राम मंदिर में कर्मचारियों पर बढ़ी सख्ती, फेस रिकग्निशन से लगेगी हाजिरी; कैमरों से एंट्री से निकास तक निगरानी

अयोध्या: राम मंदिर से जुड़े परिसरों में कर्मचारियों की निगरानी और उपस्थिति व्यवस्था को अब पहले से ज्यादा सख्त कर दिया गया है। चढ़ावे से जुड़ी चोरी के मामले की जांच के बीच कर्मचारियों की ड्यूटी और आवाजाही पर विशेष नजर रखी जा रही है। अब कर्मचारियों की हाजिरी केवल रजिस्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि कैमरों के जरिए फेस रिकग्निशन यानी चेहरे की पहचान से भी उपस्थिति दर्ज की जा रही है।

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को ड्यूटी पर पहुंचते समय कैमरे के सामने फेस रीडिंग करानी होगी। ड्यूटी पूरी होने के बाद परिसर से बाहर निकलते समय भी चेहरे की पहचान के जरिए रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है। इसके साथ ही आने और जाने का समय रजिस्टर में भी दर्ज किया जा रहा है। इस दोहरी व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों की उपस्थिति और ड्यूटी से जुड़ी गतिविधियों का सटीक रिकॉर्ड रखना है।

चढ़ावे से जुड़े मामले के बाद बढ़ी निगरानी

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच के बीच प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। मंदिर और उससे जुड़े परिसरों में काम करने वाले कर्मचारियों की गतिविधियों पर पहले की तुलना में ज्यादा नजर रखी जा रही है।

नई व्यवस्था में कर्मचारियों की उपस्थिति, समय पर ड्यूटी पहुंचना और ड्यूटी पूरी करने के बाद परिसर से निकलना तक रिकॉर्ड किया जा रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारियों की आवाजाही का पूरा डिजिटल और लिखित रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।

फेस रिकग्निशन से दर्ज होगी हाजिरी

नई व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण बात फेस रिकग्निशन सिस्टम है। कर्मचारी जब ड्यूटी पर पहुंचेंगे तो कैमरे के माध्यम से उनकी पहचान दर्ज की जाएगी। इसी तरह ड्यूटी समाप्त होने पर बाहर निकलते समय भी फेस रीडिंग की जाएगी।

इससे कर्मचारी के ड्यूटी पर पहुंचने और निकलने का समय रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा। साथ ही रजिस्टर में भी आने-जाने का समय लिखा जा रहा है। इस तरह डिजिटल और मैनुअल दोनों रिकॉर्ड के आधार पर कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी की जा रही है।

मंदिर परिसर के अलावा इन जगहों पर भी कैमरे

निगरानी की व्यवस्था केवल मुख्य राम मंदिर परिसर तक सीमित नहीं है। रामघाट कार्यशाला, तीर्थ यात्री सेवा केंद्र, तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र और रामनिवास जैसे अन्य महत्वपूर्ण परिसरों में भी कैमरे लगाए गए हैं।

इन कैमरों के माध्यम से कर्मचारियों की उपस्थिति और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इससे प्रशासन को अलग-अलग परिसरों में तैनात कर्मचारियों की ड्यूटी और आवाजाही पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी।

देर से आने और ड्यूटी से गायब रहने पर नोटिस

नई व्यवस्था के तहत ड्यूटी में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। अगर कोई कर्मचारी लगातार देर से पहुंचता है या ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है तो उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है।

ऐसे कर्मचारियों से उनकी गैरहाजिरी या देरी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। यदि कर्मचारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो आगे कार्रवाई की जा सकती है। फेस रीडिंग और रजिस्टर में दर्ज समय को कर्मचारियों की उपस्थिति का आधार बनाया जा रहा है।

करीब 1,000 कर्मचारी दे रहे सेवाएं

राम मंदिर और उससे जुड़े विभिन्न कार्यों में बड़ी संख्या में कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर की अलग-अलग व्यवस्थाओं में करीब 1,000 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।

इनमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से करीब 300 कर्मचारी शामिल हैं। ये कर्मचारी तीर्थयात्रियों की सुविधा से लेकर विभिन्न प्रशासनिक और सेवा संबंधी व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था के लिए SIS के 300 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात बताए गए हैं। मंदिर में 35 से अधिक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी भी सेवाएं दे रहे हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी को देखते हुए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

प्रवेश से लेकर निकास तक निगरानी

नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कर्मचारियों की निगरानी केवल ड्यूटी के दौरान नहीं बल्कि प्रवेश और निकास दोनों स्तरों पर की जा रही है।

कर्मचारी कब परिसर में पहुंचा, कब ड्यूटी शुरू की और कब बाहर निकला, इसका रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर किसी तरह की अस्पष्टता कम करने में मदद मिल सकती है।

फेस रिकग्निशन के साथ रजिस्टर में समय दर्ज होने से प्रशासन के पास कर्मचारियों की उपस्थिति की दोहरी जानकारी उपलब्ध रहेगी।

चढ़ावा चोरी मामले की जांच भी जारी

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच भी चल रही है। इसी पृष्ठभूमि में मंदिर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस मामले में विशेष जांच टीम की जांच जारी है। इससे पहले दान की गिनती की प्रक्रिया में भी

सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। दान गिनने वाले स्थान पर प्रवेश,

सुरक्षा जांच और कर्मचारियों की निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया था।

प्रशासनिक व्यवस्था में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल

फेस रिकग्निशन आधारित हाजिरी व्यवस्था से मंदिर प्रशासन कर्मचारियों की उपस्थिति का

डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर सकता है। इससे समय पर ड्यूटी नहीं पहुंचने, अनुपस्थित रहने या निर्धारित समय से

पहले निकलने जैसी गतिविधियों की पहचान करना आसान हो सकता है।

बड़े धार्मिक परिसर में जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी काम करते हैं,

वहां ऐसी तकनीकी निगरानी व्यवस्था प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा सकती है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था पर भी जोर

राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर की सुरक्षा और

कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को व्यवस्थित रखना बेहद महत्वपूर्ण है।

नई निगरानी व्यवस्था का एक उद्देश्य कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाना भी माना जा रहा है।

कैमरों और फेस रिकग्निशन के माध्यम से ड्यूटी से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने से प्रशासन को

कर्मचारियों की गतिविधियों की निगरानी करने में सहायता मिलेगी।

निष्कर्ष

अयोध्या के राम मंदिर और उससे जुड़े परिसरों में कर्मचारियों की

निगरानी व्यवस्था को अब और मजबूत किया गया है। फेस रिकग्निशन के जरिए हाजिरी दर्ज करने के

साथ कर्मचारियों के आने-जाने का समय रजिस्टर में भी दर्ज किया जा रहा है।

रामघाट कार्यशाला, तीर्थ यात्री सेवा केंद्र, तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र और रामनिवास समेत

कई स्थानों पर कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। ड्यूटी में देरी या लगातार

अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को नोटिस भी दिया जा रहा है। यह बदलाव चढ़ावे से

जुड़े मामले की जांच के बीच मंदिर प्रशासन की बढ़ी हुई सतर्कता को दर्शाता है।FAQ

1. राम मंदिर में कर्मचारियों की हाजिरी कैसे दर्ज होगी?

कर्मचारियों की उपस्थिति कैमरे के जरिए फेस रिकग्निशन से दर्ज की जा रही है।

इसके साथ रजिस्टर में आने और जाने का समय भी दर्ज किया जा रहा है।

2. क्या कर्मचारियों की एंट्री और एग्जिट दोनों रिकॉर्ड होगी?

हां। ड्यूटी पर पहुंचने और ड्यूटी पूरी करके बाहर निकलने के समय भी फेस रीडिंग की व्यवस्था की गई है।

3. राम मंदिर के किन परिसरों में कैमरे लगाए गए हैं?

मुख्य परिसर के अलावा रामघाट कार्यशाला, तीर्थ यात्री सेवा केंद्र,

तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र और रामनिवास में भी कैमरे लगाए गए हैं।

4. देर से आने वाले कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होगी?

लगातार देरी या ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ

नोटिस जारी किया जा रहा है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई की जा सकती है।

5. राम मंदिर में कितने कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं में करीब

1,000 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें ट्रस्ट के करीब 300 कर्मचारी शामिल हैं।

6. राम मंदिर में सुरक्षा कर्मियों की संख्या कितनी है?

रिपोर्ट के अनुसार SIS के 300 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

इसके अलावा 35 से अधिक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी भी सेवाएं दे रहे हैं।

7. कर्मचारियों पर निगरानी क्यों बढ़ाई गई है?

चढ़ावे से जुड़े चोरी के मामले की जांच के बीच कर्मचारियों की उपस्थिति, ड्यूटी और

आवाजाही पर निगरानी को मजबूत किया गया है।

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