मऊ में दर्दनाक हादसा: महिला को बचाने गए पिता-पुत्र की करंट लगने से मौत, गांव में मातम

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। एक महिला टुल्लू पंप में उतरे करंट की चपेट में आ गई। महिला को बचाने के लिए दौड़े पिता और पुत्र भी बिजली के संपर्क में आ गए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

टुल्लू पंप में उतरा करंट बना मौत की वजह

जानकारी के अनुसार घर में लगे टुल्लू पंप में अचानक करंट उतर आया। इसी दौरान एक महिला उसकी चपेट में आ गई। महिला को तड़पता देख परिवार के लोग उसे बचाने के लिए दौड़े। लेकिन मदद करने की कोशिश में पिता और पुत्र भी करंट की चपेट में आ गए।

बचाने की कोशिश में चली गई दो जिंदगियां

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। महिला को बचाने की कोशिश कर रहे पिता और बेटे को जोरदार करंट लगा। आसपास मौजूद लोगों ने बिजली आपूर्ति बंद कर उन्हें अलग करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

गांव में पसरा मातम

हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार बेहद मेहनती और सम्मानित था, इसलिए इस घटना से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।

महिला की हालत गंभीर

घटना में घायल महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। प्रशासन भी मामले पर नजर बनाए हुए है।

बिजली सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद घरेलू बिजली उपकरणों और

टुल्लू पंप की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली से चलने वाले उपकरणों में अर्थिंग और सुरक्षा मानकों का

पालन बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की

आवश्यकता है। करंट लगने की स्थिति में सीधे संपर्क करने के बजाय मुख्य

बिजली आपूर्ति बंद करना और सुरक्षित तरीके अपनाना जरूरी होता है।

मऊ का यह हादसा बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक है। एक महिला को

बचाने की कोशिश में पिता और पुत्र ने अपनी जान गंवा दी। यह घटना न केवल परिवार के लिए

अपूरणीय क्षति है, बल्कि बिजली सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चेतावनी देती है।

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद आवश्यक है।

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