्षण भी किया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि लोगों से निर्धारित सवाल पूछने के दौरान फील्ड कर्मचारियों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
इन दोनों ब्लॉकों से मिली जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट में कुछ सुझाव और सिफारिशें भी शामिल की गई हैं, जिन्हें केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। इससे मुख्य जनगणना अभियान के दौरान आने वाली संभावित दिक्कतों को पहले से दूर करने में मदद मिलेगी।
एक परिवार की जनगणना में लग रहे करीब 45 मिनट
जनगणना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक एक परिवार की पूरी जनगणना प्रक्रिया में करीब 45 मिनट तक का समय लग सकता है। वर्ष 2011 में जहां 33 सवाल पूछे जाते थे, वहीं इस बार सवालों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है।
ऐसे में प्रत्येक परिवार से जानकारी जुटाने में लगने वाले समय को देखते हुए कर्मचारियों की संख्या और प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि निर्धारित अवधि में जनगणना का काम व्यवस्थित तरीके से पूरा हो।
आबादी के मामले में गुरुग्राम ने फरीदाबाद को पीछे छोड़ा
जनगणना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक हरियाणा की आबादी के आंकड़ों में भी महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। अब गुरुग्राम की आबादी फरीदाबाद से अधिक होने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि दोनों जिलों के ताजा आधिकारिक आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि गुरुग्राम और फरीदाबाद की आबादी में अंतर फिलहाल कुछ हजार का हो सकता है। अंतिम स्थिति आधिकारिक आंकड़े जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
2011 के मुकाबले बढ़ी हरियाणा की आबादी और परिवारों की संख्या
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार हरियाणा की आबादी करीब 2.53 करोड़ थी। अब प्रदेश की आबादी 3.20 करोड़ से अधिक होने का अनुमान बताया जा रहा है।
इसी तरह परिवारों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2011 में प्रदेश में करीब 48 लाख परिवार थे, जो अब बढ़कर लगभग 66 लाख हो चुके हैं।
क्या बदलेगा जनगणना 2027 में?
जनगणना के दूसरे दौर की शुरुआत 1 फरवरी 2027 से होगी।
मुख्य कार्यक्रम 1 से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा।
हरियाणा में करीब 70 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लग सकती है।
पिछली जनगणना के मुकाबले करीब 10 हजार अधिक कर्मचारी लगाए जाएंगे।
सवालों की संख्या 33 से बढ़कर 40 होगी।
प्रशिक्षण की शुरुआत दिसंबर में चरणबद्ध तरीके से होगी।
पहले 46 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे।
इसके बाद करीब 888 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
लगभग 70 हजार फील्ड कर्मचारियों को ब्लॉक स्तर पर ट्रेनिंग दी जाएगी।
जनगणना शुरू होने से करीब 20 दिन पहले प्रशिक्षण पूरा करने का लक्ष्य है।