टीवी स्क्रीन से खेतों तक का सफर
1987 में प्रसारित हुई ऐतिहासिक टीवी सीरियल रामायण भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय धारावाहिकों में गिनी जाती है। इस धारावाहिक ने न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया बल्कि इसके कलाकारों को भी अमर पहचान दिलाई। भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की भूमिकाएं निभाने वाले कलाकार आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। रामायण में लक्ष्मण का किरदार निभाकर घर-घर में प्रसिद्ध हुए अभिनेता सुनील लहरी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका अभिनय नहीं बल्कि खेतीबाड़ी है। अभिनय की दुनिया में वर्षों तक सक्रिय रहने के बाद अब वे खेती के जरिए एक नई पहचान बना रहे हैं।
रिटायरमेंट की उम्र में चुना प्रकृति का साथ
जहां अधिकांश लोग 60 वर्ष की उम्र के बाद आरामदायक जीवन बिताना पसंद करते हैं, वहीं 65 वर्षीय सुनील लहरी ने खेती को अपने जीवन का अहम हिस्सा बना लिया है। वे अपने फार्महाउस में समय बिताते हैं और विभिन्न प्रकार की फसलों की देखभाल करते हैं। उनका मानना है कि प्रकृति के करीब रहना जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाता है। खेती के जरिए वे न केवल खुद को सक्रिय रख रहे हैं बल्कि दूसरों को भी प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
खेतों में उगा रहे हैं सब्जियां, फल और काजू
सुनील लहरी अपने फार्महाउस में कई प्रकार की मौसमी सब्जियां उगाते हैं। इसके अलावा उन्होंने अनेक फलदार पौधे भी लगाए हैं, जिनकी देखभाल वे स्वयं करते हैं। खास बात यह है कि वे काजू की खेती पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। काजू की खेती सामान्य तौर पर कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ही की जाती है, लेकिन आधुनिक तकनीकों और सही प्रबंधन के जरिए इसे अन्य स्थानों पर भी सफल बनाया जा सकता है। सुनील लहरी का यह प्रयास कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
सोशल मीडिया पर दिखाते हैं खेती की झलक
अभिनेता सुनील लहरी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं। वे अक्सर अपने खेतों और बगीचों से जुड़े वीडियो तथा तस्वीरें साझा करते हैं। इन पोस्टों में उन्हें पौधों की देखभाल करते, खेतों में काम करते और खेती से जुड़ी जानकारियां देते हुए देखा जा सकता है। उनके प्रशंसक इस नए रूप को काफी पसंद कर रहे हैं और उनकी सादगी तथा मेहनत की सराहना कर रहे हैं।
खेती से मिलती है मानसिक शांति
सुनील लहरी का कहना है कि खेती केवल आय का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति का भी एक बड़ा माध्यम है। फिल्म और टीवी इंडस्ट्री की व्यस्त जिंदगी के बाद खेतों में बिताया गया समय उन्हें सुकून देता है। मिट्टी से जुड़ाव और पौधों की देखभाल उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करती है। यही कारण है कि वे अपना अधिकतर समय फार्महाउस में बिताना पसंद करते हैं।
युवाओं को दे रहे हैं आत्मनिर्भरता का संदेश
अभिनेता का मानना है कि भारत में कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। यदि युवा आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर खेती करें तो वे बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं। वे युवाओं को कृषि और बागवानी के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे मजबूत बनाना देश के विकास के लिए बेहद जरूरी है।
फैंस कर रहे हैं जमकर तारीफ
रामायण के लक्ष्मण को खेतों में मेहनत करते देखकर उनके प्रशंसक बेहद खुश हैं।
सोशल मीडिया पर लोग उनकी सादगी, मेहनत और प्रकृति प्रेम की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
कई लोग उन्हें प्रेरणा का स्रोत बता रहे हैं और कह रहे हैं कि
उन्होंने साबित कर दिया है कि जीवन के किसी भी पड़ाव पर नई शुरुआत की जा सकती है।
अभिनय से आगे बढ़कर बना रहे नई पहचान
सुनील लहरी ने अपने अभिनय से करोड़ों लोगों का दिल जीता था और
अब खेतीबाड़ी के जरिए समाज को सकारात्मक संदेश दे रहे हैं।
उनकी यह पहल बताती है कि सफलता केवल प्रसिद्धि तक सीमित नहीं होती,
बल्कि समाज और प्रकृति के साथ जुड़कर भी एक सार्थक जीवन जिया जा सकता है।
खेती के प्रति उनका समर्पण लोगों को नई दिशा और प्रेरणा दे रहा है।
रामायण में लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले सुनील लहरी का खेती की ओर रुख करना उन
लोगों के लिए प्रेरणादायक है जो प्रकृति से जुड़कर स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवन जीना चाहते हैं।
65 वर्ष की उम्र में सब्जियां, फल और काजू उगाकर वे यह साबित कर रहे हैं कि मेहनत,
जुनून और सकारात्मक सोच के साथ किसी भी उम्र में नई शुरुआत की जा सकती है।
उनका यह सफर बताता है कि जीवन में सीखने और आगे बढ़ने की कोई उम्र नहीं होती।
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