लखनऊ। बुद्धेश्वर मंदिर के पास कांवड़ियों के सड़क पर उतरने से कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। कांवड़ियों ने मंदिर से जुड़े एक मामले को लेकर नाराजगी जताते हुए पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे कांवड़ियों ने कई वर्षों से लगी चांदी की परत को हटाने की मांग उठाई।
सड़क पर जुटे कांवड़िए, यातायात हुआ प्रभावित
मिली जानकारी के अनुसार, कांवड़िए अपनी मांग को लेकर बुद्धेश्वर मंदिर के पास सड़क पर एकत्र हो गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़क पर आने से मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। कांवड़ियों ने अपनी मांग को लेकर प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की और विरोध जताया।
चांदी की परत हटाने की मांग को लेकर नाराजगी
कांवड़ियों का कहना था कि मंदिर में कई वर्षों से चढ़ी चांदी की परत को हटाने की उनकी मांग पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली। विरोध के दौरान कांवड़ियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
स्थिति की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कांवड़ियों से बातचीत कर उनकी बात सुनी और मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
अधिकारियों से बातचीत के बाद कांवड़ियों ने अपना विरोध समाप्त किया और
वापस लौटने लगे। इस दौरान कांवड़ियों ने सड़क किनारे पेड़ पर
जल अर्पित किया। इसके बाद वे दुखी मन से वापस लौट गए।
कांवड़ियों के हटने के बाद सड़क पर यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हुई।
प्रशासन की ओर से स्थिति को संभालने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाया गया,
जिससे मामला आगे बढ़ने से पहले ही शांत हो गया।
पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जताई नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान कांवड़ियों में पुलिस और प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दी।
श्रद्धालुओं ने अपनी मांग को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद कांवड़ियों ने फिलहाल अपना विरोध समाप्त कर दिया।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में
यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में इस तरह की स्थिति सामने आने पर प्रशासन के सामने
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करने की भी चुनौती रहती है।
फिलहाल शांत हुआ मामला
फिलहाल अधिकारियों के आश्वासन के बाद कांवड़िए वापस लौट गए और मौके पर
स्थिति शांत हो गई। स्थानीय स्तर पर अब लोगों की
नजर प्रशासन की आगे की कार्रवाई और कांवड़ियों की मांग के समाधान पर बनी हुई है।