उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के गोरखपुर दौरे के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई। बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर से शहर का निरीक्षण करते समय मुख्यमंत्री की नजर कई इलाकों में फैले कूड़े के बड़े ढेरों पर पड़ी। शहर के प्रमुख मार्गों और खाली पड़ी जमीनों पर जमा गंदगी देखकर उन्होंने नाराजगी जताई।
मुख्यमंत्री की नाराजगी सामने आते ही नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सफाई कर्मचारियों और अधिकारियों की टीमें सक्रिय कर दी गईं। कई इलाकों में तुरंत सफाई अभियान शुरू कर दिया गया।
नगर निगम अधिकारियों की बढ़ी मुश्किलें
मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद नगर निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। लंबे समय से शहर में कूड़ा निस्तारण और सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमित सफाई नहीं होने की वजह से मोहल्लों में बदबू और गंदगी लगातार बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद प्रशासन अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सफाई व्यवस्था सुधारने का दावा कर रहा है। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि शहर में कहीं भी कूड़े का ढेर दिखाई नहीं देना चाहिए।
शहर की छवि पर असर डाल रही गंदगी
Gorakhpur को पूर्वांचल का प्रमुख शहर माना जाता है और यहां हर दिन हजारों लोग आते-जाते हैं। ऐसे में शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखना प्रशासनिक लापरवाही माना जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वच्छता अभियान के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। कई इलाकों में नालियां जाम हैं और खुले में कचरा फेंका जा रहा है। इससे बीमारी फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
सफाई व्यवस्था सुधारने के दिए गए निर्देश
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम को कूड़ा उठाने की व्यवस्था मजबूत करने, डंपिंग पॉइंट्स की निगरानी बढ़ाने और शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।
इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन अब पूरे शहर में सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहा है।
अधिकारियों में मचा हड़कंप
मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद नगर निगम कार्यालय में बैठकों का दौर शुरू हो गया। कई इलाकों में अतिरिक्त मशीनें लगाकर कूड़े के ढेर हटाने का काम तेजी से शुरू किया गया।
अधिकारियों को आशंका है कि अगर जल्द हालात नहीं सुधरे तो जिम्मेदार कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
यही वजह है कि अब पूरे शहर में अचानक सफाई अभियान तेज हो गया है।
जनता ने उठाए बड़े सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे के समय ही सफाई व्यवस्था क्यों सुधरती है।
आम दिनों में शहर के कई वार्डों में गंदगी बनी रहती है। नागरिकों ने मांग की कि
नगर निगम स्थायी समाधान निकाले ताकि शहर साफ-सुथरा और प्रदूषण मुक्त बन सके।
लोगों का कहना है कि यदि नियमित मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी तय हो तो ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होगी।
स्वच्छता अभियान की खुली पोल
गोरखपुर में सामने आया यह मामला सरकारी स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत भी दिखाता है।
एक ओर शहर को स्मार्ट और स्वच्छ बनाने की योजनाएं चलाई जा रही हैं,
वहीं दूसरी ओर खुले में पड़े कूड़े के ढेर प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद अब देखने वाली बात होगी कि
नगर निगम कितनी तेजी से हालात सुधार पाता है और
शहर को साफ रखने के लिए क्या स्थायी कदम उठाए जाते हैं।
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर सर्वे के दौरान दिखाई दिए कूड़े के ढेर ने
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। CM योगी की नाराजगी के बाद
प्रशासन में हड़कंप मच गया और शहरभर में सफाई अभियान तेज कर दिया गया।
गोरखपुर की सफाई व्यवस्था, नगर निगम की लापरवाही और स्वच्छता अभियान की सच्चाई
अब चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गई है। यह खबर सोशल मीडिया पर
तेजी से वायरल हो रही है और लोग प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
🔥 देश-दुनिया, राजनीति, अपराध, वायरल और बड़ी अपडेट्स सबसे पहले पाने के लिए अभी हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें।
📢 खबर पसंद आए तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सच और
जरूरी जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंच सके।
⚡ हर छोटी-बड़ी ब्रेकिंग न्यूज, वायरल वीडियो और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
सबसे पहले देखने के लिए नोटिफिकेशन ऑन करना बिल्कुल न भूलें।
🙏 आपका एक शेयर और एक सब्सक्राइब हमें मजबूत और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए प्रेरित करता है।
