बरेली के सीबीगंज में
बरेली में छात्रा हत्याकांड से सनसनी
Bareilly के सीबीगंज इलाके में डीएलएड छात्रा नीतू की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी अशोक को रविवार रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की पूरी साजिश और वजह का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक यह हत्या एकतरफा प्यार और सनक की वजह से की गई।
दोस्ती को प्यार समझ बैठा आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अशोक और नीतू की पहचान करीब छह साल पुरानी थी। दोनों की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी। नीतू आरोपी को सिर्फ एक दोस्त की तरह मानती थी, लेकिन अशोक उसके प्रति बेहद जुनूनी हो गया था। वह नीतू पर अपना अधिकार जताता था और उससे शादी करना चाहता था।
परीक्षा के दौरान बना हत्या का प्लान
आरोपी ने पुलिस को बताया कि डीएलएड परीक्षा के दौरान नीतू अपना मोबाइल फोन उसे देकर परीक्षा केंद्र के अंदर जाती थी और वह बाहर इंतजार करता था। 13 और 14 मई को जब मोबाइल उसके पास रहा तो उसमें कुछ लड़कों के कॉल, मैसेज और तस्वीरें देखीं। हालांकि तस्वीरें सामान्य थीं, लेकिन वह नीतू को किसी और लड़के के साथ देख नहीं पा रहा था। तभी उसके मन में हत्या का विचार आया।
रास्ते में हुआ झगड़ा, फिर ले ली जान
15 मई को अंतिम परीक्षा के बाद नीतू जब आरोपी की बाइक पर बैठी तो उसने मोबाइल में मिले मैसेज और फोटो को लेकर सवाल पूछना शुरू कर दिया। इस बात को लेकर दोनों के बीच रास्ते में विवाद हुआ। आरोपी ने गुस्से में दो बार नीतू को बाइक से गिरा दिया, जिससे उसके घुटनों और कोहनी में चोट लग गई।
फरीदपुर इलाके में दोनों का झगड़ा देखकर आसपास लोग भी इकट्ठा हो गए थे, लेकिन नीतू ने मामला संभाल लिया और आपसी विवाद बताकर फिर आरोपी के साथ चली गई।
16 मई को गला घोंटकर की हत्या
पुलिस के अनुसार 16 मई को आरोपी अशोक ने नीतू की गला घोंटकर हत्या कर दी और
शव को सीबीगंज के झुमका चौराहे के पास खेत में फेंककर फरार हो गया।
बाद में पुलिस को खेत में छात्रा का शव मिला। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
सीसीटीवी और लोकेशन से आरोपी तक पहुंची पुलिस
हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और
कॉल डिटेल्स खंगालीं। जांच में आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं।
इसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश
आरोपी अशोक ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी की। उसने नीतू के मोबाइल में
मौजूद कुछ लड़कों के नंबर और नाम परिवार को बताए, जिससे पुलिस का शक दूसरी दिशा में चला गया।
इसी दौरान हल्द्वानी निवासी एक युवक हरेंद्र को भी हिरासत में लिया गया, लेकिन जांच में वह निर्दोष निकला।
मौसा के घर रहती थी छात्रा
पुलिस के मुताबिक नीतू इन दिनों अपने मौसा के घर आलोक नगर में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
उसके मौसा रोज उसे सेटेलाइट चौराहे तक छोड़ते थे,
जहां से आरोपी उसे बाइक पर लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाता था।
