Asian Games 2026: एथलेटिक्स टीम में 72 खिलाड़ी, पहली बार पुरुषों से ज्यादा महिला एथलीट; यशवीर और सेल्वाप्रभु बाहर

Asian Games 2026: जापान के आयची-नगोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारत की एथलेटिक्स टीम का ऐलान हो गया है। भारतीय एथलेटिक्स दल में कुल 72 खिलाड़ी शामिल किए गए हैं, जिनमें 38 महिला और 34 पुरुष एथलीट हैं। यह पहली बार है जब एशियाड के लिए चुनी गई भारतीय एथलेटिक्स टीम में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक है। वहीं राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीत चुके यशवीर सिंह और सेल्वाप्रभु को इस बार टीम में जगह नहीं मिली है।

एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आयची और नगोया में होना है। भारत की एथलेटिक्स टीम से इस बार भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। पिछले एशियाई खेलों में एथलेटिक्स ने भारत के पदक अभियान में अहम भूमिका निभाई थी और अब टीम का लक्ष्य उस प्रदर्शन को और बेहतर करना होगा।

पहली बार पुरुषों से ज्यादा महिला एथलीट

भारतीय एथलेटिक्स टीम में इस बार महिला खिलाड़ियों की संख्या खास तौर पर चर्चा में है। कुल 72 खिलाड़ियों में 38 महिलाएं और 34 पुरुष हैं। यानी पुरुषों के मुकाबले चार अधिक महिला एथलीट टीम में शामिल की गई हैं।

यह भारतीय एथलेटिक्स के बदलते परिदृश्य को भी दिखाता है। ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है। एशियाई स्तर पर भारत की पदक उम्मीदों में महिला एथलीटों की भूमिका इस बार काफी अहम रहने वाली है।

नीरज चोपड़ा समेत पांच पुराने स्वर्ण पदक विजेता टीम में

भारतीय टीम में पिछले एशियाई खेलों के पांच स्वर्ण पदक विजेताओं को फिर मौका मिला है। इनमें नीरज चोपड़ा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों से एक बार फिर पदक की उम्मीद रहेगी।

भाला फेंक में नीरज चोपड़ा भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीदों में शामिल होंगे। वहीं लंबी दूरी और मध्यम दूरी की स्पर्धाओं में पारुल चौधरी तथा अविनाश साबले से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

पिछले एशियाई खेलों में भारत ने एथलेटिक्स में छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य सहित कुल 29 पदक जीते थे। यही वजह है कि 2026 के एशियाड में भी एथलेटिक्स को भारत के सबसे मजबूत पदक क्षेत्रों में गिना जा रहा है।

यशवीर सिंह को क्यों नहीं मिली जगह?

राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले जेवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह का टीम से बाहर होना सबसे ज्यादा चर्चा में है। यशवीर ने ग्लासगो में 85 मीटर से अधिक की दूरी तक भाला फेंककर कांस्य पदक हासिल किया था।

ऐसे प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि उन्हें एशियन गेम्स की टीम में स्थान मिल सकता है। लेकिन चयन ट्रायल में रोहित यादव ने 87 मीटर से अधिक का प्रदर्शन किया और उन्हें यशवीर पर प्राथमिकता दी गई। एक स्पर्धा में अधिकतम दो भारतीय खिलाड़ियों को उतारने की सीमा के कारण टीम में यशवीर के लिए जगह नहीं बन सकी।

यह चयन बताता है कि एशियाई खेलों की टीम चुनते समय ट्रायल में प्रदर्शन को काफी महत्व दिया गया है।

सेल्वाप्रभु भी टीम से बाहर

ट्रिपल जंप के राष्ट्रमंडल पदक विजेता सेल्वाप्रभु भी भारतीय एथलेटिक्स टीम में जगह नहीं बना पाए हैं। ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रवेल और कार्तिक उन्नीकृष्णन को टीम में शामिल किया गया है।

सेल्वाप्रभु का बाहर होना भी चयन को लेकर चर्चा का विषय है, लेकिन टीम में स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों ने ट्रायल और चयन प्रक्रिया में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर अपनी जगह बनाई है।

अन्नू रानी को मिला एक और मौका

पिछले एशियाई खेलों की महिला भाला फेंक स्वर्ण पदक विजेता अन्नू रानी को भी टीम में शामिल किया गया है। हालांकि इस बार उनका प्रदर्शन अपेक्षित स्तर पर नहीं रहा है।

अन्नू रानी ने भुवनेश्वर में 56.74 मीटर का प्रदर्शन किया था, जबकि एशियाई खेलों के लिए निर्धारित क्वालिफाइंग मार्क 57.62 मीटर है। इसलिए टीम में चयन के बावजूद उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर यह मानक हासिल करना होगा।

यह अन्नू रानी के लिए अपने पुराने स्तर को फिर हासिल करने का बड़ा अवसर होगा।

पारुल चौधरी पर भी रहेंगी निगाहें

पारुल चौधरी भारतीय एथलेटिक्स टीम की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पारुल इस बार 3000 मीटर स्टीपलचेज, 1500 मीटर और 5000 मीटर में हिस्सा लेंगी।

एक से अधिक स्पर्धाओं में भाग लेने के कारण पारुल से भारत को कई पदक अवसरों की उम्मीद रहेगी। उनकी फिटनेस और प्रतियोगिता के दिन का प्रदर्शन भारत के पदक अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

गुलवीर सिंह से भी बड़ी उम्मीद

पुरुषों की लंबी दूरी की स्पर्धाओं में गुलवीर सिंह पर भी नजर रहेगी। वह 5000 और 10000 मीटर स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। लंबी दूरी की दौड़ में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

इसके अलावा 4×400 मीटर रिले में भी भारत ने मजबूत खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। राजेश रमेश, टीके विशाल, जय कुमार, मनु, धर्मवीर चौधरी और मोहम्मद अशफाक को टीम में रखा गया है। हांगझोउ में भारत ने इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया था, इसलिए इस बार भी उम्मीदें बड़ी हैं।

पुरुषों की 4×100 मीटर रिले टीम नहीं

इस बार भारतीय एथलेटिक्स टीम की एक खास बात यह भी है कि पुरुषों की 4×100 मीटर रिले टीम को एशियाई खेलों के लिए नहीं उतारा जा रहा है। हालांकि शुरुआती लंबी सूची में इस रिले टीम का नाम शामिल था, लेकिन अंतिम टीम में इसे जगह नहीं मिली।

चयन प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उपलब्ध विकल्पों के आधार पर टीम को अंतिम रूप दिया गया है।

हांगझोउ एशियाड में एथलेटिक्स का शानदार प्रदर्शन

पिछले एशियाई खेलों में भारतीय एथलेटिक्स टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। भारत ने कुल

29 एथलेटिक्स पदक जीते थे, जिनमें छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य शामिल थे।

पूरे एशियाड में भारत ने 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य सहित कुल 107 पदक हासिल किए थे और

पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था।

इस बार भारत की कोशिश अपने पिछले प्रदर्शन को और आगे ले जाने की होगी।

2026 एशियन गेम्स में क्या है भारत की चुनौती?

2026 के एशियन गेम्स में भारतीय एथलीटों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने

पिछले प्रदर्शन को दोहराने के साथ-साथ नए पदक जीतने की होगी।

जापान में होने वाली प्रतियोगिता में एशिया के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

भारत के लिए एथलेटिक्स पदक तालिका को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम रहेगा।

नीरज चोपड़ा जैसे अनुभवी खिलाड़ी जहां पदक के बड़े दावेदार होंगे,

वहीं युवा एथलीटों के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर होगा।

महिला एथलीटों की अधिक संख्या इस बार टीम की एक खास विशेषता है।

इससे संकेत मिलता है कि भारत की महिला एथलेटिक्स में गहराई बढ़ी है।

चयन से क्या संदेश मिला?

भारतीय एथलेटिक्स टीम के चयन से एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी निकलता है कि नाम और

पिछली उपलब्धियों के साथ मौजूदा प्रदर्शन को भी महत्व दिया जा रहा है। यशवीर सिंह और सेल्वाप्रभु

जैसे राष्ट्रमंडल पदक विजेताओं को जगह नहीं मिलना इसका उदाहरण है।

वहीं अन्नू रानी को पिछले एशियाई खेलों की उपलब्धि के आधार पर मौका दिया गया है,

लेकिन उनसे क्वालिफाइंग मार्क हासिल करने की अपेक्षा भी रहेगी।

यानी टीम में जगह मिलने के बाद भी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से पहले

अपने प्रदर्शन को साबित करने की चुनौती रहेगी।

निष्कर्ष

Asian Games 2026 के लिए भारत की 72 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में 38 महिला और

34 पुरुष खिलाड़ी हैं। यह पहली बार है जब भारतीय एथलेटिक्स दल में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक हुई है।

नीरज चोपड़ा, पारुल चौधरी, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर और अन्नू रानी

जैसे पिछले एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को टीम में जगह मिली है।

वहीं राष्ट्रमंडल पदक विजेता यशवीर सिंह और सेल्वाप्रभु चयन से बाहर रहे हैं।

अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजर 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों पर होगी।

एथलेटिक्स में पिछले प्रदर्शन को देखते हुए भारत को इस बार भी कई पदकों की उम्मीद है।

FAQ:

1. एशियन गेम्स 2026 में भारत की एथलेटिक्स टीम में कितने खिलाड़ी हैं?
भारत की एथलेटिक्स टीम में कुल 72 खिलाड़ी शामिल हैं।

2. टीम में महिला और पुरुष खिलाड़ियों की संख्या कितनी है?
टीम में 38 महिला और 34 पुरुष एथलीट हैं।

3. क्या नीरज चोपड़ा Asian Games 2026 में खेलेंगे?
हां, नीरज चोपड़ा को भारतीय एथलेटिक्स टीम में शामिल किया गया है। वह जेवलिन थ्रो में

भारत की बड़ी पदक उम्मीद होंगे।

4. यशवीर सिंह को टीम में क्यों नहीं चुना गया?
यशवीर को ट्रायल में रोहित यादव से बेहतर प्रदर्शन नहीं करने के कारण टीम में जगह नहीं मिली।

रोहित ने ट्रायल में 87 मीटर से अधिक का थ्रो किया था।

5. क्या अन्नू रानी टीम में हैं?
हां, अन्नू रानी को टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उन्हें एशियाई खेलों से

पहले निर्धारित क्वालिफाइंग मार्क पार करना होगा।

6. Asian Games 2026 कब शुरू होंगे?
एशियाई खेल 19 सितंबर 2026 से जापान के आयची-नगोया में शुरू होंगे और 4 अक्टूबर तक चलेंगे।

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